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पेड़ के नीचे कराहता रहा घायल युवक, तीन घंटे बाद पहुंची एंबुलेंस

Sun, 19 Apr 2020 01:43 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 19 Apr 2020 01:43 AM IST
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lack of medical facilities
उझानी (बदायूं)। कछला के पास स्कूटी फिसलने से घायल चाचा-भतीजी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्राथमिक इलाज तो मिल गया लेकिन उन्हें हॉयर सेंटर तक पहुंचने के लिए अस्पताल में ही पेड़ के नीचे पड़े रहकर तीन घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार करना पड़ा। चोट के दर्द की वजह से युवक कराहता रहा। चाचा की हालत देख भतीजी ने स्वास्थ्य कर्मियों से भी गुहार लगाई लेकिन उन्होंने भी पल्ला झाड़ लिया। बाद में चिकित्साधीक्षक के हस्तक्षेप पर एंबुलेंस को बुलाया गया, तब कहीं जाकर दोनों घायल राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंच पाए।
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हादसा बरेली-मथुरा हाईवे पर कछला के पास शनिवार सुबह में करीब आठ बजे हुआ। अलापुर थाना क्षेत्र के गांव म्याऊं निवासी आशा देवी (18) पुत्री वीरपाल का कछला के हकीम से देसी इलाज चल रहा है। उसे दवा दिलाने के लिए चाचा चंद्रपाल (40) स्कूटी से निकले। रास्ते में स्कूटी फिसलने से चाचा-भतीजी घायल हो गए। डॉयल 112 के पुलिसकर्मी घायलों को राजकीय मेडिकल कॉलेज ले जाने की बजाय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचा गए। स्वास्थ्यकर्मियों ने दोनों का प्राथमिक उपचार भी कर दिया लेकिन चंद्रपाल के शरीर में दर्द कम नहीं हुआ तो दोनों को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। आशा के जरिए एंबुलेंस को कॉल भी की गई, लेकिन वह नहीं पहुंची तो आशा ने चंद्रपाल को अस्पताल में पेड़ के नीचे चबूतरे पर लिटा दिया। इस दौरान चंद्रपाल दर्द से कराहता रहा। स्वास्थ्यकर्मियों की मानें तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लेवल-वन स्तर का कोरोना संक्रमण वार्ड बनने के हादसों में घायलों को सीएचसी की बजाय सीधे राजकीय मेडिकल कॉलेज भर्ती कराने की व्यवस्था है। उधर, चिकित्साधीक्षक डॉ. सुयश दीक्षित को जब इसके बारे में पता लगा तो उन्होंने कॉल सेंटर के आगरा कार्यालय बात कर एंबुलेंस उपलब्ध कराई। इसके चलते घायल को करीब तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
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कोरोना संक्रमितों के लिए वार्ड बनने के बाद सीएचसी की बजाय घायलों को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया जाता है। कोतवाली के जरिए डॉयल 112 के पुलिसकर्मियों को भी नई व्यवस्था से अवगत कराया जा चुका है लेकिन वह उसे अस्पताल में पहुंचा गए थे। - डॉ. सुयश दीक्षित, चिकित्साधीक्षक
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