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विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट के फेर में तेंदुआ की हत्या की जांच पूरी होने में हो रही देरी
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बदायूं। सहसवान के गांव रसूलपुर बेला और गढ़िया जरीफपुर के जंगल में 12 जनवरी को तेंदुए की हत्या के मामले में जहां पुलिस कार्रवाई ढीली है, वहीं एसआईटी जांच भी थम सी गई है। तेंदुए को घेरकर मौत के घाट उतारने के मामले में सहसवान पुलिस नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी से बच रही है। रिपोर्ट में 30-35 लोग अज्ञात हैं उनकी भी अभी तक पहचान की गई है। इधर, आईवीआरआई बरेली से अब तक तेंदुए की विस्तृत जांच रिपोर्ट भी नहीं मिल सकी है, जिससे एसआईटी जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है।
सहसवान के गांव रसूलपुर बेला और गढ़िया जरीफपुर के जंगल में 12 जनवरी को तेंदुआ ने हमला कर तीन लोगों को घायल कर दिया था। इसके बाद ग्रामीणों ने खेत पर तेंदुए को घेरकर मार डाला था। इसमें एक ट्रैक्टर का भी इस्तेमाल किया गया। पूरे मामले में वन विभाग की लापरवाही सामने आई थी। सूचना होने के बावजूद वन विभाग की टीम आठ घंटे के बाद मौके पर पहुंचकर तेंदुआ का शव कब्जे में ले सकी। प्रथम दृष्टा लापरवाही के आरोप में एक रेंजर और एक वन संरक्षक को सस्पेंड कर दिया गया था। बरेली से लेकर लखनऊ तक की टीमों ने मौका मुआयना किया। प्रधान प्रमुख मुख्य वन संरक्षक लखनऊ ने प्रधान वन संरक्षक रमेश पांडेय के नेतृत्व में तीन सदस्यों की एसआईटी गठित की थी। तेंदुआ का शव 13 जनवरी को आईवीआरआई भेजा गया था। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट तो मिल गई थी, लेकिन विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट डेढ़ महीने के बाद भी नहीं मिल सकी है। इसमें तेंदुआ के स्वास्थ्य और उम्र आदि के बारे में विस्तृत जानकारियां सामने आनी हैं।
एसआईटी तेंदुआ की हत्या के मामले में जांच कर रही है। तेंदुआ की विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद उसके स्वास्थ्य, उम्र आदि से जुड़े कई पहलू स्पष्ट हो जाएंगे। बदायूं के अधिकारियों से पता करने पर मालूम हुआ है कि आईवीआरआई से तेंदुआ की विस्तृत जांच रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है।
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रमेश पांडेय, मुख्य वन संरक्षक वन्य जीव
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सहसवान के गांव रसूलपुर बेला और गढ़िया जरीफपुर के जंगल में 12 जनवरी को तेंदुआ ने हमला कर तीन लोगों को घायल कर दिया था। इसके बाद ग्रामीणों ने खेत पर तेंदुए को घेरकर मार डाला था। इसमें एक ट्रैक्टर का भी इस्तेमाल किया गया। पूरे मामले में वन विभाग की लापरवाही सामने आई थी। सूचना होने के बावजूद वन विभाग की टीम आठ घंटे के बाद मौके पर पहुंचकर तेंदुआ का शव कब्जे में ले सकी। प्रथम दृष्टा लापरवाही के आरोप में एक रेंजर और एक वन संरक्षक को सस्पेंड कर दिया गया था। बरेली से लेकर लखनऊ तक की टीमों ने मौका मुआयना किया। प्रधान प्रमुख मुख्य वन संरक्षक लखनऊ ने प्रधान वन संरक्षक रमेश पांडेय के नेतृत्व में तीन सदस्यों की एसआईटी गठित की थी। तेंदुआ का शव 13 जनवरी को आईवीआरआई भेजा गया था। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट तो मिल गई थी, लेकिन विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट डेढ़ महीने के बाद भी नहीं मिल सकी है। इसमें तेंदुआ के स्वास्थ्य और उम्र आदि के बारे में विस्तृत जानकारियां सामने आनी हैं।
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एसआईटी तेंदुआ की हत्या के मामले में जांच कर रही है। तेंदुआ की विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद उसके स्वास्थ्य, उम्र आदि से जुड़े कई पहलू स्पष्ट हो जाएंगे। बदायूं के अधिकारियों से पता करने पर मालूम हुआ है कि आईवीआरआई से तेंदुआ की विस्तृत जांच रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है।
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रमेश पांडेय, मुख्य वन संरक्षक वन्य जीव