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गर्मी का बढ़ा ग्राफ, बिजली व्यवस्था गई हांफ
badaun
Updated Mon, 11 May 2015 07:11 PM IST
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बिजली पर निर्भर होती जा रही जिंदगी को हर हाल में बिजली चाहिए। गर्मी का ग्राफ बढ़ने से इसकी आवश्यकता सबसे अधिक है। बिजली नहीं होती तो लोग बीमार होने लगे हैं। मौसम चक्र के बिगड़ जाने के बाद बिजली पहली और करीबी जरूरत हो गई है। मांग के बढ़ जाने के बाद व्यवस्था और ज्यादा खराब दिखती है। ज्यों-ज्यों गर्मी बढ़ी है। बिजली की व्यवस्था दुरुस्त होने की जगह हॉफती नजर आ रही है। इससे शहरी क्षेत्र में पेयजल तो ग्रामीण इलाकों में सिंचाई व्यवस्था लड़खड़ा गई है।
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गर्मी शुरू होते ही बिजली व्यवस्था पटरी से उतर गई है। जिला मुख्यालय पर 15 से 18 घंटे बिजली सप्लाई का दावा है बाकी देहात में 10 घंटे जिले में बिजली दिए जाने की बरात कही जाती है, लेकिन ये खोखली लगती है। गांव-देहात से आ रहीं खबरें बताती हैं कि बिजली चार-पांच घंटे ही मिल रही है।
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शहर में 0.75 से 0.78 मिलियन यूनिट बिजली मिल रही है। जो काम चलाऊ हैं। डिवीजन फस्र्ट में सदर के एसडीओं छैल बिहारी की मानें तो उनके प्रयास काफी कारगर रहे। गर्मी आने से पहले सभी बिजली उपकेंद्रों में चार-चार घंटे बिजली कटौती कर उपकरण आदि दुरुस्त कर लिए गए थे। कमजोर लाइनों को छोड़ बिजली उपकेंद्रों से कोई समस्या नहीं आएगी। इसमें कितना दम है? आगे आने वाला समय खुद बता देगा।
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बदायूं का बिजलीनामा
बिजली उपकेंद्र- 33
नव निर्मित बिजली उपकेंद्र-07
क्षमता- 485 मेगावाट
आवश्यकता- 350 मेगावाट
उपलब्धता- 250 मेगावाट
मिल रही है-
जिला मुख्यालय पर 15 से 18 घंटा
देहात क्षेत्र-04.06 घंटा
नगर क्षेत्रों को मिल रहा देहात का शेड्यूल
नगर क्षेत्र की नहीं तहसील मुख्यालय को भी देहात का शेड्यूृल मिल रही है। शहरी शेड्यूल में केवल बदायूं शहर ही गिना जाता है। बिल्सी, बिसौली, सहसवान नगर क्षेत्र होने के साथ तहसील मुख्यालय भी हैं लेकिन इन्हें ग्रामीण शेड्यूल से बिजली मिल रही है। ककराला, उझानी नगर क्षेत्र हैं। इनमें भी देहात का शेड्यूल लागू है।
चरमराता शेड्यूल, देहात परेशान
जिले में देहात क्षेत्र को 10 और शहरी क्षेत्र को 15 घंटे बिजली मिलने का शेड्यूल है। शहर में तो कभी-कभी शेड्यूल से अधिक बिजली मिल जाती है लेकिन देहात क्षेत्र में शेड्यूल का इतना बुरा हाल है कि जनता कराह उठी है। किसान भी परेशान है।
उघैती में एक-दो घंटे ही मिल रही सप्लाई
उघैती। कस्बे में बिजली सप्लाई का हाल बेहद खराब है। यहां मात्र एक-दो घंटे के बीच ही सप्लाई लोगों को मिल पा रही है। वो भी कई किस्तों में। लोगों का कहना है अगर सप्लाई में सुधार नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
जिले को 18 घंटे बिजली मिल रही है। सबसे अहम बात यह है कि जिलेभर में जर्जर लाइनें दुरुस्त हो चुकी हैं। सात नए बिजली उपकेंद्र दे दिए गए हैं। ट्रपिंग और खराब लाइन से लो-वोल्टेज की समस्याएं नहीं हैं। बसपा सरकार में चार घंटे भी ठीक से बिजली नहीं मिल पाती थी। कहां चार घंटे और अब 18 घंटे बिजली मिलना बड़ी बात है। इसके बाद भी सांसद धर्मेंद्र यादव के बिजली सुधार को विशेष प्रयास जारी है। - अवधेश यादव, सांसद प्रतिनिधि