बिल्सी। मोहल्ला संख्या आठ स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में मंगलवार को भगवान मल्लिनाथ स्वामी का ज्ञान कल्याणक यहां बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया। यहां सर्वप्रथम जैन अनुयायियों ने भगवान जिनेंद्र स्वामी का मंगल जलाभिषेक कर शांतिधारा की। बाद में पूजा-अर्चना कर मंगल आरती की गई।
श्री दिगंबर जैन महा समिति के मंडलाध्यक्ष प्रशांत कुमार जैन ने बताया कि भगवान मल्लिनाथ जैन धर्म के उन्नीसवें तीर्थंकर है। जैन धर्म भारत के प्राचीन धर्मों से एक हैं। मल्लिनाथ का जन्म मिथिलापुरी के इक्ष्वाकु वंश में मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष एकादशी को अश्विन नक्षत्र में हुआ था। इनकी माता का नाम माता रक्षिता देवी और पिता का नाम राजा कुंभराज था। इनके शरीर का वर्ण नीला था जबकि इनका चिह्न कलश था। इनके यक्ष का नाम कुबेर और यक्षिणी का नाम धरणप्रिया देवी था। जैन धर्मावलंबियों के अनुसार भगवान श्री मल्लिनाथ स्वामी के गणधरों की कुल संख्या 28 थी। इनमें अभीक्षक स्वामी इनके प्रथम गणधर थे। इस मौके पर अनिल जैन, अरविंद जैन, नीलम जैन, ज्योति जैन, मानसी जैन, शालिनी जैन, दीपिका जैन, आराध्या जैन, स्तुति जैन मौजूद रहे।