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Budaun News: जल्द ही जिला अस्पताल के बंद पड़े शौचालय का ताला खुलने की उम्मीद
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जिला अस्पताल में पांच साल से बंद शौचालय को कराया जा रहा शुरू। संवाद
पांच साल से लटका है ताला, मरीजों और तीमारदारों को होती है दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। मरीजों और तीमारदारों की समस्या को देखते हुुए सीएमएस ने खंडहर में तब्दील हो चुके जिला अस्पताल के शौचालय को ठीक कराने का काम शुरू कराया है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा।
जिला अस्पताल में पांच साल पहले तक सार्वजनिक शौचालय संचालित था। इस शौचालय का पांच रुपये देकर कोई भी व्यक्ति उपयोग कर सकता था। बाद में इसपर ताला डाल दिया गया। डॉ. कप्तान सिंह ने जब सीएमएस का चार्ज संभाला तो जिला अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं की सुध ली।
पिछले दिनों अमर उजाला ने भी इस मुद्दे की तरफ उनका ध्यान आकृष्ट किया, जिसके बाद सीएमएस ने शौचालय को ठीक कराने का निर्णय किया। अब यहां काम शुरू हो गया है। अस्पताल में रोजाना सौ से अधिक मरीज इमरजेंसी में पहुंचते हैं, जिसमें से 50 से 60 मरीज भर्ती होते हैं। एक मरीज के साथ अमूमन दो से चार तीमारदार आते हैं। इसके अलावा आठ सौ से एक हजार मरीजों की ओपीडी रहती है।
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शौचालय पर ताला लटकने से सभी को अस्पताल से बाहर की दौड़ लगानी पड़ती है। खासकर महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। मरीजों और तीमारदारों की समस्या को देखते हुुए सीएमएस ने खंडहर में तब्दील हो चुके जिला अस्पताल के शौचालय को ठीक कराने का काम शुरू कराया है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा।
जिला अस्पताल में पांच साल पहले तक सार्वजनिक शौचालय संचालित था। इस शौचालय का पांच रुपये देकर कोई भी व्यक्ति उपयोग कर सकता था। बाद में इसपर ताला डाल दिया गया। डॉ. कप्तान सिंह ने जब सीएमएस का चार्ज संभाला तो जिला अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं की सुध ली।
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पिछले दिनों अमर उजाला ने भी इस मुद्दे की तरफ उनका ध्यान आकृष्ट किया, जिसके बाद सीएमएस ने शौचालय को ठीक कराने का निर्णय किया। अब यहां काम शुरू हो गया है। अस्पताल में रोजाना सौ से अधिक मरीज इमरजेंसी में पहुंचते हैं, जिसमें से 50 से 60 मरीज भर्ती होते हैं। एक मरीज के साथ अमूमन दो से चार तीमारदार आते हैं। इसके अलावा आठ सौ से एक हजार मरीजों की ओपीडी रहती है।
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शौचालय पर ताला लटकने से सभी को अस्पताल से बाहर की दौड़ लगानी पड़ती है। खासकर महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा।

जिला अस्पताल में पांच साल से बंद शौचालय को कराया जा रहा शुरू। संवाद