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Budaun News: लेखपालों ने ऑनलाइन कार्यों का किया बहिष्कार, जाति, मूल निवास और आय प्रमाणपत्र बनना बंद
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बिल्सी तहसील में बहिष्कार की जानकारी देते लेखपाल। संवाद
बदायूं। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने आठ सूत्री मांगों को लेकर ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार शुरू कर दिया है। इसके साथ ही लेखपालों ने सरकारी व्हाट्सएप ग्रुप भी छोड़ दिए हैं। इस वजह से जनपद में प्रतिदिन बनने वाले प्रमाणपत्रों में आय के 500, जाति के 1000, मूल निवास के 800, ईडब्ल्यूएस के 100 आवेदन लंबित हो गए हैं। इनके साथ वरासत रिपोर्ट, फार्मर रजिस्ट्री का काम भी प्रभावित है। इन कार्यों के बंद होने से हजारों आवेदक परेशान होने लगे हैं।
जिले में 1037 ग्राम पंचायतों का जिम्मा 350 लेखपालों पर है। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर आंदोलन के अगले चरण में बृहस्पतिवार से जनपद की पांचों तहसीलों में लेखपालों ने लेखपाल स्तर पर संपादित किए जाने वाले विभिन्न ऑनलाइन कार्यों का पूर्ण बहिष्कार शुरू कर दिया।
तहसील बदायूं में लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष भोजराज सिंह व जिला मंत्री कमल कुमार सिंह, सत्येंद्रपाल एवं कुलदीप भारद्वाज के नेतृत्व में लेखपालों ने सरकारी व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ दिए हैं। आय, जाति एवं निवास प्रमाणपत्र, वरासत रिपोर्ट, फार्मर रजिस्ट्रेशन, विभिन्न प्रकार के सत्यापन सहित अन्य ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार शुरू कर दिया है।
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ये हैं मांगें
ग्रेड पे 2800 लागू करने, वेतन विसंगति दूर करने और लंबित अंतर-मंडलीय स्थानांतरण शुरू करने, वर्ष 2025-26 के लिए डीपीसी (पदोन्नति) की कार्यवाही पूरी करने, 2024 के नवनियुक्त लेखपालों का स्थायीकरण करने, स्टेशनरी भत्ता 500 रुपये, वाहन भत्ता 1500 रुपये और विशेष भत्ता 1000 रुपये करने, डिजिटल कार्यों के लिए लेखपाल पद को ''''''''टेक्निकल पद'''''''' घोषित कर लैपटॉप/मोबाइल देने, ग्राम सचिवालयों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने व अतिरिक्त एवं प्रभारी कार्यों के बोझ से मुक्ति दिलाने की मांगें शामिल हैं।
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मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
बिल्सी। बिल्सी शाखा के अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने बताया कि सभी लेखपालों ने तहसील प्रशासनिक और विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ दिए हैं। तहसील में ऑनलाइन आवेदनों के निस्तारण की प्रक्रिया प्रभावित होने लगी है। इससे आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बनवाने तथा फार्मर रजिस्ट्री समेत अन्य कार्यों के लिए आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। विनोद कुमार सिंह, सूरज भारती, राजेंद्र कुमार, हरिओम, राघवेंद्र सिंह, दुर्गेश कुमार, रंजीत सिंह, राजबीर सिंह, संजय तोमर, सुनील कुमार आदि मौजूद रहे। संवाद
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जिले में 1037 ग्राम पंचायतों का जिम्मा 350 लेखपालों पर है। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर आंदोलन के अगले चरण में बृहस्पतिवार से जनपद की पांचों तहसीलों में लेखपालों ने लेखपाल स्तर पर संपादित किए जाने वाले विभिन्न ऑनलाइन कार्यों का पूर्ण बहिष्कार शुरू कर दिया।
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तहसील बदायूं में लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष भोजराज सिंह व जिला मंत्री कमल कुमार सिंह, सत्येंद्रपाल एवं कुलदीप भारद्वाज के नेतृत्व में लेखपालों ने सरकारी व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ दिए हैं। आय, जाति एवं निवास प्रमाणपत्र, वरासत रिपोर्ट, फार्मर रजिस्ट्रेशन, विभिन्न प्रकार के सत्यापन सहित अन्य ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार शुरू कर दिया है।
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ये हैं मांगें
ग्रेड पे 2800 लागू करने, वेतन विसंगति दूर करने और लंबित अंतर-मंडलीय स्थानांतरण शुरू करने, वर्ष 2025-26 के लिए डीपीसी (पदोन्नति) की कार्यवाही पूरी करने, 2024 के नवनियुक्त लेखपालों का स्थायीकरण करने, स्टेशनरी भत्ता 500 रुपये, वाहन भत्ता 1500 रुपये और विशेष भत्ता 1000 रुपये करने, डिजिटल कार्यों के लिए लेखपाल पद को ''''''''टेक्निकल पद'''''''' घोषित कर लैपटॉप/मोबाइल देने, ग्राम सचिवालयों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने व अतिरिक्त एवं प्रभारी कार्यों के बोझ से मुक्ति दिलाने की मांगें शामिल हैं।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
बिल्सी। बिल्सी शाखा के अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने बताया कि सभी लेखपालों ने तहसील प्रशासनिक और विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ दिए हैं। तहसील में ऑनलाइन आवेदनों के निस्तारण की प्रक्रिया प्रभावित होने लगी है। इससे आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बनवाने तथा फार्मर रजिस्ट्री समेत अन्य कार्यों के लिए आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। विनोद कुमार सिंह, सूरज भारती, राजेंद्र कुमार, हरिओम, राघवेंद्र सिंह, दुर्गेश कुमार, रंजीत सिंह, राजबीर सिंह, संजय तोमर, सुनील कुमार आदि मौजूद रहे। संवाद