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Budaun News: मैनुअल फिटनेस शुरू, अब नहीं जाना पड़ेगा वाहन लेकर बरेली
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एआरटीओ ऑफिस के पास इसी जगह पर होती थी फिटनेस की जांच। संवाद
बदायूं। जिले में वाहनों की फिटनेस की सुविधा दिसंबर 2025 के आसपास बंद हो गई थी। इसके चलते ई-रिक्शा चालकों और स्कूल बस चालकों को फिटनेस कराने में दिक्कतें आ रहीं थीं। शासन के आदेश पर एटीएस सेंटर बरेली में ही चालकों को वाहनों की फिटनेस कराने भेजा जा रहा था।अब नए आदेश के मुताबिक, 31 दिसंबर 2026 तक जिले में पहले की तरह ही मैन्युल ढंग से वाहनों की फिटनेस जांच पुन: शुरू हो गई है। इसके लिए परिवहन विभाग के पोर्टल पर फीस कटनी शुरू हो गई है।
जिले में करीब एक हजार वाहनों की फिटनेस होनी है, जो बरेली जाने के चक्कर में नहीं हो पा रही थी। अब आदेश के बाद जिले में ही मैनुअल फिटनेस की सुविधा शुरू कर दी है।
एआरटीओ कार्यालय में फिटनेस की व्यवस्था होने से जिले के वाहन स्वामियों को बड़ी राहत मिली है। अब उन्हें 50 किमी दूर बरेली नहीं जाना पड़ेगा। ई-रिक्शा चालक नरेंद्र ने बताया ई रिक्शा का बरेली जाकर फिटनेस कराना संभव नहीं था। इतनी दूरी तक जाने में बैटरी खत्म हो जाती है। इसलिए ई-रिक्शा चालक फिटनेस नहीं करा पा रहे थे। इसके कारण कई चालकों के चालान भी हो रहे थे।
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एआरटीओ हरिओम ने बताया कि जिले में मैनुअल फिटनेस करने का शासनादेश प्राप्त हो चुका है। पोर्टल पर फीस कटाने के बाद वाहनों की फिटनेस होनी शुरू हो जाएगी। ट्रक, बस, टैक्सी, ई-रिक्शा समेत सभी कॉमर्शियल वाहनों की फिटनेस अब यहीं होगी।
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जिले में करीब एक हजार वाहनों की फिटनेस होनी है, जो बरेली जाने के चक्कर में नहीं हो पा रही थी। अब आदेश के बाद जिले में ही मैनुअल फिटनेस की सुविधा शुरू कर दी है।
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एआरटीओ कार्यालय में फिटनेस की व्यवस्था होने से जिले के वाहन स्वामियों को बड़ी राहत मिली है। अब उन्हें 50 किमी दूर बरेली नहीं जाना पड़ेगा। ई-रिक्शा चालक नरेंद्र ने बताया ई रिक्शा का बरेली जाकर फिटनेस कराना संभव नहीं था। इतनी दूरी तक जाने में बैटरी खत्म हो जाती है। इसलिए ई-रिक्शा चालक फिटनेस नहीं करा पा रहे थे। इसके कारण कई चालकों के चालान भी हो रहे थे।
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एआरटीओ हरिओम ने बताया कि जिले में मैनुअल फिटनेस करने का शासनादेश प्राप्त हो चुका है। पोर्टल पर फीस कटाने के बाद वाहनों की फिटनेस होनी शुरू हो जाएगी। ट्रक, बस, टैक्सी, ई-रिक्शा समेत सभी कॉमर्शियल वाहनों की फिटनेस अब यहीं होगी।