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Budaun News: मेडिकल कॉलेज में फेफड़ों की हो सकेगी धुलाई, मशीन लगी
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मेडिकल कॉलेज में वीडियो ब्रोंकोस्कोप का उद्घाटन करते प्राचार्य डॉ. अरुण कुमार। स्रोत-मेडिकल कॉल
- फोटो : udhampur news
बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज के क्षय रोग विभाग में बुधवार को वीडियो ब्रोंकोस्कोपी मशीन (ब्रोंकोस्कोप) का शुभारंभ हो गया। इस मशीन से फेफड़ों की धुलाई की जा सकेगी। अब तक इस जांच के लिए बरेली व अन्य जगह जाना पड़ता था।
टीवी एंड चेस्ट के विभागाध्यक्ष डॉ. कोमल लोहचब ने बताया कि ब्रोंकोस्कोपी मशीन से फेफड़ों जांच की जा सकेगी। इसके माध्यम से टीबी (क्षय रोग), फेफड़ों के कैंसर, विदेशी कण निकालने, फेफड़ों की धुलाई व अन्य श्वसन संबंधी रोगों की सटीक जांच हो सकेगी।
प्रधानाचार्य डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि क्षय रोग विभाग में एक नए विशेषज्ञ डॉक्टर की नियुक्ति की गई है। इससे अब विभाग में अनुभवी चिकित्सकों की पूरी टीम उपलब्ध है। उद्घाटन समारोह में डॉ. नेहा सिंह, डॉ. सुचेता यादव, डॉ. आकांक्षा, डॉ. अभिलाष यादव, डॉ. विपिन कुमार (टीबी एवं चेस्ट), डॉ. आदित्य शर्मा, डॉ. सुशान, डॉ. रोहित, डॉ. अक्षय सहित अन्य चिकित्सक एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहा।
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ऐसे काम करती है मशीन
ब्रोंकोस्कोपी एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें ब्रोंकोस्कोप नामक एक पतली, रोशनी वाली ट्यूब का उपयोग करके फेफड़ों के वायुमार्ग को सीधे देखा जाता है। ब्रोंकोस्कोप को नाक या मुंह में डाला जाता है और इसे गले और श्वास नली (ट्रेकिया) से होते हुए वायुमार्ग में ले जाया जाता है।ब्रोंकोस्कोप दो प्रकार के लचीले और कठोर होते हैं। लचीला ब्रोंकोस्कोप मुड़ने योग्य होता है। डॉक्टर को वायुमार्ग में आसानी से ले जाने में मदद करता है। कठोर ब्रोंकोस्कोप एक ठोस ट्यूब होती है। इसका उपयोग कुछ विशेष प्रक्रियाओं के लिए किया जाता है, जैसे कि वायुमार्ग में फंसी किसी बड़ी वस्तु को निकालना।
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टीवी एंड चेस्ट के विभागाध्यक्ष डॉ. कोमल लोहचब ने बताया कि ब्रोंकोस्कोपी मशीन से फेफड़ों जांच की जा सकेगी। इसके माध्यम से टीबी (क्षय रोग), फेफड़ों के कैंसर, विदेशी कण निकालने, फेफड़ों की धुलाई व अन्य श्वसन संबंधी रोगों की सटीक जांच हो सकेगी।
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प्रधानाचार्य डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि क्षय रोग विभाग में एक नए विशेषज्ञ डॉक्टर की नियुक्ति की गई है। इससे अब विभाग में अनुभवी चिकित्सकों की पूरी टीम उपलब्ध है। उद्घाटन समारोह में डॉ. नेहा सिंह, डॉ. सुचेता यादव, डॉ. आकांक्षा, डॉ. अभिलाष यादव, डॉ. विपिन कुमार (टीबी एवं चेस्ट), डॉ. आदित्य शर्मा, डॉ. सुशान, डॉ. रोहित, डॉ. अक्षय सहित अन्य चिकित्सक एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहा।
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ऐसे काम करती है मशीन
ब्रोंकोस्कोपी एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें ब्रोंकोस्कोप नामक एक पतली, रोशनी वाली ट्यूब का उपयोग करके फेफड़ों के वायुमार्ग को सीधे देखा जाता है। ब्रोंकोस्कोप को नाक या मुंह में डाला जाता है और इसे गले और श्वास नली (ट्रेकिया) से होते हुए वायुमार्ग में ले जाया जाता है।ब्रोंकोस्कोप दो प्रकार के लचीले और कठोर होते हैं। लचीला ब्रोंकोस्कोप मुड़ने योग्य होता है। डॉक्टर को वायुमार्ग में आसानी से ले जाने में मदद करता है। कठोर ब्रोंकोस्कोप एक ठोस ट्यूब होती है। इसका उपयोग कुछ विशेष प्रक्रियाओं के लिए किया जाता है, जैसे कि वायुमार्ग में फंसी किसी बड़ी वस्तु को निकालना।