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डेढ़ लाख किसानों की छंटनी, नहीं मिलेगा सम्मान निधि का लाभ
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कृर्षि विभाग के कार्यालय में आवेदन जमा करते किसान। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। जिले में जिन किसानों को सम्मान निधि का लाभ दिया रहा था उनकी अब छंटनी की जा रही है। करीब डेढ़ लाख किसानों की सम्मान निधि रोक दी गई है। जांच के बाद ही यह निर्णय लिया जाएगा कि यह लोग पात्र हैं या अपात्र।
प्रदेश सरकार की किसान सम्मान निधि योजना का लाभ अब तक जिले के पांच लाख 21 हजार 115 किसान ले रहे थे। इनमें भी सभी किसानों को पूरी किस्तें नहीं मिल रहीं थीं। किसी को दूसरी तो किसी को तीसरी किस्त नहीं मिली। जबकि सरकारी अभिलेखों में अब तक किसानों को आठ किस्तें भेजी जा चुकी हैं। अब नौवीं किस्त भी आ चुकी हैं। ये किस्त खाते में पहुंचने से पहले ही जिले के करीब डेढ़ लाख किसानों की सम्मान निधि पर तलवार लटक गई है। जब खाते में सम्मान निधि नहीं पहुंची तो किसान परेशान हो गए। इससे किसान रोज कृषि कार्यालय आ रहे हैं और दोबारा आवेदन कर रहे हैं।
विभागीय अभिलेखों के मुताबिक अब जिले में करीब तीन लाख 75 हजार 154 किसानों को सम्मान निधि दी जा रही है। उनके खाते में नौवीं किस्त भेजी जा चुकी हैं। जबकि डेढ़ लाख किसानों को सम्मान निधि रोक दी गई है। इस संबंध में जांच की जा रही है।
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इन बिंदुओं पर जांच के बाद रोकी गई सम्मान निधि
आयकर दाता, मृतक किसान, गलत बैंक खाता, फर्जी आधार कार्ड, भूलेख आदि बिंदुओं पर सरकार की ओर से तकनीकी रूप से पड़ताल कराई गई थी। कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें किसानों के फर्जी आधार कार्ड के साथ फर्जी बैंक खाते सामने आए। यही नहीं भूलेख संबंधी फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। बताया जाता है कि कृषि और राजस्व विभाग के बीच समन्वय न होने का लाभ भी अपात्रों ने उठाया।
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करीब डेढ़ लाख किसानों की सम्मान निधि रोकी गई है। उनके आवेदनों की जांच कराई जा रही है। अगर गलत तरह से सम्मान निधि रोकी गई है तो जांच के बाद उनके खातों में सम्मान निधि भेजी जाएगी। दरअसल उनके आवेदन लखनऊ से दिल्ली भेजे जाते हैं। वहीं से किसानों की निधि भेजी जाती है।
- रामवीर सिंह कटारा, उप निदेशक कृषि
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ये बोले किसान-
फोटो- 39
किसान सम्मान निधि के नाम पर दो किस्तें मिली थीं। इसके बाद से सम्मान निधि खाते में नहीं आ रही थी। जो भी औपचारिकताएं थीं वह आवेदन के समय पूरी की थीं। पता नहीं आगे किस्तें क्यों नहीं भेजी गईं। सम्मान निधि बंद किए जाने के बारे में जानकारी नहीं है।
-राजपाल, किसान सिंगथरा
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फोटो-8
किसान सम्मान निधि के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आवेदन किया था। अब तक एक भी बार सम्मान निधि की किस्त खाते में नहीं आई है। जिले में डेढ़ लाख किसानों की सम्मान निधि बंद किए जाने के बारे में जानकारी नहीं है।
-अनिल, किसान शिंभू नगला
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फोटो-9
गांव में काफी किसानों को किसान सम्मान निधि मिल रही है। पात्रता की श्रेणी में मैं भी आता हूं। आवेदन दिया था, लेकिन एक भी बार खाते में सम्मान निधि नहीं आई। किसकी निधि बंद की जा रही है इस बारे में कुछ पता नहीं है।
-विजनेश, किसान कुलचौरा
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फोटो- 10
किसान नेता बोले: ये सम्मान नहीं अपमान निधि है
केंद्र सरकार ने किसानों को डीजल, बिजली, खाद सब महंगा कर दिया और फिर सम्मान निधि के रूप में यह योजना चला दी। मेरे हिसाब से तो यह सम्मान नहीं बल्कि अपमान निधि है। सरकार पूरी तरह हिटलर के सिद्धांत पर चल रही है। इसमें पहले किसानों को आर्थिक रूप से कमजोर करने और फिर इस तरह की योजनाओं से खुद को उनका हितैषी साबित किया जाता है। अब इस योजना में भी किसानों का भुगतान रोकने की बात की जा रही है। किसान चुनाव में इस अपमान का हिसाब चुकता करेंगे।
- राजेश सक्सेना, किसान नेता
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प्रदेश सरकार की किसान सम्मान निधि योजना का लाभ अब तक जिले के पांच लाख 21 हजार 115 किसान ले रहे थे। इनमें भी सभी किसानों को पूरी किस्तें नहीं मिल रहीं थीं। किसी को दूसरी तो किसी को तीसरी किस्त नहीं मिली। जबकि सरकारी अभिलेखों में अब तक किसानों को आठ किस्तें भेजी जा चुकी हैं। अब नौवीं किस्त भी आ चुकी हैं। ये किस्त खाते में पहुंचने से पहले ही जिले के करीब डेढ़ लाख किसानों की सम्मान निधि पर तलवार लटक गई है। जब खाते में सम्मान निधि नहीं पहुंची तो किसान परेशान हो गए। इससे किसान रोज कृषि कार्यालय आ रहे हैं और दोबारा आवेदन कर रहे हैं।
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विभागीय अभिलेखों के मुताबिक अब जिले में करीब तीन लाख 75 हजार 154 किसानों को सम्मान निधि दी जा रही है। उनके खाते में नौवीं किस्त भेजी जा चुकी हैं। जबकि डेढ़ लाख किसानों को सम्मान निधि रोक दी गई है। इस संबंध में जांच की जा रही है।
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इन बिंदुओं पर जांच के बाद रोकी गई सम्मान निधि
आयकर दाता, मृतक किसान, गलत बैंक खाता, फर्जी आधार कार्ड, भूलेख आदि बिंदुओं पर सरकार की ओर से तकनीकी रूप से पड़ताल कराई गई थी। कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें किसानों के फर्जी आधार कार्ड के साथ फर्जी बैंक खाते सामने आए। यही नहीं भूलेख संबंधी फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। बताया जाता है कि कृषि और राजस्व विभाग के बीच समन्वय न होने का लाभ भी अपात्रों ने उठाया।
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करीब डेढ़ लाख किसानों की सम्मान निधि रोकी गई है। उनके आवेदनों की जांच कराई जा रही है। अगर गलत तरह से सम्मान निधि रोकी गई है तो जांच के बाद उनके खातों में सम्मान निधि भेजी जाएगी। दरअसल उनके आवेदन लखनऊ से दिल्ली भेजे जाते हैं। वहीं से किसानों की निधि भेजी जाती है।
- रामवीर सिंह कटारा, उप निदेशक कृषि
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ये बोले किसान-
फोटो- 39
किसान सम्मान निधि के नाम पर दो किस्तें मिली थीं। इसके बाद से सम्मान निधि खाते में नहीं आ रही थी। जो भी औपचारिकताएं थीं वह आवेदन के समय पूरी की थीं। पता नहीं आगे किस्तें क्यों नहीं भेजी गईं। सम्मान निधि बंद किए जाने के बारे में जानकारी नहीं है।
-राजपाल, किसान सिंगथरा
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फोटो-8
किसान सम्मान निधि के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आवेदन किया था। अब तक एक भी बार सम्मान निधि की किस्त खाते में नहीं आई है। जिले में डेढ़ लाख किसानों की सम्मान निधि बंद किए जाने के बारे में जानकारी नहीं है।
-अनिल, किसान शिंभू नगला
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गांव में काफी किसानों को किसान सम्मान निधि मिल रही है। पात्रता की श्रेणी में मैं भी आता हूं। आवेदन दिया था, लेकिन एक भी बार खाते में सम्मान निधि नहीं आई। किसकी निधि बंद की जा रही है इस बारे में कुछ पता नहीं है।
-विजनेश, किसान कुलचौरा
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फोटो- 10
किसान नेता बोले: ये सम्मान नहीं अपमान निधि है
केंद्र सरकार ने किसानों को डीजल, बिजली, खाद सब महंगा कर दिया और फिर सम्मान निधि के रूप में यह योजना चला दी। मेरे हिसाब से तो यह सम्मान नहीं बल्कि अपमान निधि है। सरकार पूरी तरह हिटलर के सिद्धांत पर चल रही है। इसमें पहले किसानों को आर्थिक रूप से कमजोर करने और फिर इस तरह की योजनाओं से खुद को उनका हितैषी साबित किया जाता है। अब इस योजना में भी किसानों का भुगतान रोकने की बात की जा रही है। किसान चुनाव में इस अपमान का हिसाब चुकता करेंगे।
- राजेश सक्सेना, किसान नेता