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आईएससी 12 वीं में दक्ष ने किया जिले में टॉप, पवनी दूसरे स्थान पर
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जिले में दूसरे नंबर पर-12 वीं, पवनी अग्रहरि, 93.25 प्रतिशत, डीपॉल स्कूल, बदायूं
- फोटो : BADAUN
बदायूं। आईएससी ( इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट) 12 वीं का रिजल्ट रविवार शाम को घोषित कर दिया गया। 93.75 फीसदी अंकों के साथ दक्ष शंखधार ने जिले में टॉप किया है। 93.25 फीसदी अंक के साथ पवनी अग्रहरि जिले में दूसरे स्थान पर रहीं। टॉप टेन की सूची में छह बेटियां हैं। हालांकि, पहले स्थान पर छात्र ने कब्जा किया है। रिजल्ट घोषित होने के साथ छात्र-छात्राओं के चेहरे खिल उठे।
आईएससी का जिले में एक ही डी पॉल स्कूल है। स्कूल के 27 छात्र-छात्राएं ऐसे हैं जिन्होंने 82 फीसदी से ज्यादा अंक हासिल किए हैं। 93 फीसदी अंक के साथ आयुष्मान पटेल जिले में तीसरे स्थान पर रहे हैं। चौथे स्थान पर संयुक्त रूप से 92.75 फीसदी अंक के साथ अनुशिखा और नूपुर गुप्ता रहीं। 92.25 फीसदी अंक के साथ सास्वत मल्होत्रा पांचवें स्थान पर हैं। 92 फीसदी अंक के साथ अभिनव शर्मा, जिज्ञासा अग्रवाल और अनिकेत यादव संयुक्त रूप से छठे स्थान पर रहे। 91.25 फीसदी अंक प्राप्त कर आयुष्मान मिश्रा ने जिले में सातवां स्थान पाया है। आठवें स्थान पर रहीं तान्या माहेश्वरी ने 90.5 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं। 90 फीसदी अंक के साथ नवें स्थान पर नंदिनी गुप्ता और 89.75 फीसदी अंक हासिल कर दसवें स्थान पर तनिष्क भारद्वाज रहे।
रविवार को रिजल्ट घोषित होने के साथ छात्र-छात्राओं के चेहरे खिल उठे। गौर करने की बात यह है कि टॉप टेन में कुल 13 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। टॉप टेन की सूची में शामिल 13 छात्र-छात्राओं में छह छात्राएं और सात छात्रों ने जगह बनाई है।
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वकील बन कर समाज की सेवा करेंगे दक्ष
शहर के शिवपुरम गली नंबर दो में रहने वाले श्याम बिहारी लाल शर्मा एडवोकेट के बेटे दक्ष शंखधार वकील बन कर समाज की सेवा करना चाहते हैं। दक्ष ने आईएससी 12 वीं परीक्षा में 93.75 फीसदी अंक हासिल कर जिले में टॉप किया है। पवनी की मां सरिता शर्मा गृहिणी हैं। बड़ी बहन मानसी शंखधार एमएड कर रही हैं। दक्ष का कहना है कि कभी दबाव में नहीं रहना चाहिए। मन शांत और एकाग्र रहे इसके लिए वह संगीत सुनते हैं। दक्ष सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल करते हैं मगर उसकी उन्होंने सीमा तय कर रखी है। दक्ष का कहना है कि सफल होने के लिए जरूरी है कि लक्ष्य तय हो। जब भी पढ़ाई करो तो पूरा मन लगाकर करो। दक्ष का कहना है कि उनका जब मन होता था तब ही वह पढ़ाई करते थे। सफलता का श्रेय वह अपने गुरुजनों और माता-पिता को देते हैं। दक्ष का कहना है कि उनको समाज सेवा में खास रुचि है।
प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती हैं पवनी
जिला परिषद कॉलोनी में रहने वाली पवनी अग्रहरि भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती हैं। पवनी में आईएससी 12 वीं में 93.25 फीसदी अंक हासिल किए हैं। पवनी के पिता विजय कुमार जिला पंचायत में कार्यरत हैं और मां गरिमा अग्रहरी गृहिणी हैं। पवनी का कहना है कि अब वह यूपीएससी की तैयारी करेंगी। पवनी का परिवार मूल रूप से गोरखपुर का निवासी है। पवनी अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और टीचरों को देती हैं। उनका कहना है कि दबाव में कुछ नहीं करना चाहिए। सफलता के लिए जरूरी है कि फोकस पूरी तरह से लक्ष्य पर हो। वह सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल करती हैं। पवनी का कहना है कि लक्ष्य तय होना चाहिए। पढ़ाई के लिए टाइम टेबल जरूरी है। उनका कहना है कि कुछ भी करो लेकिन पढ़ाई के समय फोकस पूरी तरह से पढ़ाई पर ही होना चाहिए। यह सफलता के लिए जरूरी है।
इंजीनियर बनना चाहते हैं टॉपर आयुष्मान पटेल
शहर के मोहल्ला कूंचा पांडा में रहने वाले आयुष्मान पटेल इंजीनियर बनना चाहते हैं। दक्ष के पिता भगवान दास डायट में क्लर्क हैं और मां कुमकुम गृहिणी हैं। दक्ष की छोटी बहन ऐश्वर्य भी डी पॉल स्कूल में कक्षा पांच की छात्रा है। आयुष्मान का कहना है कि वह इंजीनियर बन कर देश की सेवा करना चाहते हैं। दक्ष अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को देते हैं। उनका कहना है सफल होने के लिए जरूरी है कि पढ़ाई दबाव में नहीं बल्कि एकाग्रता और मन लगाकर की जाए। आईएससी 12 वीं की परीक्षा देने के बाद से ही वह दिल्ली में कोचिंग कर कंपटीशन की तैयारी कर रहे हैं। आयुष्मान के पिता भवानदास ने बताया कि बेटे का नंबर जेईई मेन में भी आ चुका है। आयुष्मान ने आईएससी 12 वीं में 93 फीसदी अंक हासिल कर जिले में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। उनके परिवार में खुशी का माहौल है।
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आईएससी का जिले में एक ही डी पॉल स्कूल है। स्कूल के 27 छात्र-छात्राएं ऐसे हैं जिन्होंने 82 फीसदी से ज्यादा अंक हासिल किए हैं। 93 फीसदी अंक के साथ आयुष्मान पटेल जिले में तीसरे स्थान पर रहे हैं। चौथे स्थान पर संयुक्त रूप से 92.75 फीसदी अंक के साथ अनुशिखा और नूपुर गुप्ता रहीं। 92.25 फीसदी अंक के साथ सास्वत मल्होत्रा पांचवें स्थान पर हैं। 92 फीसदी अंक के साथ अभिनव शर्मा, जिज्ञासा अग्रवाल और अनिकेत यादव संयुक्त रूप से छठे स्थान पर रहे। 91.25 फीसदी अंक प्राप्त कर आयुष्मान मिश्रा ने जिले में सातवां स्थान पाया है। आठवें स्थान पर रहीं तान्या माहेश्वरी ने 90.5 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं। 90 फीसदी अंक के साथ नवें स्थान पर नंदिनी गुप्ता और 89.75 फीसदी अंक हासिल कर दसवें स्थान पर तनिष्क भारद्वाज रहे।
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रविवार को रिजल्ट घोषित होने के साथ छात्र-छात्राओं के चेहरे खिल उठे। गौर करने की बात यह है कि टॉप टेन में कुल 13 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। टॉप टेन की सूची में शामिल 13 छात्र-छात्राओं में छह छात्राएं और सात छात्रों ने जगह बनाई है।
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वकील बन कर समाज की सेवा करेंगे दक्ष
शहर के शिवपुरम गली नंबर दो में रहने वाले श्याम बिहारी लाल शर्मा एडवोकेट के बेटे दक्ष शंखधार वकील बन कर समाज की सेवा करना चाहते हैं। दक्ष ने आईएससी 12 वीं परीक्षा में 93.75 फीसदी अंक हासिल कर जिले में टॉप किया है। पवनी की मां सरिता शर्मा गृहिणी हैं। बड़ी बहन मानसी शंखधार एमएड कर रही हैं। दक्ष का कहना है कि कभी दबाव में नहीं रहना चाहिए। मन शांत और एकाग्र रहे इसके लिए वह संगीत सुनते हैं। दक्ष सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल करते हैं मगर उसकी उन्होंने सीमा तय कर रखी है। दक्ष का कहना है कि सफल होने के लिए जरूरी है कि लक्ष्य तय हो। जब भी पढ़ाई करो तो पूरा मन लगाकर करो। दक्ष का कहना है कि उनका जब मन होता था तब ही वह पढ़ाई करते थे। सफलता का श्रेय वह अपने गुरुजनों और माता-पिता को देते हैं। दक्ष का कहना है कि उनको समाज सेवा में खास रुचि है।
प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती हैं पवनी
जिला परिषद कॉलोनी में रहने वाली पवनी अग्रहरि भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती हैं। पवनी में आईएससी 12 वीं में 93.25 फीसदी अंक हासिल किए हैं। पवनी के पिता विजय कुमार जिला पंचायत में कार्यरत हैं और मां गरिमा अग्रहरी गृहिणी हैं। पवनी का कहना है कि अब वह यूपीएससी की तैयारी करेंगी। पवनी का परिवार मूल रूप से गोरखपुर का निवासी है। पवनी अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और टीचरों को देती हैं। उनका कहना है कि दबाव में कुछ नहीं करना चाहिए। सफलता के लिए जरूरी है कि फोकस पूरी तरह से लक्ष्य पर हो। वह सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल करती हैं। पवनी का कहना है कि लक्ष्य तय होना चाहिए। पढ़ाई के लिए टाइम टेबल जरूरी है। उनका कहना है कि कुछ भी करो लेकिन पढ़ाई के समय फोकस पूरी तरह से पढ़ाई पर ही होना चाहिए। यह सफलता के लिए जरूरी है।
इंजीनियर बनना चाहते हैं टॉपर आयुष्मान पटेल
शहर के मोहल्ला कूंचा पांडा में रहने वाले आयुष्मान पटेल इंजीनियर बनना चाहते हैं। दक्ष के पिता भगवान दास डायट में क्लर्क हैं और मां कुमकुम गृहिणी हैं। दक्ष की छोटी बहन ऐश्वर्य भी डी पॉल स्कूल में कक्षा पांच की छात्रा है। आयुष्मान का कहना है कि वह इंजीनियर बन कर देश की सेवा करना चाहते हैं। दक्ष अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को देते हैं। उनका कहना है सफल होने के लिए जरूरी है कि पढ़ाई दबाव में नहीं बल्कि एकाग्रता और मन लगाकर की जाए। आईएससी 12 वीं की परीक्षा देने के बाद से ही वह दिल्ली में कोचिंग कर कंपटीशन की तैयारी कर रहे हैं। आयुष्मान के पिता भवानदास ने बताया कि बेटे का नंबर जेईई मेन में भी आ चुका है। आयुष्मान ने आईएससी 12 वीं में 93 फीसदी अंक हासिल कर जिले में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। उनके परिवार में खुशी का माहौल है।

जिला टॉपर-12 वीं, दक्ष शंखधार, 93.75 प्रतिशत, डीपॉल स्कूल, बदायूं- फोटो : BADAUN