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जिलेभर में मना देवोत्थान उत्सव, उठे देव
अमर उजाला, बदायूं
Updated Sun, 22 Nov 2015 08:57 PM IST
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मेला ककोड़ा में मनाया गया एकादशी पर्व
मेला ककोड़ा। मिनी कुंभ पर पतित पावनी गंगा में डुबकी लगाकर एकादशी के पर्व मनाया गया। देर शाम को तंबुओं में देवों को उठाया गया। धार्मिक आयोजनों की धूम रही। देवोत्थान एकादशी पर दान पुण्य किया गया। गंगा तट पर संतो के द्वारा भी यज्ञ और भंडारे के आयोजन भी शुरू हो गए। सोमवार से खिचड़ी भोज के लिए भंडारों की व्यवस्थाएं हैं। रविवार को मेला पहुंचने वालों की ट्रैक्टर ट्रालियों को रेला ककोड़ा मेला को रुख किए रहे।
मेला में एकादशी पर्व पर सिंघाड़े और गन्नों की भी खूब बिक्री हुई। 92 वर्ष के श्यामाचरन खड़सारी अपनी चार पीढ़ियों के साथ एकादशी पर्व पर गंगा स्नान को पहुंचे। जर्जर काया चलने फिरने से असमर्थ फिर भी एकादशी का पर्व गंगा स्नानकर मनाया। उनके बेटा अशोक कुमार ने बताया कि पिताजी ने कभी भी एकादशी का पर्व ककोड़ा मेला का नहीं छोड़ा उनकी इसी इच्छा के अनुरूप परिवार की चार पीडिय़ों के साथ गंगा तट पर आकर बसे हैं। शरीर से कमजोर होने के कारण बेटों ने गंगा में कुर्सी पर बैठाकर स्नान कराया।
मेला की ओर बढ़ रहा है कारवां
मेला में आने वाले श्रद्वालुओं का कारवां बढने लगा है। कारवां रात दिन चलने से मेला मे भीड़ भी बढने लगी है। वहीं खेल तमाशे वालों ने भी अपने खेल तमाशे चालू कर दिए है। कुर्मी क्षेत्र में रौनक बढ़ती जा रही है।
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प्रशासन ने गंगा तट पर लगे होर्डिंग उखाड़े
गंगा तट पर विभिन्न नेताओं ने अपने प्रचार के लिए होर्डिंग लगा रखे थे, जिससे स्नान करने वालों को असुविधा हो सकती थी जिन्हें उखाड़वा दिया गया।
अधिकारियों ने किया स्नान घाट का निरीक्षण
म्ेाला में मुख्य पर्व पूर्णिमा को उमडने वाली भीड़ के लिए प्रशासन पूर्ण तैयारियों में जुटा है। मेला अधिकारी एसडीएम सदर प्रदीप कुमार, एसपीसिटी अनिल कुमार यादव, एएमए हरिपाल सिंह, अभियंता संजय शर्मा ने घाटों का निरीक्षण कर उनको ढाल में कटान करने और वाच टावर को नदी के पास बनाने के निर्देश दिए। बेरीकेटिंग के अलावा गहरे पानी में खतरे के बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए।
पद्मश्री हरिगोविंद महाराज की होगी रासलीला
मिनी कुंभ मेला ककोड़ा में मनोरंजन के लिए सांस्कृतिक पांडाल तैयार हो रहा है। पद्मश्री हरिगोविंद महाराज की विश्व विख्यात रास लीला होगी। वहीं राजस्थान की मशहूर सीमा मोरवाल की टीम के द्वारा भी लोककला प्रदर्शित की जाएगी। यहां कठपुतली, काला जादू, आल्हा-ढोला के भी कार्यक्रम रहेंगे।
नेटवर्क व्यवस्था फेल
मेला में सभी कंपनियों के नेटवर्क फेल होने लगे हैं। जिसके लिए कोई मेला में कल्पवासियों को भारी परेशानी हो रही है मुख्य स्नान के दिनों में तो यह व्यवस्था बिल्कुल धरासाई हो जाती है। मेला क्षेत्र के टावरों में एक बीटीएस की क्षमता 1400 मोबाइलों पर ही बात करा सकता है। इसके लिए मोबाइल कंपलियों को अस्थाई बीटीएस की व्यवस्था संचार कंपनियों को करनी चाहिए। कंपनियों का इससे विजनेस भी बढ़ेगा। वहीं मेला में सिंगनल की भी समस्या दूर होगी।
कच्ची सड़क पर निकला अजगर
मेला ककोड़ा वाली रेत की सड़क पर अजगर का बच्चा कुंडली मार कर बैठ गया। जिसके भय से लोगों को आवागमन कुछ देर को ठहर गया। मेला में ठहरे सपेरों को बुलाने भी गए। तब तक अजगर का बच्चा गन्ने के खेत में चला गया।
तुलसी विवाह की रस्म निभाई
संत मधुसूदनाचार्य दिउचरी वालों के कैंपस में तुलसी विवाह की रस्म निभाई गई। परिवारों के साथ टैंटों में रह रह लोगों ने यहां देवोत्थान एकादशी मनाई। आंवला अजय गुप्ता, उनकी पत्नी गुडिय़ा, उनके भाई सुनील, भतीजा दर्पण तुलसी विवाह में सालिगराम और तुलसी के पक्ष के लोग बने।
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मेला ककोड़ा। मिनी कुंभ पर पतित पावनी गंगा में डुबकी लगाकर एकादशी के पर्व मनाया गया। देर शाम को तंबुओं में देवों को उठाया गया। धार्मिक आयोजनों की धूम रही। देवोत्थान एकादशी पर दान पुण्य किया गया। गंगा तट पर संतो के द्वारा भी यज्ञ और भंडारे के आयोजन भी शुरू हो गए। सोमवार से खिचड़ी भोज के लिए भंडारों की व्यवस्थाएं हैं। रविवार को मेला पहुंचने वालों की ट्रैक्टर ट्रालियों को रेला ककोड़ा मेला को रुख किए रहे।
मेला में एकादशी पर्व पर सिंघाड़े और गन्नों की भी खूब बिक्री हुई। 92 वर्ष के श्यामाचरन खड़सारी अपनी चार पीढ़ियों के साथ एकादशी पर्व पर गंगा स्नान को पहुंचे। जर्जर काया चलने फिरने से असमर्थ फिर भी एकादशी का पर्व गंगा स्नानकर मनाया। उनके बेटा अशोक कुमार ने बताया कि पिताजी ने कभी भी एकादशी का पर्व ककोड़ा मेला का नहीं छोड़ा उनकी इसी इच्छा के अनुरूप परिवार की चार पीडिय़ों के साथ गंगा तट पर आकर बसे हैं। शरीर से कमजोर होने के कारण बेटों ने गंगा में कुर्सी पर बैठाकर स्नान कराया।
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मेला की ओर बढ़ रहा है कारवां
मेला में आने वाले श्रद्वालुओं का कारवां बढने लगा है। कारवां रात दिन चलने से मेला मे भीड़ भी बढने लगी है। वहीं खेल तमाशे वालों ने भी अपने खेल तमाशे चालू कर दिए है। कुर्मी क्षेत्र में रौनक बढ़ती जा रही है।
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प्रशासन ने गंगा तट पर लगे होर्डिंग उखाड़े
गंगा तट पर विभिन्न नेताओं ने अपने प्रचार के लिए होर्डिंग लगा रखे थे, जिससे स्नान करने वालों को असुविधा हो सकती थी जिन्हें उखाड़वा दिया गया।
अधिकारियों ने किया स्नान घाट का निरीक्षण
म्ेाला में मुख्य पर्व पूर्णिमा को उमडने वाली भीड़ के लिए प्रशासन पूर्ण तैयारियों में जुटा है। मेला अधिकारी एसडीएम सदर प्रदीप कुमार, एसपीसिटी अनिल कुमार यादव, एएमए हरिपाल सिंह, अभियंता संजय शर्मा ने घाटों का निरीक्षण कर उनको ढाल में कटान करने और वाच टावर को नदी के पास बनाने के निर्देश दिए। बेरीकेटिंग के अलावा गहरे पानी में खतरे के बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए।
पद्मश्री हरिगोविंद महाराज की होगी रासलीला
मिनी कुंभ मेला ककोड़ा में मनोरंजन के लिए सांस्कृतिक पांडाल तैयार हो रहा है। पद्मश्री हरिगोविंद महाराज की विश्व विख्यात रास लीला होगी। वहीं राजस्थान की मशहूर सीमा मोरवाल की टीम के द्वारा भी लोककला प्रदर्शित की जाएगी। यहां कठपुतली, काला जादू, आल्हा-ढोला के भी कार्यक्रम रहेंगे।
नेटवर्क व्यवस्था फेल
मेला में सभी कंपनियों के नेटवर्क फेल होने लगे हैं। जिसके लिए कोई मेला में कल्पवासियों को भारी परेशानी हो रही है मुख्य स्नान के दिनों में तो यह व्यवस्था बिल्कुल धरासाई हो जाती है। मेला क्षेत्र के टावरों में एक बीटीएस की क्षमता 1400 मोबाइलों पर ही बात करा सकता है। इसके लिए मोबाइल कंपलियों को अस्थाई बीटीएस की व्यवस्था संचार कंपनियों को करनी चाहिए। कंपनियों का इससे विजनेस भी बढ़ेगा। वहीं मेला में सिंगनल की भी समस्या दूर होगी।
कच्ची सड़क पर निकला अजगर
मेला ककोड़ा वाली रेत की सड़क पर अजगर का बच्चा कुंडली मार कर बैठ गया। जिसके भय से लोगों को आवागमन कुछ देर को ठहर गया। मेला में ठहरे सपेरों को बुलाने भी गए। तब तक अजगर का बच्चा गन्ने के खेत में चला गया।
तुलसी विवाह की रस्म निभाई
संत मधुसूदनाचार्य दिउचरी वालों के कैंपस में तुलसी विवाह की रस्म निभाई गई। परिवारों के साथ टैंटों में रह रह लोगों ने यहां देवोत्थान एकादशी मनाई। आंवला अजय गुप्ता, उनकी पत्नी गुडिय़ा, उनके भाई सुनील, भतीजा दर्पण तुलसी विवाह में सालिगराम और तुलसी के पक्ष के लोग बने।