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Budaun News: जोखिम में जान... फाटक बंद फिर भी नहीं मानते बाइक सवार
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उझानी में अढौली फाटक पर बैरियर के नीचे से बाइक निकालता युवक। संवाद
उझानी। रेलवे का फाटक बंद होने के बाद भी युवक बैरियर के नीचे से बाइक निकालने से गुरेज नहीं करते। ऐसा कोई एक दिन नहीं होता। आसपास के लोग रोजाना है जल्दबाजी के चक्कर में ऐसा करते हैं।
अढौली फाटक से होकर रविवार अपराह्न मालगाड़ी निकली तो गेटमैन ने इलेक्ट्रॉनिक बेरियर लगा दिया। इसके बाद भी दो-तीन युवक अपनी बाइकें बैरियर के नीचे से निकालने लगे। गेटमैन ने उन्हें टोका तो भी युवक नहीं माने। चश्मदीदों में वीरेश ने बताया कि ऐसे में अगर बाइक फंस जाए तो उसे ट्रेन की चपेट में आने से बचाया नहीं जा सकता।
अढौली के अलावा गोशाला और बरेली-मथुरा हाईवे पर छतुइया रेल फाटक पर भी बाइक सवार बैरियर के नीचे से निकलते नजर आ जाते हैं। जल्दबाजी में उन्हें अपनी जान की ख्याल नहीं रहता। इसी वजह से अढौली फाटक का इलेक्ट्रॉनिक बेरियर तीन महीना पहले खराब भी हो गया था। उसे रेलवे के इंजीनियरों ने आकर ठीक किया था। पिछले दिनों गोशाला फाटक के गेटमैन ने स्टेशन अधीक्षक को भी अवगत कराया था। उसने यहां तक कहा था कि बैरियर के नीचे से बाइक निकालते समय किसी को भी मना करो तो वह बिफर पड़ता है।
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जल्दबाजी में उड़ गए थे बाइक के परखच्चे
कांवड़ यात्रा के दौरान छतुइया रेल फाटक बंद होने पर बाइक सवार एक युवक ने करीब डेढ़ सौ मीटर दूर जाकर ट्रैक को पार करने की कोशिश की थी। पहिया फंस जाने से जब वह आगे नहीं बढ़ा पाया तो उसे बाइक ट्रैक पर ही छोड़कर भागना पड़ गया था। ट्रेन आने पर बाइक के परखच्चे उड़ गए थे। आरपीएफ के दरोगा ने मौके पर आकर बाइक के परखच्चे इकट्ठे किए थे।
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अढौली फाटक से होकर रविवार अपराह्न मालगाड़ी निकली तो गेटमैन ने इलेक्ट्रॉनिक बेरियर लगा दिया। इसके बाद भी दो-तीन युवक अपनी बाइकें बैरियर के नीचे से निकालने लगे। गेटमैन ने उन्हें टोका तो भी युवक नहीं माने। चश्मदीदों में वीरेश ने बताया कि ऐसे में अगर बाइक फंस जाए तो उसे ट्रेन की चपेट में आने से बचाया नहीं जा सकता।
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अढौली के अलावा गोशाला और बरेली-मथुरा हाईवे पर छतुइया रेल फाटक पर भी बाइक सवार बैरियर के नीचे से निकलते नजर आ जाते हैं। जल्दबाजी में उन्हें अपनी जान की ख्याल नहीं रहता। इसी वजह से अढौली फाटक का इलेक्ट्रॉनिक बेरियर तीन महीना पहले खराब भी हो गया था। उसे रेलवे के इंजीनियरों ने आकर ठीक किया था। पिछले दिनों गोशाला फाटक के गेटमैन ने स्टेशन अधीक्षक को भी अवगत कराया था। उसने यहां तक कहा था कि बैरियर के नीचे से बाइक निकालते समय किसी को भी मना करो तो वह बिफर पड़ता है।
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जल्दबाजी में उड़ गए थे बाइक के परखच्चे
कांवड़ यात्रा के दौरान छतुइया रेल फाटक बंद होने पर बाइक सवार एक युवक ने करीब डेढ़ सौ मीटर दूर जाकर ट्रैक को पार करने की कोशिश की थी। पहिया फंस जाने से जब वह आगे नहीं बढ़ा पाया तो उसे बाइक ट्रैक पर ही छोड़कर भागना पड़ गया था। ट्रेन आने पर बाइक के परखच्चे उड़ गए थे। आरपीएफ के दरोगा ने मौके पर आकर बाइक के परखच्चे इकट्ठे किए थे।