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अटैचमेंट का खेल, एडी हेल्थ का सीएमओ को नोटिस, कार्रवाई का आदेश

Wed, 03 Aug 2022 12:59 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 03 Aug 2022 12:59 AM IST
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Instructions to CMO to cancel attachments made against rules within three days
बदायूं का सीएमओ कार्यालय। फाइल - फोटो : BADAUN
बदायूं। नियमों की अनदेखी कर सीएचसी, पीएचसी के डॉक्टरों को जिला मुख्यालय पर मलाईदार पदों पर अटैच करने के मामले में अपर निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. दीपक ओहरी ने सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। उन्होंने महानिदेशक को भी इस संबंध में लिखा है। सीएमओ को तीन दिन के भीतर नियम विरुद्ध अटैचमेंट खत्म करने के निर्देश दिए गए हैं।
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शासनादेश है कि डॉक्टर अपनी मूल तैनाती के स्थल पर ही सेवाएं देंगे, इसके बावजूद पीएचसी और सीएचसी के डॉक्टरों को बड़ी संख्या में मुख्यालय पर बेवजह अटैच कर रखा गया है। इतना ही नहीं इन डॉक्टरों को मलाईदार पद दिए गए हैं। झोलाछाप नियंत्रण अभियान के तहत चार डॉक्टरों को चार तहसीलों का प्रभारी बना दिया गया है, जबकि झोलाछाप, अवैध नर्सिंग होम और पैथोलॉजी लैबों पर कार्रवाई ही नहीं हो रही।
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वजीरगंज सीएचसी पर तैनात डॉ. पीयूष मोहन, जगत में तैनात डॉ. आकांक्षा यादव, डॉ. गजेंद्र वर्मा को जिला अस्पताल में अटैच कर रखा है। इसके अलावा समरेर में तैनात डॉ. तहसीन, दातागंज में तैनात डॉ. सनोज मिश्रा, जगत में तैनात डॉ. मोहम्मद असलम, कादरचौक में तैनात डॉ. अमित रस्तोगी, आसफपुर में तैनात डॉ. पंकज शर्मा, डॉ. पवन कुमार को अपने अधीन अटैच कर रखा है। इसका सीधा असर गांव-देहात की चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं पर हो रहा है।
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अटैचमेंट का खेल सामने आने के बाद एडी हेल्थ (अपर निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. दीपक ओहरी ने इसका संज्ञान लेते हुए मंगलवार को सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। यह भी निर्देश दिए हैं कि नियम विरुद्ध डॉक्टरों का अटैचमेंट तीन दिन के भीतर खत्म किया जाए। एडी ने इस संबंध में कार्रवाई के लिए शासन स्तर पर भी लिखा है।
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सीएचसी, पीएचसी खाली, जिला अस्पताल में तीन नेत्र रोग विशेषज्ञ
एक ओर सीएचसी और पीएचसी पर डॉक्टरों की कमी है वहीं दूसरी ओर अनावश्यक रूप से डॉक्टरों को सेवाओं पर लगाया गया है। नेत्र रोग विशेषज्ञ की बात करें तो सीएचसी-पीएचसी पर आंखों संबंधी समस्याओं से ग्रस्त लोगों को इलाज नहीं मिल रहा, वहीं जिला अस्पताल में डॉ. पीयूष मोहन, डॉ. कुशलपाल और डॉ. उत्पल रस्तोगी की तैनाती है। डॉ. उत्पल रस्तोगी संविदा पर सेवाएं दे रहे हैं।
डॉ. पीयूष मोहन की मूल तैनाती वजीरगंज सीएचसी पर है। उनको जिला अस्पताल में नियम विरुद्ध तैनात किया गया है। इतना ही नहीं लंबे समय से नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ (ईएनटी) प्रेमशंकर मौर्य ने खुद को शाहजहांपुर अटैच करा रखा है, जबकि उनकी मूल तैनाती बदायूं में है। एडी हेल्थ के स्तर से कार्रवाई की चेतावनी के बाद अब स्वास्थ्य विभाग अटैच डॉक्टरों और कर्मचारियों के बारे में सूचनाएं जुटाने में लगा है।

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बदायूं में नियम विरुद्ध डॉक्टरों को अटैच किए जाने के मामले में सीएमओ से जवाब मांगा गया है। इस संबंध में महानिदेशक और शासन स्तर पर भी लिखा गया है। सीएमओ बदायूं को तीन दिन के भीतर डॉक्टरों को मूल पदों पर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। शासनादेशों का उल्लंघन करते हुए नियम विरुद्ध अटैचमेंट मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. दीपक ओहरी, अपर निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं
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