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Budaun News: जिले में बढ़ रहे जच्चा-बच्चा की मौत के मामले, झोलाछाप पर शिकंजा नहीं
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बदायूं हास्पिटल को सील करवाते डिप्टी सीएमओ डॉ. तहसीन। संवाद
बदायूं। बदायूं हॉस्पिटल समेत पिछले दस दिनों में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत के पांच मामले सामने आ चुके हैं। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग झोलाछाप और अवैध रूप से संचालित अस्पतालों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। हालात यह हैं कि प्रसव के दौरान महिला या नवजात की मौत होने और परिजनों के हंगामा करने के बाद ही स्वास्थ्य विभाग सक्रिय होता है। तब जांच और कार्रवाई शुरू होती है।
जिले के कस्बों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक निजी अस्पतालों और प्रसव केंद्रों का संचालन हो रहा है। इनमें 150 के करीब अस्पताल पंजीकृत हैं, जबकि काफी संख्या में लंबे समय से बिना पंजीकरण के ही अस्पताल संचालित हो रहे हैं, जिसकी वजह से इन अस्पतालों में आवश्यक सुविधाओं, प्रशिक्षित चिकित्सकों और सुरक्षित प्रसव की व्यवस्था को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
बावजूद इसके समय रहते ऐसे केंद्रों की जांच और अनियमितताओं पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इसका खामियाजा मरीजों और उनके परिजनों को उठाना पड़ सकता है। हाल ही में सहसवान में सेवा अस्पताल में जज्जा-बच्चा की मौत हो गई थी। राधा रानी हेल्थ केयर सेंटर में महिला की मौत हो गई।
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सोमवार को बिल्सी नगर के कोतवाली मोड़ स्थित राज नर्सिंग होम में जज्जा-बच्चा की मौत हो गई। कई घटनाएं होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और निजी अस्पतालों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। नियमित जांच, अस्पतालों के पंजीकरण का सत्यापन और अप्रशिक्षित लोगों के प्रसव कराने पर रोक लगाने जैसे कदम जरूरी हैं।
सीएमओ डॉ. विकास शर्मा ने बताया कि विभाग की ओर से लगातार अवैध रूप से संचालित अस्पतालों पर कार्रवाई की जा रही है। राधा रानी हेल्थ केयर सेंटर को सील कराया गया है। संचालक के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई है। सहसवान में पिछले दिनों सेवा अस्पताल को सील कराया था।
बिल्सी रोड पर जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम के पास संचालित बदायूं हॉस्पिटल में मृतका मोनी देवी के शव का पोस्टमॉर्टम कराया है। प्रारंभिक जांच कराते हुए रिपोर्ट सीएमओ को भेजी गई है। सीएमओ के स्तर से ही आगे की कार्रवाई बदायूं हॉस्पिटल के संचालकों पर की जाएगी। मृतका के परिजनों की ओर से मिली तहरीर पर मामले की जांच कराई जा रही है। -सुमेध, मिलिंद जाधव, सीओ सिटी
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जिले के कस्बों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक निजी अस्पतालों और प्रसव केंद्रों का संचालन हो रहा है। इनमें 150 के करीब अस्पताल पंजीकृत हैं, जबकि काफी संख्या में लंबे समय से बिना पंजीकरण के ही अस्पताल संचालित हो रहे हैं, जिसकी वजह से इन अस्पतालों में आवश्यक सुविधाओं, प्रशिक्षित चिकित्सकों और सुरक्षित प्रसव की व्यवस्था को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
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बावजूद इसके समय रहते ऐसे केंद्रों की जांच और अनियमितताओं पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इसका खामियाजा मरीजों और उनके परिजनों को उठाना पड़ सकता है। हाल ही में सहसवान में सेवा अस्पताल में जज्जा-बच्चा की मौत हो गई थी। राधा रानी हेल्थ केयर सेंटर में महिला की मौत हो गई।
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सोमवार को बिल्सी नगर के कोतवाली मोड़ स्थित राज नर्सिंग होम में जज्जा-बच्चा की मौत हो गई। कई घटनाएं होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और निजी अस्पतालों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। नियमित जांच, अस्पतालों के पंजीकरण का सत्यापन और अप्रशिक्षित लोगों के प्रसव कराने पर रोक लगाने जैसे कदम जरूरी हैं।
सीएमओ डॉ. विकास शर्मा ने बताया कि विभाग की ओर से लगातार अवैध रूप से संचालित अस्पतालों पर कार्रवाई की जा रही है। राधा रानी हेल्थ केयर सेंटर को सील कराया गया है। संचालक के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई है। सहसवान में पिछले दिनों सेवा अस्पताल को सील कराया था।
बिल्सी रोड पर जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम के पास संचालित बदायूं हॉस्पिटल में मृतका मोनी देवी के शव का पोस्टमॉर्टम कराया है। प्रारंभिक जांच कराते हुए रिपोर्ट सीएमओ को भेजी गई है। सीएमओ के स्तर से ही आगे की कार्रवाई बदायूं हॉस्पिटल के संचालकों पर की जाएगी। मृतका के परिजनों की ओर से मिली तहरीर पर मामले की जांच कराई जा रही है। -सुमेध, मिलिंद जाधव, सीओ सिटी