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ससुराल में कोटेदार, कोटा बाबुल के पास
बदायूं, ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jun 2016 09:20 PM IST
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जिले में राशन कोटा को लेकर नित नई शिकायतों को क्रम बना हुआ है। इसी प्रकार की एक नई शिकायत बघोरा से मिली हैं। ग्राम वासियों का कहना है कि उनकी गांव की कोटेदार की शादी हो चुकी है। उसके बदले उसका पिता कोटा संचालित कर रहा है। जो उचित नहीं है। नियमानुसार गांव के राशन कोटा का फिर से प्रस्ताव होना चाहिए।
गांव वालों ने इस संबंध में एसडीएम दातागंज से भी शिकायत की थी। लेकिन कोई परिणाम सामने नहीं आया। कोटेदार की शादी हो जाने के कारण नियमत: दोबारा से राशन कोटे का चयन होना चाहिए। गांव वालों का यह भी कहना है कि अबतक अनुसूचित जाति पर राशन का कोटा रहा है। इसलिए इस बार जो राशन कोटा का प्रस्ताव हो, वह अनुसूचित जाति के लिए होना चाहए। एसडीएम से शिकायत के बाद डीएम ने डीएम को शिकायत भेजी है और राशन कोटा का प्रस्ताव किए जाने को कहा है। डीएम को स्थिति से अवगत कराने ओर दोबारा कोटा का प्रस्ताव कराने की मांग करने वालों में प्रधान ममता, संतराम, मोरपाल आदि शामिल हैं।
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गांव वालों ने इस संबंध में एसडीएम दातागंज से भी शिकायत की थी। लेकिन कोई परिणाम सामने नहीं आया। कोटेदार की शादी हो जाने के कारण नियमत: दोबारा से राशन कोटे का चयन होना चाहिए। गांव वालों का यह भी कहना है कि अबतक अनुसूचित जाति पर राशन का कोटा रहा है। इसलिए इस बार जो राशन कोटा का प्रस्ताव हो, वह अनुसूचित जाति के लिए होना चाहए। एसडीएम से शिकायत के बाद डीएम ने डीएम को शिकायत भेजी है और राशन कोटा का प्रस्ताव किए जाने को कहा है। डीएम को स्थिति से अवगत कराने ओर दोबारा कोटा का प्रस्ताव कराने की मांग करने वालों में प्रधान ममता, संतराम, मोरपाल आदि शामिल हैं।
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