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कोठी, कार वालों को भी चाहिए प्रधानमंत्री आवास
बदायूं, ब्यूरो
Updated Sat, 20 Aug 2016 11:45 PM IST
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गरीबों के आवास आवंटन में पूरे जिले में हो रहा है खेल
म्याऊं ब्लाक के गांव ग्योति धर्मपुर में लोहिया आवास आवंटन में अपात्रों को आवास आवंटन की तर्ज पर ब्लाक इस्लामनगर के गांव चंदोई में ऐसे लोगों को भी प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ सूची में शामिल कर लिया गया है, जिनपर कोठी, जमीन-जायदाद, ट्रैक्टर और रायफल-बंदूक आदि के लाइसेंस भी हैं।
लोहिया आवास आवंटन का मामला हो या प्रधानमंत्री आवास योजना मेें दिए जाने वाले आवासों का वितरण। आवास आवंटन संबंधित योजनाएं भ्रष्टाचार की बलि चढ़ती नजर आ रही हैं। हालांकि इसकी जांच को त्रिस्तरीय कमेटी भी बना दी गई है लेकिन भ्रष्टाचारी और दबंगों ने इस योजना को कैप्चर कर लिया है। जिलेभर में आवास आवंटन की जांच की जाए तो करोड़ों के आवास आवंटन का घोटाला उजागर हो सकता है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए लाभान्वित होने वाले पात्रों में श्रीपाल सिंह का नाम 24 नंबर पर हैं। इनकी गांव में ही कोठी है। 100 बीघा जमीन है। कार, लाइसेंसी रिवाल्वर, बंदूक भी है। इस बार भी प्रमुखी का चुनाव लड़े थे। यही नहीं इनके बड़े भाई राजेंद्र सिंह पूर्व ब्लाक प्रमुख का नाम भी 145 नंबर पर है। इनके एक ही बेटा है और 50 बीघा जमीन है, कोठी है। रामपाल सिंह का नाम 28 नंबर पर नाम है। पूर्व प्रधान अनुपम सिंह के ससुर हैं। 100 बीघा जमीन, राइफल, रिवाल्वर का लाइसेंस और गांव में कोठी बनी है। इनका पुत्र आर्येंद्र सिंह, पूर्व प्रधान का पति है। इसका नाम भी 132 नंबर पर है। कार, बाइक और कोठी है। इनका चचेरा भाई विजय कुमार का नाम 141 नंबर पर है। इसके पास भी 100 बीघा जमीन, बंदूक और बड़ा मकान है।
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यही नहीं, नौ नंबर पर अर्जेंद्र सिंह, 17 नंबर पर मृतक सरपंच रामपाल सिंह, 27 नंबर पर इनका पुत्र सत्यभान, 23 नंबर पर उदयभान सिंह, 121 नंबर पर इनका पुत्र कुलदीप सिंह, 149 नंबर पर फौजी विजयभान सिंह, पप्पू, बसपा नेता के भाई समिति सचिव 43 नंबर पर शिव कुमार और 42 नंबर पर उमाशंकर 15 पर नरेश कुमार, 31 पर रमाकांत शर्मा समेत बड़ी तादाद में ऐसे नाम है, जिनके पास टेंट हाउस, शहरों में कोठियां और वाहन हैं।
इस संबंध में चंदोई गांव के ही विपिन कुमार सिंह ने कमिश्नर, डीएम, सीडीओ, बीडीओ को तो शिकायती पत्र दिया ही है। मुख्यमंत्री को भी इस संबंध में शिकायत भेजी है, ताकि उन्होंने लाभार्थियों की सूची की जांच उच्चस्तर से कराए जाने की मांग उठाई है। उन्होंने और भी नामों को की सूची तैयार कराई है, जो अपात्र की श्रेणी में आते हैं। इनके नाम निकट भविष्य में उजागर किए जाएंगे।
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उनके पास इस प्रकार की शिकायतें आ रही हैं। बनाई गई सूची जांचोपरांत ही लागू की जाएगी। अपात्रों को सूची से निकाला जाएगा और ऐसे लोगों पर कार्रवाई होगी, जिन लोगों ने अपात्रों को इस सूची में शामिल किया है। सूची की पात्रता आर्थिक सामाजिक जनगणना है। इसमें कहां गड़बड़ी हैं। इसे देखा जाएगा पात्रता शीर्ष प्राथमिकता पर रहेगी।
- प्रताप सिंह भदौरिया, सीडीओ
म्याऊं ब्लाक के गांव ग्योति धर्मपुर में लोहिया आवास आवंटन में अपात्रों को आवास आवंटन की तर्ज पर ब्लाक इस्लामनगर के गांव चंदोई में ऐसे लोगों को भी प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ सूची में शामिल कर लिया गया है, जिनपर कोठी, जमीन-जायदाद, ट्रैक्टर और रायफल-बंदूक आदि के लाइसेंस भी हैं।
लोहिया आवास आवंटन का मामला हो या प्रधानमंत्री आवास योजना मेें दिए जाने वाले आवासों का वितरण। आवास आवंटन संबंधित योजनाएं भ्रष्टाचार की बलि चढ़ती नजर आ रही हैं। हालांकि इसकी जांच को त्रिस्तरीय कमेटी भी बना दी गई है लेकिन भ्रष्टाचारी और दबंगों ने इस योजना को कैप्चर कर लिया है। जिलेभर में आवास आवंटन की जांच की जाए तो करोड़ों के आवास आवंटन का घोटाला उजागर हो सकता है।
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प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए लाभान्वित होने वाले पात्रों में श्रीपाल सिंह का नाम 24 नंबर पर हैं। इनकी गांव में ही कोठी है। 100 बीघा जमीन है। कार, लाइसेंसी रिवाल्वर, बंदूक भी है। इस बार भी प्रमुखी का चुनाव लड़े थे। यही नहीं इनके बड़े भाई राजेंद्र सिंह पूर्व ब्लाक प्रमुख का नाम भी 145 नंबर पर है। इनके एक ही बेटा है और 50 बीघा जमीन है, कोठी है। रामपाल सिंह का नाम 28 नंबर पर नाम है। पूर्व प्रधान अनुपम सिंह के ससुर हैं। 100 बीघा जमीन, राइफल, रिवाल्वर का लाइसेंस और गांव में कोठी बनी है। इनका पुत्र आर्येंद्र सिंह, पूर्व प्रधान का पति है। इसका नाम भी 132 नंबर पर है। कार, बाइक और कोठी है। इनका चचेरा भाई विजय कुमार का नाम 141 नंबर पर है। इसके पास भी 100 बीघा जमीन, बंदूक और बड़ा मकान है।
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यही नहीं, नौ नंबर पर अर्जेंद्र सिंह, 17 नंबर पर मृतक सरपंच रामपाल सिंह, 27 नंबर पर इनका पुत्र सत्यभान, 23 नंबर पर उदयभान सिंह, 121 नंबर पर इनका पुत्र कुलदीप सिंह, 149 नंबर पर फौजी विजयभान सिंह, पप्पू, बसपा नेता के भाई समिति सचिव 43 नंबर पर शिव कुमार और 42 नंबर पर उमाशंकर 15 पर नरेश कुमार, 31 पर रमाकांत शर्मा समेत बड़ी तादाद में ऐसे नाम है, जिनके पास टेंट हाउस, शहरों में कोठियां और वाहन हैं।
इस संबंध में चंदोई गांव के ही विपिन कुमार सिंह ने कमिश्नर, डीएम, सीडीओ, बीडीओ को तो शिकायती पत्र दिया ही है। मुख्यमंत्री को भी इस संबंध में शिकायत भेजी है, ताकि उन्होंने लाभार्थियों की सूची की जांच उच्चस्तर से कराए जाने की मांग उठाई है। उन्होंने और भी नामों को की सूची तैयार कराई है, जो अपात्र की श्रेणी में आते हैं। इनके नाम निकट भविष्य में उजागर किए जाएंगे।
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उनके पास इस प्रकार की शिकायतें आ रही हैं। बनाई गई सूची जांचोपरांत ही लागू की जाएगी। अपात्रों को सूची से निकाला जाएगा और ऐसे लोगों पर कार्रवाई होगी, जिन लोगों ने अपात्रों को इस सूची में शामिल किया है। सूची की पात्रता आर्थिक सामाजिक जनगणना है। इसमें कहां गड़बड़ी हैं। इसे देखा जाएगा पात्रता शीर्ष प्राथमिकता पर रहेगी।
- प्रताप सिंह भदौरिया, सीडीओ