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बंद किए निष्क्रिय जनधन खाते, आर्थिक मदद न मिलने पर भड़क रहे खाताधारक
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दबतोरी। केंद्र सरकार की ओर से लॉकडाउन में जनधन खातों में प्रतिमाह पांच सौ रुपये की आर्थिक मदद भेजी जा रही है। ऐसे में हजारों खाताधारक सहायता राशि नहीं मिलने से परेशान हैं। दरअसल, बैंकों ने किसी तरह का लेन-देन न होने के चलते कई बैंक खातों को बंद कर दिया था। शनिवार को दबतोरी स्थित सर्व यूपी ग्रामीण बैंक में एक खाताधारक ने इसी बात को लेकर हंगामा भी कर दिया। सूचना पर यूपी 112 भी पहुंची।
बैंक शाखाओं में इन दिनों जनधन खाताधारकों की लाइन लग रही हैं। दबतोरी स्थित सर्व यूपी ग्रामीण बैंक ने भी हजारों की संख्या में निष्क्रिय जनधन खातों को बंद कर दिया था। इन खातों में कोई लेनदेन नहीं हुआ था। दबतोरी की खुशनुमा अपने जनधन खाते से रुपये निकालने बैंक पहुंची, तो उसे पता लगा कि लेनदेन न होने के चलते खाते को बंद कर दिया गया है। इस पर उसने अपने पति शकील को बुला लिया। शकील ने यहां बैंक कर्मचारियों से नोकझोंक शुरू कर दी। इसके बाद उसने मुख्यमंत्री के टोल फ्री नंबर पर शिकायत की। जांच करने के लिए यूपी 112 पहुंची। काफी संख्या में ग्रामीणों के जनधन खाते बंद हो चुके हैं। ऐसे में ग्रामीण खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। जो खाते सक्रिय हैं उन खाताधारकों को ही राशि बांटी जा रही है। शाखा प्रबंधक राजीव कुमार का कहना है कि बैंक की गाइडलाइन के अनुसार जिन खातों में कोई लेनदेन ही नहीं हुआ, उनको बंद कर दिया गया है। जो खाते सक्रिय हैं उन खातों में राशि आई है। इसका वितरण किया जा रहा है। ऐसे में खाताधारकों का बैंक कर्मचारियों से नोकझोंक करना गलत है।
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बैंक शाखाओं में इन दिनों जनधन खाताधारकों की लाइन लग रही हैं। दबतोरी स्थित सर्व यूपी ग्रामीण बैंक ने भी हजारों की संख्या में निष्क्रिय जनधन खातों को बंद कर दिया था। इन खातों में कोई लेनदेन नहीं हुआ था। दबतोरी की खुशनुमा अपने जनधन खाते से रुपये निकालने बैंक पहुंची, तो उसे पता लगा कि लेनदेन न होने के चलते खाते को बंद कर दिया गया है। इस पर उसने अपने पति शकील को बुला लिया। शकील ने यहां बैंक कर्मचारियों से नोकझोंक शुरू कर दी। इसके बाद उसने मुख्यमंत्री के टोल फ्री नंबर पर शिकायत की। जांच करने के लिए यूपी 112 पहुंची। काफी संख्या में ग्रामीणों के जनधन खाते बंद हो चुके हैं। ऐसे में ग्रामीण खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। जो खाते सक्रिय हैं उन खाताधारकों को ही राशि बांटी जा रही है। शाखा प्रबंधक राजीव कुमार का कहना है कि बैंक की गाइडलाइन के अनुसार जिन खातों में कोई लेनदेन ही नहीं हुआ, उनको बंद कर दिया गया है। जो खाते सक्रिय हैं उन खातों में राशि आई है। इसका वितरण किया जा रहा है। ऐसे में खाताधारकों का बैंक कर्मचारियों से नोकझोंक करना गलत है।
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