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ककोड़ा मेला: दिवाली से पहले पहुंचा टेंट
ब्यूरो, अमर उजाला बदायूं
Updated Sun, 30 Oct 2016 12:18 AM IST
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ककोड़ा मेला
कादरचौक। मिनी कुंभ कहलाने वाले ककोड़ा मेला में चहलपहल अभी से शुरू हो गई है। मेले में आगरा के टेंट गोदाम में आग लगने के बाद आननफानन में भिंड (मध्यप्रदेश) से टेंट मंगाया गया है। सिरकी पाल के बेड़ा बनाने का काम शुरू कर दिया गया है।
मेले में करीब साढे़ तीन सौ शौचालय भी बनाए जाएंगे। जिला पंचायत की ओर से पहली बार गंगा किनारे 50 शौचालय बनाए जाएंगे। एक समर्सिबल भी लगेगा। हैंडपंप की खेप भी मेला स्थल पहुंच गई है। पांच टैंकरों से मेले के कच्चे मार्ग का छिड़काव कराया जा रहा है। हालांकि लाइट की व्यवस्था अभी नहीं हो पाई है। लोग जंगल में अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।
रोशनी और सुरक्षा के इंतजाम नहीं
मेला स्थल पर जहां लाखों रुपये कीमत का सामान पहुंच गया है। वहीं कुछ लोग भी पहुंच गए हैं। बिजली व्यवस्था अभी दुरुस्त नहीं हो सकी है। सुरक्षा के इंतजाम भी नहीं हो सके हैं। पुलिस की ओर से कोई इंतजाम दिखाई नहीं दे रहे हैं। जानकारों की मानें तो दो वर्ष पूर्व तक मेला क्षेत्र कादरचौक थाने का हुआ करता था, लेकिन दो वर्ष से मेला लगने वाला क्षेत्र कासगंज जिले के सिकंदरपुर वैश्य थाने में पहुंच गया है। राजस्व भी वहीं का है। पहले कादरचौक पुलिस रात्रि गश्त करती थी। वहीं मेले की सुरक्षा को लेकर रात्रि गश्त के लिए थानाध्यक्ष सिकंदरपुर वैश्य देवेंद्र कुमार त्यागी ने मना किया है। उन्होंने कहा कि मेला उनके क्षेत्र में जरूर है, लेकिन वह रात्रि गश्त नहीं कराएंगे। थानाध्यक्ष कादरचौक रुकुमपाल सिंह ने कहा कि मेले का चार्ज अभी नहीं मिला है। फिर भी रात को कादरचौक पुलिस ही गश्त कराएगी।
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मेले में करीब साढे़ तीन सौ शौचालय भी बनाए जाएंगे। जिला पंचायत की ओर से पहली बार गंगा किनारे 50 शौचालय बनाए जाएंगे। एक समर्सिबल भी लगेगा। हैंडपंप की खेप भी मेला स्थल पहुंच गई है। पांच टैंकरों से मेले के कच्चे मार्ग का छिड़काव कराया जा रहा है। हालांकि लाइट की व्यवस्था अभी नहीं हो पाई है। लोग जंगल में अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।
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रोशनी और सुरक्षा के इंतजाम नहीं
मेला स्थल पर जहां लाखों रुपये कीमत का सामान पहुंच गया है। वहीं कुछ लोग भी पहुंच गए हैं। बिजली व्यवस्था अभी दुरुस्त नहीं हो सकी है। सुरक्षा के इंतजाम भी नहीं हो सके हैं। पुलिस की ओर से कोई इंतजाम दिखाई नहीं दे रहे हैं। जानकारों की मानें तो दो वर्ष पूर्व तक मेला क्षेत्र कादरचौक थाने का हुआ करता था, लेकिन दो वर्ष से मेला लगने वाला क्षेत्र कासगंज जिले के सिकंदरपुर वैश्य थाने में पहुंच गया है। राजस्व भी वहीं का है। पहले कादरचौक पुलिस रात्रि गश्त करती थी। वहीं मेले की सुरक्षा को लेकर रात्रि गश्त के लिए थानाध्यक्ष सिकंदरपुर वैश्य देवेंद्र कुमार त्यागी ने मना किया है। उन्होंने कहा कि मेला उनके क्षेत्र में जरूर है, लेकिन वह रात्रि गश्त नहीं कराएंगे। थानाध्यक्ष कादरचौक रुकुमपाल सिंह ने कहा कि मेले का चार्ज अभी नहीं मिला है। फिर भी रात को कादरचौक पुलिस ही गश्त कराएगी।
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