फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Jitender be Vemula Being on the force

जितेंद्र को वेमुला बनने पर किया जा रहा मजबूर

Sun, 31 Jan 2016 11:46 PM IST
बदायूं
बदायूं Updated Sun, 31 Jan 2016 11:46 PM IST
विज्ञापन
Jitender be Vemula Being on the force

विज्ञापन
 हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के छात्र रोहित वेमुला के आत्महत्या करने के बाद पूरे देश का सियासी पारा चढ़ गया। उससे पहले किसी सियासी दल ने इस मामले में हस्तक्षेप नहीं किया। वहां के प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका भी संतोषजनक नहीं रही। इससे एक शोधार्थी छात्र को आत्महत्या करने पर मजबूर होना पड़ा था। यहां भी ऐसी ही समस्याओं से दो-चार एक छात्र दर-दर भटक रहा है, लेकिन उसकी सुनवाई कहीं नहीं हो रही। इससे परेशान होकर ये छात्र आत्महत्या करने की कोशिश भी कर चुका है, लेकिन प्रशासनिक, पॉलीटेक्निक अधिकारियों एवं राजनेता शायद किसी अनहोनी का इंतजार रहे हैं। उसहैत थाना क्षेत्र के गांव टिकरी के निवासी रामऔतार ने बेटे को न्याय दिलाने और बचाने के लिए प्राविधिक शिक्षा परिषद के सचिव को एक पत्र भी भेजा है।
रामऔतार ने बताया कि उनका बेटा जितेंद्र कुमार शहर के लोचीनगला मोहल्ले में रहकर पॉलीटेक्निक कॉलेज से पढ़ाई कर रहा है। वर्ष 2015 में उसने पेंट टेक्नालॉजी की द्वितीय वर्ष की परीक्षा दी, लेकिन उसे तीन पेपरों में अनुपस्थित दर्शा दिया गया। इसके लिए उसने प्राचार्य से लेकर लखनऊ तक भागदौड़ की, उसे उपस्थित तो दर्शा दिया गया, लेकिन एप्लाइड मैथमेटिक्स में जीरो अंक दर्शाकर फेल कर दिया गया। कहा कि जबकि उसके बेटे के इस विषय में 20 अंक आए थे। कहा कि उनकी इस समस्या का निस्तारण न होने से उसकी एक साल बर्बाद हो रही है, तृतीय वर्ष की परीक्षा होने में केवल डेढ़ माह का समय बचा है।
विज्ञापन

पिता का कहना है कि उसका बेटा इससे काफी डिप्रेशन में आ गया है। वह एक बार आत्महत्या करने की कोशिश कर चुका है, जबकि कॉलेज प्रशासन उसकी समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहा है। ऐसे में बेटे द्वारा अनहोनी किए जाने का अंदेशा है। इसलिए उसकी इस समस्या का तुरंत निस्तारण किया जाए, जिससे उसके बेटे की वर्ष के साथ उसके जीवन को भी संकट में पड़ने से बचाया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्राचार्य -डीडी सिंह के अनुसार छात्र जितेंद्र कुमार का रिजल्ट घोषित हो चुका है, उसके दो विषयों में 13 एवं 14 अंक है, जबकि एक में शून्य अंक हैं। इसलिए वह फेल हो गया है। इसकी पुष्टि के लिए छात्र और उनके अभिभावक लखनऊ जाकर सचिव से छात्र द्वारा लिखी हुई कॉपियां भी चेक कर सकते हैं। जितेंद्र ने मार्कशीट में हेरफेर करके 20 अंक दर्शा लिए हैं, क्योंकि सचिव के यहां इसके शून्य अंक दर्ज हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed