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Budaun News: परिवार से दूर रहकर मजदूरी करने वाले बढ़ा रहे एड्स का खतरा

Sun, 30 Nov 2025 11:54 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 30 Nov 2025 11:54 PM IST
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Laborers living away from their families are increasing the risk of AIDS.
बदायूं। जिले में एड्स संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। परिवार से दूर रहकर काम करने वाले पुरुष अक्सर असुरक्षित यौन संबंधों के चक्कर में इस गंभीर बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। जिले में इस वित्तीय वर्ष में अब तक कुल 52 नए एड्स संक्रमित मरीज मिले हैं। इनमें 25 महिलाएं और 26 पुरुष और एक बच्चा शामिल है। अधिकांश पुरुष वे हैं जो दिल्ली, मुंबई व अन्य महानगरों में मजदूरी करने गए। वहां संक्रमित महिलाओं के संपर्क में आने या उनसे असुरक्षित संबंध बनाने के कारण संक्रमित हो गए।
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हर वर्ष एक दिसंबर को विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है ताकि लोगों को एड्स और एचआईवी संक्रमण के प्रति जागरूक किया जा सके। यह बीमारी एचआईवी वायरस के कारण होती है और मुख्य रूप से असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित रक्त चढ़ाने, संक्रमित सुई या सिरिंज के प्रयोग, संक्रमित व्यक्ति के रेजर आदि इस्तेमाल करने से फैलती है।
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जागरूकता की कमी इस बीमारी के तेजी से फैलने की प्रमुख वजह बन रही है। हालांकि विभाग की ओर से लगातार शिविर लगाकर लोगाें को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा हे। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जिले में आसफपुर, बिसौली, वजीरगंज और उझानी एड्स प्रभावित क्षेत्रों की श्रेणी में हैं। जहां से संक्रमितों की संख्या अधिक मिल रही है।
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बच्चों में भी फैल रहा एड्स

एड्स संक्रमित महिलाओं का सुरक्षित प्रसव कराया जा रहा है, लेकिन कई बार देखने में आता है कि माता से नवजात तक संक्रमण पहुंच जाता है। स्थिति यह है कि पिछले साल जिले में छह बच्चे एड्स पॉजिटिव मिले थे। यह आंकड़ा चिंताजनक है, क्योंकि मातृ-शिशु रोकथाम कार्यक्रम के बावजूद पूरी तरह संक्रमण रोक पाना चुनौती बना हुआ है। इस वर्ष भी एक बच्चा एड्स संक्रमित पाया गया है, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं और बढ़ गई हैं।


पिछले साल 175 थे जिले में एड्स पीड़ित
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार शिविर लगाकर लोगों की जांच की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 175 एड्स पीड़ित मिले थे, जिनमें 85 पुरुष, 70 महिलाएं और छह बच्चे शामिल थे। विशेषज्ञों का कहना है कि यह आंकड़ा कम होने की बजाय स्थिर या बढ़ रहा है। जो कि जिले के लिए गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। विभाग का मानना है कि जागरूकता और समय पर जांच ही संक्रमण की रोकथाम का सबसे बड़ा हथियार है।


150 गांव में लगाया जा चुका है शिविर

जिले में एड्स से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग सक्रिय है। इस वित्तीय वर्ष में विभाग 10 डिग्री कॉलेज, 30 इंटर कॉलेज और 150 गांवों में शिविर लगा चुका है। इन शिविरों में युवाओं, ग्रामीणों और महिलाओं को एड्स के लक्षण, बचाव और उपचार से संबंधित जानकारी दी गई। विभाग के अनुसार इस वर्ष शासन की पहल पर एड्स दिवस की नई थीम ‘बाधायें होगी दरकिनार, एचआईवी/एड्स पर सशक्त प्रहार’ पर काम किया जा रहा है, ताकि आमजन को मिथकों से बाहर निकालकर सही जानकारी दी जा सके।


लोगों को घबराने के बजाय जागरूक होना जरूरी है। जिले में सीएचसी और पीएचसी पर एचआईवी जांच की सुविधा उपलब्ध है, जबकि दूसरी और महत्वपूर्ण जांच आरसीटी जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल और उझानी सीएचसी में कराई जा सकती है। सुरक्षित व्यवहार, नियमित जांच और जागरूकता अपनाकर एड्स जैसी बीमारी से खुद को और परिवार को सुरक्षित रखा जा सकता है। - डॉ. विनेश, जिला क्षय रोग अधिकारी/ जिला एड्स कार्यक्रम अधिकारी, बदायूं
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