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मुकदमे गुन्नौर भेजे जाने पर किया प्रदर्शन
सहसवान(बदायूं)।
Updated Wed, 27 Jan 2016 09:01 PM IST
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सहसवान मुंसिफी से थाना गुन्नौर, धनारी और रजपुरा के फौजदारी मुकदमे
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मुंसिफी गुन्नौर में भेजे जाने के विरोध में वकीलों ने कचहरी परिसर में
प्रदर्शन किया और कामबंद हड़ताल पर रहे।
आपातकालीन हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि गुन्नौर, धनारी और रजपुरा के फौजदारी वादों को गुन्नौर मुंसिफी न्यायालय में स्थानांतरित न किया जाए और पूर्व की भांति क्षेत्राधिकार सहसवान में रहे। बिल्सी तहसील के सिविल वादों का क्षेत्राधिकार सहसवान में है इस कारण थाना बिल्सी और उघैती के फौजदारी वादों का क्षेत्राधिकारी सहसवान न्यायालय को दिया जाए।
वकीलों ने थाना गुन्नौर, धनारी और रजपुरा के फौजदारी वादों को मुंसिफी गुन्नौर भेेेजे जाने के विरोध में कचहरी परिसर में जमकर हंगामा करते हुए नारेबाजी कर प्रदर्शन किया और पूर्ण रूप से कामबंद हड़ताल पर रहे। इस दौरान अधिवक्ताओं ने वादकारियों को न्यायालय के अंदर जाने से रोक दिया। अधिवक्ताओं की आपातकालीन हुई बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि सहसवान न्यायालय से फौजदारी वादों को गुन्नौर न भेजा जाए और पूर्व की भांति क्षेत्राधिकार सहसवान में ही रखा जाए।
बताया कि बिल्सी तहसील का सिविल वादों का क्षेत्राधिकार सहसवान न्यायालय में है इस कारण सिविल वादों के साथ ही थाना बिल्सी व उघैती के फौजदारी वादों का क्षेत्राधिकार भी सहसवान न्यायालय को दिया जाए। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि उनकी जायज मांगों को नहीं माना गया। तो सभी वकील एकजुट होकर उग्र आंदोलन से भी पीछे नहीं हटेगें।
बैठक में मुजफ्फर सईद एडवोकेट, रागिब अली, शमशुल इस्लाम, राजीव चांडक, जावेद इकबाल, अशोक कुमार यादव, रविंद्र नारायण, सुदीप सक्सेना, श्याम बाबू गुप्ता, उवैर्दुरहमान, संदीप कुमार सक्सेना आदि मौजूद रहे।
आपातकालीन हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि गुन्नौर, धनारी और रजपुरा के फौजदारी वादों को गुन्नौर मुंसिफी न्यायालय में स्थानांतरित न किया जाए और पूर्व की भांति क्षेत्राधिकार सहसवान में रहे। बिल्सी तहसील के सिविल वादों का क्षेत्राधिकार सहसवान में है इस कारण थाना बिल्सी और उघैती के फौजदारी वादों का क्षेत्राधिकारी सहसवान न्यायालय को दिया जाए।
वकीलों ने थाना गुन्नौर, धनारी और रजपुरा के फौजदारी वादों को मुंसिफी गुन्नौर भेेेजे जाने के विरोध में कचहरी परिसर में जमकर हंगामा करते हुए नारेबाजी कर प्रदर्शन किया और पूर्ण रूप से कामबंद हड़ताल पर रहे। इस दौरान अधिवक्ताओं ने वादकारियों को न्यायालय के अंदर जाने से रोक दिया। अधिवक्ताओं की आपातकालीन हुई बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि सहसवान न्यायालय से फौजदारी वादों को गुन्नौर न भेजा जाए और पूर्व की भांति क्षेत्राधिकार सहसवान में ही रखा जाए।
बताया कि बिल्सी तहसील का सिविल वादों का क्षेत्राधिकार सहसवान न्यायालय में है इस कारण सिविल वादों के साथ ही थाना बिल्सी व उघैती के फौजदारी वादों का क्षेत्राधिकार भी सहसवान न्यायालय को दिया जाए। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि उनकी जायज मांगों को नहीं माना गया। तो सभी वकील एकजुट होकर उग्र आंदोलन से भी पीछे नहीं हटेगें।
बैठक में मुजफ्फर सईद एडवोकेट, रागिब अली, शमशुल इस्लाम, राजीव चांडक, जावेद इकबाल, अशोक कुमार यादव, रविंद्र नारायण, सुदीप सक्सेना, श्याम बाबू गुप्ता, उवैर्दुरहमान, संदीप कुमार सक्सेना आदि मौजूद रहे।