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सांसदों के निलंबन को बताया, काला इतिहास
बदायूं
Updated Wed, 05 Aug 2015 12:09 AM IST
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लोकसभा अध्यक्ष द्वारा कांग्रेस के 25 सांसदों का पांच दिन के लिए किए गए निलंबन का यहां प्रदेश महासचिव ओमकार सिंह के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया गया। कहा गया कि कांग्रेस सरकार में भी विपक्षी भाजपा ने संसद में गतिरोध किए लेकिन ऐसा देश में पहली बार हुआ है। कांग्रेसी सांसदों का निलबंन काला इतिहास बना है। कांग्रेसियों ने इस पर विरोध में काली पट्टियां भी बांधी और नगर में मार्च निकाला।
प्रदेश महासचिव सिंह ने कहा कि बहुमत वाले दल की लोक सभा अध्यक्ष का फैसला अलोकतांत्रिक है, इसकी तिजनी निंदा की जाए कम है। जिला कांग्रेस के उपाध्यक्ष आतिफ खां ने कहा कि कांग्रेस सड़कों पर उतर कर इस अलोकतांत्रिक फैसले का विरोध कर रही है। युवक कांग्रेस अध्यक्ष शेखर साहू और उससी सैल के अध्यक्ष पवन गौतम ने भी निलंबन की भत्र्सना की। ज्ञापन में उसावां थाना के गांव बौरा में हुई हत्या की जांच की भी मांग की गई। विरोध मार्च में अजहर हुसैन, रामनाथ कश्यप, राशिद अल्वी, बिहारी लाल, सत्यशेखर, अजय पाल, तिलक कुमार, ब्रिजेश पाल, रुकम पाल, दिनेश पाल, मयंक कुमार, नरेश पाल आदि कार्यकर्ता रहे।
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प्रदेश महासचिव सिंह ने कहा कि बहुमत वाले दल की लोक सभा अध्यक्ष का फैसला अलोकतांत्रिक है, इसकी तिजनी निंदा की जाए कम है। जिला कांग्रेस के उपाध्यक्ष आतिफ खां ने कहा कि कांग्रेस सड़कों पर उतर कर इस अलोकतांत्रिक फैसले का विरोध कर रही है। युवक कांग्रेस अध्यक्ष शेखर साहू और उससी सैल के अध्यक्ष पवन गौतम ने भी निलंबन की भत्र्सना की। ज्ञापन में उसावां थाना के गांव बौरा में हुई हत्या की जांच की भी मांग की गई। विरोध मार्च में अजहर हुसैन, रामनाथ कश्यप, राशिद अल्वी, बिहारी लाल, सत्यशेखर, अजय पाल, तिलक कुमार, ब्रिजेश पाल, रुकम पाल, दिनेश पाल, मयंक कुमार, नरेश पाल आदि कार्यकर्ता रहे।
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