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मिनी कुंभः चार ड्रोन और 50 सीसीटीवी करेंगे मेला ककोड़ा की निगरानी
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मिनी कुंभ स्थल पर अस्थायी कोतवाली। संवाद
- फोटो : BADAUN
कादरचौक (बदायूं)। रुहेलखंड के मिनी कुंभ के नाम से विख्यात ककोड़ा मेले में सुरक्षा व्यवस्था चौकस रहेगी। सभी जरूरी बंदोबस्त किए जा रहे हैं। चप्पे-चप्पे की निगरानी के लिए 50 सीसीटीवी कैमरे लगाए जो रहे हैं। चार ड्रोन कैमरे भी स्नान घाट समेत अन्य प्रमुख स्थानों पर निगहबानी करेंगे। 30 गोताखोर और 40 नाव भी तैनात रहेंगी। अस्थायी कोतवाली तैयार हो गई है और अन्य जनपदों की पुलिस की आमद शुरू हो गई है।
मेला ककोड़ा का औपचारिक शुभारंभ मंगलवार को झंडी स्थापना के साथ हो चुका है। मेलास्थल पर संत-महात्माओं के साथ दुकानदारों का पहुंचना शुरू हो गया है। मीना बाजार में काम तेजी से चल रहा है। दूरदराज से आए दुकानदार दुकानों को सजाने में लगे हैं। सात नवंबर को मेले का उद्घाटन होगा। आठ नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा का मुख्य गंगा स्नान है।
गंगा का जलस्तर ज्यादा होने के कारण पिछले वर्ष के मुकाबले ज्यादा गोताखोरों और नावों को घाटों पर लगाया गया है। स्नान घाटों पर 30 गोताखोरों के अलावा गंगा में 40 नावों की तैनाती भी की गई है। नाव भी ककोड़ा पहुंचने लगी हैं। मेला कोतवाली स्थापित होने के साथ पुलिस फोर्स की आमद शुरू हो गई है। हालांकि, अब तक कोतवाली में वायरलेस सिस्टम नहीं लग सका है। पुलिसकर्मियों के भोजन के लिए मैस भी शुरू नहीं हो सकी है।
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मेलास्थल पर प्लाटून कमांडर देवेंद्र सिंह के नेतृत्व में फ्लड पीएसी के 35 जवान पहुंच गए हैं। फ्लड पीएसी के पास चार मोटरवोट भी रहेंगी। इन मोटरवोट से पीएसी के जवान लगातार गंगा में गश्त करेंगे। मेलास्थल पर पुलिस चौकियों की स्थापना का काम तेजी से चल रहा है। अगले दो दिन में लगभग व्यवथाएं पूरी होने की उम्मीद है।
40 वाच टावरों से भी रखी जाएगी गंगा तट पर नजर
गंगा तट पर नजर रखने के लिए 25-25 फुट के 40 वाच टावर बनाए जा रहे हैं। यहां से जवान मेलास्थल की 24 घंटे निगरानी करेंगे। आठ वॉच टावरों का काम पूरा हो चुका है। वीआईवी क्षेत्र में भी वाच टावर बनाए जा रहे हैं। मुख्य स्नान घाट के आसपास वाच टावरों की संख्या अधिक रहेगी। जिला पंचायत के अधिकारियों के साथ ठेकेदारों की टीमें मेला स्थल पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में लगी हुई हैं।
पहली बार तैनात रहेगी फूड सेफ्टी वैन
बदायूं। इस बार खाने-पीने की चीजों में मिलावट करने वाले दुकानदार फंसेंगे। मेले में पहली बार फूड सेफ्टी वैन की तैनाती की जाएगी। वैन के साथ लखनऊ और बदायूं की खाद्य सुरक्षा औषधि प्रशासन (एफएसडीए) टीम तैनात रहेगी।
फूट सेफ्टी वैन के छह नवंबर को बदायूं पहुंचने की उम्मीद है। सात और आठ नवंबर को यह वैन मेला स्थल पर खाने-पीने के सामानों के सैंपल लेकर तुरंत जांच रिपोर्ट देगी। अगर मिलावट पाई जाती है तो संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। मेला स्थल पर जमीन रेतीली होने के कारण धूल भी काफी उड़ती है। इस बार जिला पंचायत की ओर से मेला को धूल रहित रखने की भी व्यवस्था की गई है। संवाद
बरेली से आएंगे घुड़सवार पुलिस के जवान
सुरक्षा बंदोबस्त के मद्देनजर इस बार घुड़सवार पुलिसकर्मी भी तैनात रहेंगे। बरेली से घुड़सवार पुलिस कर्मी पहुंचेंगे। मेला में भीड़भाड़ के बीच अप्रिय स्थिति होने पर एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना आसान नहीं होता है। ऐसे में घुड़सवार पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। मेला में सबसे ज्यादा भीड़ छह, सात और आठ नवंबर को होगी।
बस स्टैंड के लिए अभी नहीं मिली जमीन
मेलास्थल पर अस्थायी रोडवेज बस स्टैंड के लिए अब तक जमीन चिह्नित नहीं हो सकी है। इसके लिए बदायूं डिपो प्रशासन ने जिला पंचायत से संपर्क भी किया है। बदायूं डिपो ने मेला के लिए 40 बसों को लगाया है। आठ बसें शटल सेवा में भी रहेंगी। अस्थायी बस स्टैंड पर तैनाती के लिए रोडवेज स्टाफ का चयन हो गया है। अब जमीन मिलने का इंतजार है।
फायर स्टेशन स्थापित, स्टाफ भी पहुंचा
बुधवार से फायर स्टेशन ने काम शुरू कर दिया है। मिनी कुंभ में फायर ब्रिगेड कर्मचारी भी पहुंच गए हैं।
दलदली होने लगीं अस्थायी सड़कें, फंस रहे वाहन
मेलास्थल के लिए अस्थायी रास्तों और सड़कों का काम पूरा नहीं हो सका है। कादरबाड़ी गांव के पास मार्ग काफी खराब है। कई स्थानों पर पतेल कम होने के कारण अस्थायी सड़क अभी से दलदली हो रही हैं। ऐसे में यहां वाहन भी फंसने लगे हैं। गौर करने की बात यह है कि अभी अस्थायी सड़कों पर वाहनों का दबाव कम है। आने वाले दिनों में वाहनों का दबाव बढ़ जाएगा।
गंगा तट पर सजने लगे साधु-संतों के आश्रम
गंगा तट पर साधु-संतों के आश्रम भी सजने लगे हैं। दूरदराज से संत-महात्मा गंगा तट पर कल्पवास करने को पहुंचने लगे हैं। चार नवंबर को देवोत्थान एकादशी के साथ कल्पवास करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी काफी बढ़ जाएगी। इन दिनों 24 घंटे डेरा-तंबू लगाने का काम चल रहा है। मुख्य स्नान घाट समेत आसपास साधु-संत भी अपने आश्रम बनाने में लगे हुए हैं।
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मेला ककोड़ा का औपचारिक शुभारंभ मंगलवार को झंडी स्थापना के साथ हो चुका है। मेलास्थल पर संत-महात्माओं के साथ दुकानदारों का पहुंचना शुरू हो गया है। मीना बाजार में काम तेजी से चल रहा है। दूरदराज से आए दुकानदार दुकानों को सजाने में लगे हैं। सात नवंबर को मेले का उद्घाटन होगा। आठ नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा का मुख्य गंगा स्नान है।
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गंगा का जलस्तर ज्यादा होने के कारण पिछले वर्ष के मुकाबले ज्यादा गोताखोरों और नावों को घाटों पर लगाया गया है। स्नान घाटों पर 30 गोताखोरों के अलावा गंगा में 40 नावों की तैनाती भी की गई है। नाव भी ककोड़ा पहुंचने लगी हैं। मेला कोतवाली स्थापित होने के साथ पुलिस फोर्स की आमद शुरू हो गई है। हालांकि, अब तक कोतवाली में वायरलेस सिस्टम नहीं लग सका है। पुलिसकर्मियों के भोजन के लिए मैस भी शुरू नहीं हो सकी है।
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मेलास्थल पर प्लाटून कमांडर देवेंद्र सिंह के नेतृत्व में फ्लड पीएसी के 35 जवान पहुंच गए हैं। फ्लड पीएसी के पास चार मोटरवोट भी रहेंगी। इन मोटरवोट से पीएसी के जवान लगातार गंगा में गश्त करेंगे। मेलास्थल पर पुलिस चौकियों की स्थापना का काम तेजी से चल रहा है। अगले दो दिन में लगभग व्यवथाएं पूरी होने की उम्मीद है।
40 वाच टावरों से भी रखी जाएगी गंगा तट पर नजर
गंगा तट पर नजर रखने के लिए 25-25 फुट के 40 वाच टावर बनाए जा रहे हैं। यहां से जवान मेलास्थल की 24 घंटे निगरानी करेंगे। आठ वॉच टावरों का काम पूरा हो चुका है। वीआईवी क्षेत्र में भी वाच टावर बनाए जा रहे हैं। मुख्य स्नान घाट के आसपास वाच टावरों की संख्या अधिक रहेगी। जिला पंचायत के अधिकारियों के साथ ठेकेदारों की टीमें मेला स्थल पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में लगी हुई हैं।
पहली बार तैनात रहेगी फूड सेफ्टी वैन
बदायूं। इस बार खाने-पीने की चीजों में मिलावट करने वाले दुकानदार फंसेंगे। मेले में पहली बार फूड सेफ्टी वैन की तैनाती की जाएगी। वैन के साथ लखनऊ और बदायूं की खाद्य सुरक्षा औषधि प्रशासन (एफएसडीए) टीम तैनात रहेगी।
फूट सेफ्टी वैन के छह नवंबर को बदायूं पहुंचने की उम्मीद है। सात और आठ नवंबर को यह वैन मेला स्थल पर खाने-पीने के सामानों के सैंपल लेकर तुरंत जांच रिपोर्ट देगी। अगर मिलावट पाई जाती है तो संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। मेला स्थल पर जमीन रेतीली होने के कारण धूल भी काफी उड़ती है। इस बार जिला पंचायत की ओर से मेला को धूल रहित रखने की भी व्यवस्था की गई है। संवाद
बरेली से आएंगे घुड़सवार पुलिस के जवान
सुरक्षा बंदोबस्त के मद्देनजर इस बार घुड़सवार पुलिसकर्मी भी तैनात रहेंगे। बरेली से घुड़सवार पुलिस कर्मी पहुंचेंगे। मेला में भीड़भाड़ के बीच अप्रिय स्थिति होने पर एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना आसान नहीं होता है। ऐसे में घुड़सवार पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। मेला में सबसे ज्यादा भीड़ छह, सात और आठ नवंबर को होगी।
बस स्टैंड के लिए अभी नहीं मिली जमीन
मेलास्थल पर अस्थायी रोडवेज बस स्टैंड के लिए अब तक जमीन चिह्नित नहीं हो सकी है। इसके लिए बदायूं डिपो प्रशासन ने जिला पंचायत से संपर्क भी किया है। बदायूं डिपो ने मेला के लिए 40 बसों को लगाया है। आठ बसें शटल सेवा में भी रहेंगी। अस्थायी बस स्टैंड पर तैनाती के लिए रोडवेज स्टाफ का चयन हो गया है। अब जमीन मिलने का इंतजार है।
फायर स्टेशन स्थापित, स्टाफ भी पहुंचा
बुधवार से फायर स्टेशन ने काम शुरू कर दिया है। मिनी कुंभ में फायर ब्रिगेड कर्मचारी भी पहुंच गए हैं।
दलदली होने लगीं अस्थायी सड़कें, फंस रहे वाहन
मेलास्थल के लिए अस्थायी रास्तों और सड़कों का काम पूरा नहीं हो सका है। कादरबाड़ी गांव के पास मार्ग काफी खराब है। कई स्थानों पर पतेल कम होने के कारण अस्थायी सड़क अभी से दलदली हो रही हैं। ऐसे में यहां वाहन भी फंसने लगे हैं। गौर करने की बात यह है कि अभी अस्थायी सड़कों पर वाहनों का दबाव कम है। आने वाले दिनों में वाहनों का दबाव बढ़ जाएगा।
गंगा तट पर सजने लगे साधु-संतों के आश्रम
गंगा तट पर साधु-संतों के आश्रम भी सजने लगे हैं। दूरदराज से संत-महात्मा गंगा तट पर कल्पवास करने को पहुंचने लगे हैं। चार नवंबर को देवोत्थान एकादशी के साथ कल्पवास करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी काफी बढ़ जाएगी। इन दिनों 24 घंटे डेरा-तंबू लगाने का काम चल रहा है। मुख्य स्नान घाट समेत आसपास साधु-संत भी अपने आश्रम बनाने में लगे हुए हैं।

मेला ककोड़ा में ट्रक से उतारा जा रहा खेल-तमाशों का सामान। संवाद- फोटो : BADAUN

मिनी कुंभ स्थल पर बनाया जा रहा वाच टॉवर। संवाद- फोटो : BADAUN

गंगा तट पर कल्पवास के लिए पहुंचने लगे परिवार। संवाद- फोटो : BADAUN

मिनी कुंभ स्थल पर पहुंचा झूले का सामान। संवाद- फोटो : BADAUN