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सजीव झांकियां रहीं आकर्षण का केंद्र
सहसवान (बदायूं)
Updated Sun, 01 Nov 2015 09:38 PM IST
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महर्षि वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में मोहल्ला अकबराबाद के वाल्मीकि मंदिर से शोभायात्रा निकाली गई। पालिका अध्यक्ष हाजी नूरउद्दीन ने फीता काटकर शुभारंभ कराया। जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर सजीव झांकियों की आरती उतारी। शोभायात्रा में धार्मिक धुनों पर लोग थिरकते हुए चल रहे थे। सबसे आगे श्री गणेश-लक्ष्मी और सरस्वती की सजीव झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रही। काली अखाड़े ने कला कौशल दिखाया।
बाल्मीकि मंदिर पर किशनलाल ने पूजन किया। इसके बाद शोभायात्रा अकबराबाद से शुरू होकर जहांगीराबाद चौराहा, नयागंज, नवादा, कोतवाली, मुख्य बाजार, बाजार बिल्सनगंज, तहसील गेट,चौधरी मोहल्ला होते हुए नीची नुन्हेर पहुंची। शोभायात्रा में काली अखाड़ा, र्साइं बाबा, कारागार में कृष्ण जन्म के बाद बेड़ियों में जकड़ी हुई मां देवकी और पल्ले में कृष्ण जी को सिर पर रखकर ले जाते वासुदेव की सजीव झांकी, भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के साथ पवन पुत्र हनुमान जी की सजीव झांकी, सीता जी की कुटी सबसे पीछे महर्षि वाल्मीकि की सजीव झांकी चल रही थी।
इस मौके पर हरिद्वार से पधारे पतंजलि योग पीठ के स्वामी रामदेव के सहयोगी स्वामी सत्यभान व स्वामी सत्यपाल,चंद्रपाल वाल्मीकि, संजय कुमार, मुकेश, मनोज, अजय मुखर्जी, रविंद्र, नीरज, हरीशलाल, मदन आदि का सहयोग रहा। शोभायात्रा का संचालन सुभाष मुखर्जी ने किया।
बाल्मीकि मंदिर पर किशनलाल ने पूजन किया। इसके बाद शोभायात्रा अकबराबाद से शुरू होकर जहांगीराबाद चौराहा, नयागंज, नवादा, कोतवाली, मुख्य बाजार, बाजार बिल्सनगंज, तहसील गेट,चौधरी मोहल्ला होते हुए नीची नुन्हेर पहुंची। शोभायात्रा में काली अखाड़ा, र्साइं बाबा, कारागार में कृष्ण जन्म के बाद बेड़ियों में जकड़ी हुई मां देवकी और पल्ले में कृष्ण जी को सिर पर रखकर ले जाते वासुदेव की सजीव झांकी, भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के साथ पवन पुत्र हनुमान जी की सजीव झांकी, सीता जी की कुटी सबसे पीछे महर्षि वाल्मीकि की सजीव झांकी चल रही थी।
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इस मौके पर हरिद्वार से पधारे पतंजलि योग पीठ के स्वामी रामदेव के सहयोगी स्वामी सत्यभान व स्वामी सत्यपाल,चंद्रपाल वाल्मीकि, संजय कुमार, मुकेश, मनोज, अजय मुखर्जी, रविंद्र, नीरज, हरीशलाल, मदन आदि का सहयोग रहा। शोभायात्रा का संचालन सुभाष मुखर्जी ने किया।
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