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कटरी के गांव में अब भी पंचायत करती है फैसला
बदायूं, ब्यूरो
Updated Sun, 29 May 2016 12:31 AM IST
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कटरी में आज भी कानून से ज्यादा पंचायत के फैसलों को तवज्जो दी जाती है। किशोरी से दुष्कर्म की कोशिश गुरुवार को हुई थी। मामला एक ही बिरादरी का था। ऐसे में बिरादरी की पंचायत में ही मामले को निपटा दिया गया। घटना के बाद पंचायत पर रोष व्यक्त करते हुए लोग कह रहे हैं, अगर आरोपी के खिलाफ उसी दिन कानूनी कार्रवाई होती तो शायद किशोरी ने आत्मघाती कदम न उठाती।
दुष्कर्म की कोशिश के मामले को बिरादरी की पंचायत में निपटाने का यह पहला मामला नहीं है। ज्यादातर गांवों में इस तरह के मामलों का फैसला पंचायत में ही होता है। जरीफनगर थाने का यह गांव भी कटरी इलाके का है। जरीफनगर के जिस गांव में यह घटना हुई वह यादव बहुल गांव हैं। दोनों यादव बिरादरी के परिवार खेतीबाड़ी करते हैं। आरोपी एक राजकीय इंटर कॉलेज में कक्षा 10 का छात्र है। किशोरी दो बहन और एक भाई हैं। उसकी छोटी बहन दिव्यांग है। जिस वक्त उसकी अस्मत लूटने की कोशिश हुई, वह अकेली ही घर पर थी।
गुरुवार की शाम को किशोरी के माता-पिता खेत से लौटे, तो उसने घटना के बारे में बताया। आरोपी का घर भी कुछ दूर पर ही है। सो किशोरी का पिता सीधे उसके घर गया। उसके परिवार वालों से शिकायत की। तब तक बिरादरी के कुछ और लोग भी आ गए। तय हुआ कि शुक्रवार को इस मसले पर बिरादरी की पंचायत होगी। पंचायत में दोनों पक्षों के लोगों के साथ गांव के बुजुर्गों ने इस संगीन मामले को निपटा दिया और तय हुआ कि अब शिकायत पुलिस में नहीं की जाएगी। समझा जा रहा है कि इसी बात से किशोरी आहत थी। वह घर लौटी तो गुमसुम रही। परिवार वालों ने भी उसका दर्द जाननेेेे की कोशिश नहीं की। आखिर शनिवार की सुबह उसने दुनिया से विदा ले ली।
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वर्जन-
पता लगा है कि गांव में ही मामले को पंचायत करते निपटा लिया गया था। पड़ताल कराई जा रही है। जांच में स्थिति साफ हो जाएगी।
-उमेश यादव, सीओ दातागंज
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दुष्कर्म की कोशिश के मामले को बिरादरी की पंचायत में निपटाने का यह पहला मामला नहीं है। ज्यादातर गांवों में इस तरह के मामलों का फैसला पंचायत में ही होता है। जरीफनगर थाने का यह गांव भी कटरी इलाके का है। जरीफनगर के जिस गांव में यह घटना हुई वह यादव बहुल गांव हैं। दोनों यादव बिरादरी के परिवार खेतीबाड़ी करते हैं। आरोपी एक राजकीय इंटर कॉलेज में कक्षा 10 का छात्र है। किशोरी दो बहन और एक भाई हैं। उसकी छोटी बहन दिव्यांग है। जिस वक्त उसकी अस्मत लूटने की कोशिश हुई, वह अकेली ही घर पर थी।
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गुरुवार की शाम को किशोरी के माता-पिता खेत से लौटे, तो उसने घटना के बारे में बताया। आरोपी का घर भी कुछ दूर पर ही है। सो किशोरी का पिता सीधे उसके घर गया। उसके परिवार वालों से शिकायत की। तब तक बिरादरी के कुछ और लोग भी आ गए। तय हुआ कि शुक्रवार को इस मसले पर बिरादरी की पंचायत होगी। पंचायत में दोनों पक्षों के लोगों के साथ गांव के बुजुर्गों ने इस संगीन मामले को निपटा दिया और तय हुआ कि अब शिकायत पुलिस में नहीं की जाएगी। समझा जा रहा है कि इसी बात से किशोरी आहत थी। वह घर लौटी तो गुमसुम रही। परिवार वालों ने भी उसका दर्द जाननेेेे की कोशिश नहीं की। आखिर शनिवार की सुबह उसने दुनिया से विदा ले ली।
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पता लगा है कि गांव में ही मामले को पंचायत करते निपटा लिया गया था। पड़ताल कराई जा रही है। जांच में स्थिति साफ हो जाएगी।
-उमेश यादव, सीओ दातागंज