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Budaun News: डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी से बचने का पढ़ाया पाठ
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जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में शिक्षक-शिक्षिकाओं को साइबर ठगी से बचने की जानकारी देते एक
बदायूं। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच मंगलवार को साइबर क्राइम थाना पुलिस ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में प्रशिक्षु शिक्षक-शिक्षिकाओं को साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक किया। अभियान में खासतौर पर डिजिटल अरेस्ट, पहचान चोरी और निवेश व ट्रेडिंग के नाम पर होने वाली ठगी से बचने के तरीके बताए गए।
साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार वर्धन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने प्रशिक्षु क्षकों को बताया कि साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। इनमें पुलिस या अन्य सरकारी विभाग का अधिकारी बनकर डराना, डिजिटल अरेस्ट के नाम पर दबाव बनाना, निवेश में अधिक मुनाफे का लालच देना और पहचान संबंधी जानकारी हासिल करना शामिल है। पुलिस ने ऐसे मामलों में सतर्क रहने और किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर ऑनलाइन लेनदेन नहीं करने की सलाह दी।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि बैंक खाता संख्या, एटीएम पिन, ओटीपी और सीवीवी जैसी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने और संदिग्ध एप डाउनलोड करने से भी बचने को कहा गया। बताया कि साइबर ठगी होने पर तत्काल कार्रवाई जरूरी है। पीड़ित तुरंत 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत की जा सकती है। अभियान में उपनिरीक्षक रजत यादव, आरक्षी निपेंद्र यादव, पंकज कुमार, महिला आरक्षी प्रियंका तोमर समेत साइबर क्राइम थाना पुलिस टीम के सदस्य मौजूद रहे।
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साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार वर्धन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने प्रशिक्षु क्षकों को बताया कि साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। इनमें पुलिस या अन्य सरकारी विभाग का अधिकारी बनकर डराना, डिजिटल अरेस्ट के नाम पर दबाव बनाना, निवेश में अधिक मुनाफे का लालच देना और पहचान संबंधी जानकारी हासिल करना शामिल है। पुलिस ने ऐसे मामलों में सतर्क रहने और किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर ऑनलाइन लेनदेन नहीं करने की सलाह दी।
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पुलिस ने स्पष्ट किया कि बैंक खाता संख्या, एटीएम पिन, ओटीपी और सीवीवी जैसी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने और संदिग्ध एप डाउनलोड करने से भी बचने को कहा गया। बताया कि साइबर ठगी होने पर तत्काल कार्रवाई जरूरी है। पीड़ित तुरंत 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत की जा सकती है। अभियान में उपनिरीक्षक रजत यादव, आरक्षी निपेंद्र यादव, पंकज कुमार, महिला आरक्षी प्रियंका तोमर समेत साइबर क्राइम थाना पुलिस टीम के सदस्य मौजूद रहे।
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