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चुनाव की उतारी थकान, जीत-हार के गणित लगाए
बदायूं, ब्यूरो
Updated Thu, 16 Feb 2017 11:42 PM IST
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चुनाव की उतारी थकान, जीत-हार के गणित लगाए
- फोटो : अमर उजाला
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प्रमुख दलों के सभी प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत मान रहे पक्की
सहसवान-दातागंज सीटों पर रोचक रहा चुनावी मुकाबला
बुधवार को मतदान होने के बाद गुरुवार को सभी प्रत्याशियों ने पहले तो चुनाव की थकान उतारी। शाम को समर्थकों के साथ चुनावी गणित पर चर्चा की। शहर सीट से भाजपा प्रत्याशी महेश गुप्ता, सपा के आबिद रजा और बसपा के भूपेंद्र सिंह के कार्यालयों पर समर्थक जुटे रहे। प्रत्याशियों ने समर्थकों से मतदान पर चर्चा की। जिले में किस पार्टी के पक्ष में कितना मतदान हुआ। इस बारे में समर्थकों से जानकारी जुटाते रहे। सभी पार्टियों के प्रत्याशी और समर्थक अपनी जीत को पक्का मान रहे हैं।
सभी प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ हार-जीत का गणित लगा रहे हैं। छह सीटों पर मुकाबला किसी के बीच रहा हो, लेकिन सभी प्रमुख दलों के प्रत्याशी अपनी जीत को पक्का मान रहे हैं। दातागंज सीट पर लोकदल प्रत्याशी कैप्टन अर्जुन प्रताप और सहसवान सीट से रापद की उमलेश यादव के समर्थक भी जीत पक्की मान रहे हैं। इन दोनों सीटों पर मुकाबला भी रोचक रहा है। चार जनवरी को चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद से ही भाजपा, सपा और बसपा समेत बाकी सभी प्रत्याशी चुनाव प्रचार में जुट गए थे। करीब एक महीने की भागदौड़ के बाद 15 फरवरी को जिले की सभी सीटों पर मतदान भी हो गया।
अफसरों ने उतारी थकान, सरकारी कार्यालयों में सन्नाटा
बदायूं। विधानसभा चुनाव के लिए मतदान निपटने के बाद गुरुवार को ज्यादातर सरकारी कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा। अफसरों ने चुनाव की थकान उतारी। सरकारी कार्यालयों में पहुंचने वाले फरियादी भी नहीं पहुंचे। जिले की सरकारी मशीनरी करीब दो महीने से चुनाव की तैयारियों में जुटी थी। बुधवार को छिटपुट घटनाओं के बाद जिले में मतदान संपन्न हो गया।
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11 मार्च को मतणगना पर टिकीं सबकी नजरें
बदायूं। मतदान सम्पन्न होने के बाद अब सभी की नजरें 11 मार्च को होने वाली मतगणना भी टिक गई हैं। मतगणना के बाद साफ हो जाएगा कि किस विधानसभा में किसके सिर जीत का ताज सजेगा। मतगणना में अभी करीब 23 दिन बाकी हैं। जाहिर है कि मतगणना तक गली-नुक्कड़ के साथ पान और चाय की दुकानों पर चुनावी चर्चाओं का दौर जारी रहेगा।
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सहसवान-दातागंज सीटों पर रोचक रहा चुनावी मुकाबला
बुधवार को मतदान होने के बाद गुरुवार को सभी प्रत्याशियों ने पहले तो चुनाव की थकान उतारी। शाम को समर्थकों के साथ चुनावी गणित पर चर्चा की। शहर सीट से भाजपा प्रत्याशी महेश गुप्ता, सपा के आबिद रजा और बसपा के भूपेंद्र सिंह के कार्यालयों पर समर्थक जुटे रहे। प्रत्याशियों ने समर्थकों से मतदान पर चर्चा की। जिले में किस पार्टी के पक्ष में कितना मतदान हुआ। इस बारे में समर्थकों से जानकारी जुटाते रहे। सभी पार्टियों के प्रत्याशी और समर्थक अपनी जीत को पक्का मान रहे हैं।
सभी प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ हार-जीत का गणित लगा रहे हैं। छह सीटों पर मुकाबला किसी के बीच रहा हो, लेकिन सभी प्रमुख दलों के प्रत्याशी अपनी जीत को पक्का मान रहे हैं। दातागंज सीट पर लोकदल प्रत्याशी कैप्टन अर्जुन प्रताप और सहसवान सीट से रापद की उमलेश यादव के समर्थक भी जीत पक्की मान रहे हैं। इन दोनों सीटों पर मुकाबला भी रोचक रहा है। चार जनवरी को चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद से ही भाजपा, सपा और बसपा समेत बाकी सभी प्रत्याशी चुनाव प्रचार में जुट गए थे। करीब एक महीने की भागदौड़ के बाद 15 फरवरी को जिले की सभी सीटों पर मतदान भी हो गया।
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अफसरों ने उतारी थकान, सरकारी कार्यालयों में सन्नाटा
बदायूं। विधानसभा चुनाव के लिए मतदान निपटने के बाद गुरुवार को ज्यादातर सरकारी कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा। अफसरों ने चुनाव की थकान उतारी। सरकारी कार्यालयों में पहुंचने वाले फरियादी भी नहीं पहुंचे। जिले की सरकारी मशीनरी करीब दो महीने से चुनाव की तैयारियों में जुटी थी। बुधवार को छिटपुट घटनाओं के बाद जिले में मतदान संपन्न हो गया।
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11 मार्च को मतणगना पर टिकीं सबकी नजरें
बदायूं। मतदान सम्पन्न होने के बाद अब सभी की नजरें 11 मार्च को होने वाली मतगणना भी टिक गई हैं। मतगणना के बाद साफ हो जाएगा कि किस विधानसभा में किसके सिर जीत का ताज सजेगा। मतगणना में अभी करीब 23 दिन बाकी हैं। जाहिर है कि मतगणना तक गली-नुक्कड़ के साथ पान और चाय की दुकानों पर चुनावी चर्चाओं का दौर जारी रहेगा।