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कारगिल शहीद की पुण्यतिथि पर पुलिस ने नहीं होने दिया मेला
अमर उजाला ब्यूरो वजीरगंज/बगरैन।
Updated Mon, 22 Aug 2016 11:31 PM IST
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पुण्य तिथि
- फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रपति, सीएम, पीएम से पुलिस की शिकायत करेगा शहीद का भाई
कारगिल शहीद हरिओम सिंह की पुण्य तिथि पर उनके शहीद स्थल पर प्रतिवर्ष लगने वाला मेला इस बार पुलिस प्रशासन की हठधर्मिता की भेंट चढ़ गया। शहीद के घरवालों के अनुमति मांगने के बावजूद पुलिस प्रशासन ने न तो अनुमति दी और न ही मेला लगने दिया। इससे आक्रोशित घरवाले वहीं पर धरने पर बैठ गए।
ग्राम इटौआ के शहीद हरिओम सिंह के कारगिल में शहीद होने के बाद कुछ दिन तक तो पुलिस तथा प्रशासन ने गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस, उनकी पुण्यतिथि पर लगने वाले मेले में शिरकत की और शहीद की प्रतिमा पर फूल चढ़ाए, लेकिन जल्दी ही उनका देशप्रेम समाप्त हो गया। बीते 10 वर्षों से पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारी राष्ट्रीय पर्वों पर भी शहीद की प्रतिमा पर फूल चढ़ाने नहीं पहुंचे। गांव वाले और शहीद के परिवार वाले शहीद स्थल पर जाकर पुष्प अर्पित करते हैं। यही नहीं परिवार के लोग गांव वालों की मदद से 20 अगस्त को होने वाली उनकी पुण्यतिथि पर दो दिवसीय मेले का आयोजन भी करते हैं, लेकिन इस वर्ष भी आवेदन के बावजूद मेले की अनुमति नहीं दी गई। पुलिस ने न तो टेंट लगने दिया न ही लोगों को भजन कीर्तन तथा जागरण करने की ही अनुमति दी। इससे लोगों में रोष व्याप्त है। शहीद हरिओम सिंह के भाई तिलक सिंह ने बताया कि पुलिस प्रशासन ने शहीद की शहादत का अपमान किया है। इसके लिए वह पुलिस प्रशासन के कृत्य की बड़े अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री तथा राष्ट्रपति को भी शिकायत भेजेंगे।
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कारगिल शहीद हरिओम सिंह की पुण्य तिथि पर उनके शहीद स्थल पर प्रतिवर्ष लगने वाला मेला इस बार पुलिस प्रशासन की हठधर्मिता की भेंट चढ़ गया। शहीद के घरवालों के अनुमति मांगने के बावजूद पुलिस प्रशासन ने न तो अनुमति दी और न ही मेला लगने दिया। इससे आक्रोशित घरवाले वहीं पर धरने पर बैठ गए।
ग्राम इटौआ के शहीद हरिओम सिंह के कारगिल में शहीद होने के बाद कुछ दिन तक तो पुलिस तथा प्रशासन ने गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस, उनकी पुण्यतिथि पर लगने वाले मेले में शिरकत की और शहीद की प्रतिमा पर फूल चढ़ाए, लेकिन जल्दी ही उनका देशप्रेम समाप्त हो गया। बीते 10 वर्षों से पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारी राष्ट्रीय पर्वों पर भी शहीद की प्रतिमा पर फूल चढ़ाने नहीं पहुंचे। गांव वाले और शहीद के परिवार वाले शहीद स्थल पर जाकर पुष्प अर्पित करते हैं। यही नहीं परिवार के लोग गांव वालों की मदद से 20 अगस्त को होने वाली उनकी पुण्यतिथि पर दो दिवसीय मेले का आयोजन भी करते हैं, लेकिन इस वर्ष भी आवेदन के बावजूद मेले की अनुमति नहीं दी गई। पुलिस ने न तो टेंट लगने दिया न ही लोगों को भजन कीर्तन तथा जागरण करने की ही अनुमति दी। इससे लोगों में रोष व्याप्त है। शहीद हरिओम सिंह के भाई तिलक सिंह ने बताया कि पुलिस प्रशासन ने शहीद की शहादत का अपमान किया है। इसके लिए वह पुलिस प्रशासन के कृत्य की बड़े अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री तथा राष्ट्रपति को भी शिकायत भेजेंगे।
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