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मूसाझाग थाने के आवास में दरोगा की मौत
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दरोगा जयेंद्र का फाइल फोटो। संवाद
- फोटो : BADAUN
बदायूं। मूसाझाग थाने के दरोगा 59 वर्षीय जयेंद्र की उनके आवास में संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। उनका शव रविवार रात उनके थाना परिसर स्थित आवास में बिस्तर पर मिला। अधिकारी हार्टअटैक से मौत होने की बात मान रहे हैं। परिवार को सूचना दे दी गई है।
अमरोहा जिले के रजबपुर थाने के बलदाना हीरा सिंह गांव के मूल निवासी जयेंद्र पुलिस विभाग में दरोगा थे। दो महीने पहले तक वह यूपी 112 में तैनात थे। इसके बाद उन्हें मूसाझाग थाने में तैनाती मिल गई। रविवार को उनकी नई सड़क तिराहे के बैरियर पर चेकिंग में ड्यूटी थी। वह शाम को ड्यूटी से लौटे और थाना परिसर स्थित अपने आवास में खाना खाने चले गए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक रात आठ बजे से दोबारा ड्यूटी थी। वह नहीं आए तो उन्हें कॉल की गई। मोबाइल रिसीव न होने पर स्टाफ ने उनके आवास पर जाकर दरवाजा खटखटाया।
आवाज न आने पर स्टाफ के लोगों ने दरवाजा तोड़ दिया। अंदर से चिटकनी लगी थी और दरोगा जयेंद्र का शव बिस्तर पर पड़ा था। बदहवास साथी उन्हें गाड़ी में लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में लोगों ने देखा कि दरोगा के मुंह से खून भी आ रहा है। सूचना पर एसएसपी डॉ. ओपी सिंह भी थाने पहुंचे गए। वहां उन्होंने कमरे का मुआयना किया। एसएसपी ने बताया कि प्राथमिक तौर पर हार्टअटैक से मौत का मामला लग रहा है। दरोगा के परिवार को सूचना दे दी है।
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विभाग के लोगों ने बताया कि दरोगा जयेंद्र 1980 में पुलिस में भर्ती हुए थे। उनकी बाईपास सर्जरी भी हो चुकी थी। इसलिए हार्टअटैक या ब्रेन हेमरेज की संभावना ज्यादा लग रही है। संवाद
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अमरोहा जिले के रजबपुर थाने के बलदाना हीरा सिंह गांव के मूल निवासी जयेंद्र पुलिस विभाग में दरोगा थे। दो महीने पहले तक वह यूपी 112 में तैनात थे। इसके बाद उन्हें मूसाझाग थाने में तैनाती मिल गई। रविवार को उनकी नई सड़क तिराहे के बैरियर पर चेकिंग में ड्यूटी थी। वह शाम को ड्यूटी से लौटे और थाना परिसर स्थित अपने आवास में खाना खाने चले गए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक रात आठ बजे से दोबारा ड्यूटी थी। वह नहीं आए तो उन्हें कॉल की गई। मोबाइल रिसीव न होने पर स्टाफ ने उनके आवास पर जाकर दरवाजा खटखटाया।
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आवाज न आने पर स्टाफ के लोगों ने दरवाजा तोड़ दिया। अंदर से चिटकनी लगी थी और दरोगा जयेंद्र का शव बिस्तर पर पड़ा था। बदहवास साथी उन्हें गाड़ी में लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में लोगों ने देखा कि दरोगा के मुंह से खून भी आ रहा है। सूचना पर एसएसपी डॉ. ओपी सिंह भी थाने पहुंचे गए। वहां उन्होंने कमरे का मुआयना किया। एसएसपी ने बताया कि प्राथमिक तौर पर हार्टअटैक से मौत का मामला लग रहा है। दरोगा के परिवार को सूचना दे दी है।
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विभाग के लोगों ने बताया कि दरोगा जयेंद्र 1980 में पुलिस में भर्ती हुए थे। उनकी बाईपास सर्जरी भी हो चुकी थी। इसलिए हार्टअटैक या ब्रेन हेमरेज की संभावना ज्यादा लग रही है। संवाद