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Budaun News: दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास
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बदायूं। सामूहिक दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट दीपक यादव ने मुख्य दोषी को आजीवन कारावास तो सहयोगी महिला को दस वर्ष की सजा सुनाई गई है। मुजरिम पर 56 हजार व महिला पर 26 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए पूरी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने थाना पुलिस को दी गई तहरीर में बताया था कि ममता, पिंटू, मुकेश और कपिल 19 फरवरी 2015 को रात करीब दस बजे उसके घर में घुस आए और उसकी नाबालिग बेटी को जबरन खींचकर जंगल की ओर ले गए।
तीन लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपियों को जेल भेजने के साथ ही पीड़िता के कोर्ट में बयान दर्ज कराए गए। पुलिस ने दुष्कर्म की धारा के साथ पॉक्सो एक्ट की धारा में रिपोर्ट दर्ज करते हुए विवेचना उपनिरीक्षक अजय कुमार यादव को सौंपी। विवेचक ने घटना से संबंधित सभी साक्ष्यों को एकत्र कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
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इस मामले में एक आरोपी ने अपनी पत्रावली अलग करा ली जबकि एक आरोपी की मौत हो गई। मामला कोर्ट में विचाराधीन था। इंस्पेक्टर गौरव विश्नोई ने ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत इसे चिह्नित किया। कोर्ट ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन कर अभियोजन पक्ष से विशेष लोक अभियोजक अमोल जौहरी व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुना। इसके बाद बृहस्पतिवार को कोर्ट ने पिंटू को आजीवन करावास और महिला ममता को दस वर्ष की सजा सुनाई।
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सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने थाना पुलिस को दी गई तहरीर में बताया था कि ममता, पिंटू, मुकेश और कपिल 19 फरवरी 2015 को रात करीब दस बजे उसके घर में घुस आए और उसकी नाबालिग बेटी को जबरन खींचकर जंगल की ओर ले गए।
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तीन लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपियों को जेल भेजने के साथ ही पीड़िता के कोर्ट में बयान दर्ज कराए गए। पुलिस ने दुष्कर्म की धारा के साथ पॉक्सो एक्ट की धारा में रिपोर्ट दर्ज करते हुए विवेचना उपनिरीक्षक अजय कुमार यादव को सौंपी। विवेचक ने घटना से संबंधित सभी साक्ष्यों को एकत्र कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
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इस मामले में एक आरोपी ने अपनी पत्रावली अलग करा ली जबकि एक आरोपी की मौत हो गई। मामला कोर्ट में विचाराधीन था। इंस्पेक्टर गौरव विश्नोई ने ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत इसे चिह्नित किया। कोर्ट ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन कर अभियोजन पक्ष से विशेष लोक अभियोजक अमोल जौहरी व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुना। इसके बाद बृहस्पतिवार को कोर्ट ने पिंटू को आजीवन करावास और महिला ममता को दस वर्ष की सजा सुनाई।