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Budaun News: मशीन खराब, खून की जांच ठप, रोजाना लौटाए जा रहे 300 से अधिक मरीज
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बदायूं। सीबीसी जांच मशीन खराब होने से खून की जांच नहीं हो पा रही। सात दिन से लोग परेशान हो रहे हैं। हर रोज 300 सौ से अधिक मरीज बिना जांच के लौटाए जा रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में एक दिन में 800-1000 तक मरीज पहुंचते हैं। इसमें औसतन तीन सौ मरीजों में किसी को ब्लड शुगर की जांच करानी होती है तो किसी को कंप्लीट ब्लड काउंट (सीबीसी)। एक सप्ताह पहले सीबीसी जांच मशीन खराब हो गई, जिसे ठीक कराने में स्वास्थ्य विभाग लगा है। अगर यही मरीज प्राइवेट पैथॉलाजी में जाते हैं तो शुगर के 100 और सीबीसी के 300 रुपये लिए जा रहे हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है वे परेशान हो रहे हैं।
मशीन खराब होने के बाद न तो वैकल्पिक इंतजाम किए गए और न ही मरीजों को यह स्पष्ट तौर पर बताया गया कि कब तक खून की जांच होगी। इसलिए मरीज आते हैं। ओपीडी में पर्चा बनवाते हैं और डाॅक्टर को दिखाते हैं फिर पैथालॉजी तक जाते हैं और वहां से बिना जांच किए ही लौटा दिए जाते हैं।
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सोमवार अपराह्न सीएमएस डॉ. कप्तान सिंह ने कहा कि मशीन में खराबी थी उसे ठीक कराया गया था। अब खराबी स्टैबलाइजर में निकली है। नया स्टैबलाइजर लगवा रहे हैं। इस बीच दूसरे भवन में पैथॉलाजी 10 मई तक शिफ्ट हो जाएगी और सभी तरह की जांच पूर्ववत सुचारू तरीके से होने लगेंगी।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में एक दिन में 800-1000 तक मरीज पहुंचते हैं। इसमें औसतन तीन सौ मरीजों में किसी को ब्लड शुगर की जांच करानी होती है तो किसी को कंप्लीट ब्लड काउंट (सीबीसी)। एक सप्ताह पहले सीबीसी जांच मशीन खराब हो गई, जिसे ठीक कराने में स्वास्थ्य विभाग लगा है। अगर यही मरीज प्राइवेट पैथॉलाजी में जाते हैं तो शुगर के 100 और सीबीसी के 300 रुपये लिए जा रहे हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है वे परेशान हो रहे हैं।
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मशीन खराब होने के बाद न तो वैकल्पिक इंतजाम किए गए और न ही मरीजों को यह स्पष्ट तौर पर बताया गया कि कब तक खून की जांच होगी। इसलिए मरीज आते हैं। ओपीडी में पर्चा बनवाते हैं और डाॅक्टर को दिखाते हैं फिर पैथालॉजी तक जाते हैं और वहां से बिना जांच किए ही लौटा दिए जाते हैं।
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सोमवार अपराह्न सीएमएस डॉ. कप्तान सिंह ने कहा कि मशीन में खराबी थी उसे ठीक कराया गया था। अब खराबी स्टैबलाइजर में निकली है। नया स्टैबलाइजर लगवा रहे हैं। इस बीच दूसरे भवन में पैथॉलाजी 10 मई तक शिफ्ट हो जाएगी और सभी तरह की जांच पूर्ववत सुचारू तरीके से होने लगेंगी।