फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   kissan

किसान बोले- डीजल दस रुपये सस्ता करने से भी कोई भला नहीं

Sat, 06 Nov 2021 12:28 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 06 Nov 2021 12:28 AM IST
विज्ञापन
kissan
बदायूं। डीजल और पेट्रोल की कीमतों में एक्साइज ड्यूटी में की गई कमी को किसान नाकाफी बता रहे हैं। किसानों के साथ ही आम लोगों का कहना है कि पहले ही सरकार ने कीमतें इतनी ज्यादा बढ़ा दी हैं कि 10-12 रुपये की कटौती से कोई फर्क नहीं पड़ता। कृषि कार्यों में डीजल की जरूरत होती है। सिंचाई से लेकर ट्रैक्टर तक का खर्च महंगा हो गया है। किसानों का कहना है कि बढ़ी कीमतों के कारण फसलों की लागत में इजाफा हो रहा है।
विज्ञापन

डीजल और पेट्रोल की कीमतें आसमान पर हैं। सरकार ने 10-12 रुपये तक की कमी करके राहत देने की कोशिश जरूर की है, लेकिन पहले ही कीमतें इतनी ज्यादा हैं कि यह राहत नाकाफी है।
विज्ञापन

-यशवीर सिंह
-
फसलों की लागत में लगातार इजाफा हो रहा है। किसानों को लागत के अनुरूप मूल्य नहीं मिल पा रहा। डीजल के दामों को और कम किया जाना चाहिए। दामों में मामूली कटौती काफी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-दिगंबर सिंह
-
खेतों की जोताई हो या फिर फसलों की सिंचाई, डीजल की जरूरत हर काम में होती है। डीजल की कीमतें बढ़ने के कारण फसलों की लागत में इजाफा हो रहा है। सरकार को कृषि लागत और उपज का आकलन करके इन चीजों के दाम तय करने चाहिए।

-सचिन श्रीवास्तव
-
सरकार किसानों की आमदनी को दोगुना करने का दावा करती है, लेकिन जिस प्रकार से डीजल और पेट्रोल की कीमतों में इजाफा हो रहा है उससे किसान को मुनाफा नहीं नुकसान हो रहा है।
-प्रमोद साहू
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed