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कांवड़ियों की टोलियों ने कलाकारों संग जमाया रंग
ब्यूरो, अमर उजाला बदायूं
Updated Sun, 09 Aug 2015 06:30 PM IST
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मौसम के बदलते मिजाज से बेपरवाह कांवडिय़ों के जत्थों में शामिल शिवभक्त तड़के से कांवड़ भरकर गंतव्य ओर चल पड़े। गंगाघाट पर शिवभक्तों ने पारंपरिक अंदाज में कांवड़ पूजन कराया। कई टोलियां तो गेरूआ वस्त्रों में लोगों को आकर्षित करती नजर आईं। घाट से लेकर बरेली-मथुरा हाईवे पर हर जगह ही बम-बम भोले की गूंज सुनाई दी। कांवड़ियों की टोलियों में शामिल महिला भक्तों में गजब का उत्साह दिखा। उनके साथ बच्चे भी थे। हाईवे पर कांवड़ियों के साथ ट्रालियों पर सवार कलाकारों ने शंकर-पार्वती के वेश में मनमोहक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। भक्ति संगीत से सराबोर धुन पर शिवभक्त झूम उठे। बाजार में कलाकारों ने लोगों का भी मनोरंजन कराया। कछला के बाबा हरीओम दास शर्मा ने बताया कि सावन के तीसरे और चौथे सोमवार को शिवालयों में जलाभिषेक के लिए पहले से ही घाट पर आस्था का सैलाब उमड़ेगा।
कांवड़ियों से बाजार भी गुलजार
उझानी। कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की एक से बढ़कर एक टोलियां बाजार में भी नजर आती है। कांवड़ सजाने से लेकर शिव की वेशभूषा का सामान जुटाने के लिए भले ही हजारों रुपया खर्च हो जाए, लेकिन कोई भी शिवभक्त मौका हाथ से फिसलने देना नहीं चाहता। मंडी समिति मोड़ और कछला तिराहा से लेकर घाट पर गुलजार कांवड़ियों के साज और सामान की दुकानों से बाजार गुलजार हो गया है।
अगले दिनों में घाट-हाईवे पर रहेगी विशेष चौकसी
उझानी। सावन महीना के बाकी बचे दिनों में पुलिस ने विशेष चौकसी बरतने के लिए अभी से कवायद शुरू कर दी है। जानकारों की मानें तो अधिकतर शिवभक्त सावन के अंतिम सोमवार को जलाभिषेक जरूर करते हैं। कांवड़ियों की टोलियों को नियंत्रित रखने के लिए कोतवाली के पुलिस कर्मी भी उन्हीं की ड्रेस में नजर आएंगे, ताकि किसी भी तरह की आशंका को समस्या बनने से पहले ही उस पर काबू पा लिया जाए। कोतवाल देवराज राठी कहते हैं कि घाट से लेकर हाईवे तक सबकुछ व्यवस्थित रखा गया है, आगे भी चौकसी बरकरार रखेंगे।
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कहीं सब्जी-पूड़ी तो कहीं पर मिली शिकंजी
उझानी। कांवडिय़ों के सेवा-सत्कार के लिए श्रद्धालुओं ने दिल खोलकर खानपान के सामान का इंतजाम कराया। छतुइया और बुटला समेत बाजार में कांवडिय़ों को सब्जी-पूड़ी के साथ फल बांटे गए। मंडी समिति के पास रमेशचंद्र अग्रवाल और कमल अग्रवाल ने कांवडिय़ों के सम्मान में जलजीरा समेत शिकंजी का वितरण कराया। व्यवस्थाओं में सूरज तुलस्यान, मुन्ना, राजेंद्र बाबू आदि का सहयोग रहा।
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कांवड़ियों से बाजार भी गुलजार
उझानी। कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की एक से बढ़कर एक टोलियां बाजार में भी नजर आती है। कांवड़ सजाने से लेकर शिव की वेशभूषा का सामान जुटाने के लिए भले ही हजारों रुपया खर्च हो जाए, लेकिन कोई भी शिवभक्त मौका हाथ से फिसलने देना नहीं चाहता। मंडी समिति मोड़ और कछला तिराहा से लेकर घाट पर गुलजार कांवड़ियों के साज और सामान की दुकानों से बाजार गुलजार हो गया है।
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अगले दिनों में घाट-हाईवे पर रहेगी विशेष चौकसी
उझानी। सावन महीना के बाकी बचे दिनों में पुलिस ने विशेष चौकसी बरतने के लिए अभी से कवायद शुरू कर दी है। जानकारों की मानें तो अधिकतर शिवभक्त सावन के अंतिम सोमवार को जलाभिषेक जरूर करते हैं। कांवड़ियों की टोलियों को नियंत्रित रखने के लिए कोतवाली के पुलिस कर्मी भी उन्हीं की ड्रेस में नजर आएंगे, ताकि किसी भी तरह की आशंका को समस्या बनने से पहले ही उस पर काबू पा लिया जाए। कोतवाल देवराज राठी कहते हैं कि घाट से लेकर हाईवे तक सबकुछ व्यवस्थित रखा गया है, आगे भी चौकसी बरकरार रखेंगे।
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कहीं सब्जी-पूड़ी तो कहीं पर मिली शिकंजी
उझानी। कांवडिय़ों के सेवा-सत्कार के लिए श्रद्धालुओं ने दिल खोलकर खानपान के सामान का इंतजाम कराया। छतुइया और बुटला समेत बाजार में कांवडिय़ों को सब्जी-पूड़ी के साथ फल बांटे गए। मंडी समिति के पास रमेशचंद्र अग्रवाल और कमल अग्रवाल ने कांवडिय़ों के सम्मान में जलजीरा समेत शिकंजी का वितरण कराया। व्यवस्थाओं में सूरज तुलस्यान, मुन्ना, राजेंद्र बाबू आदि का सहयोग रहा।