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शहीदे कर्बला की शान में जुटे इमाम और उलेमा
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं
Updated Sat, 24 Oct 2015 07:40 PM IST
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सर है ये शब्बीर का, ऊंचा इसे रब ने किया
मुल्क की खुशहाली और तरक्की को दुआ की
अयोध्यागंज मोहल्ले में मुन्ने मियां कादरी के निवास पर कार्यक्रम के दौरान के शहादत के मैदान में सभी 72 शहीदों को याद करते हुए सालिम मियां ने कलाम पेश कर जोश भर दिया। उन्होंने कहा- शहीदे कर्बला से कौम को नाम ऊंचा हुआ है। शब्बीर के नाम के नाम को रब ने भी ऊंचा किया। मेजबान मुन्ने अली ने फरमाया- मौला अली की आंखों के तारे हुसैन हैं, फात्मा के राजदुलारे हुसैन हैं। जामा मस्जिद के पूर्व इमाम करामत अली ने भी शहीदे कर्बला की शान का जिक्र किया। इमाम और उलेमाओं में मोहम्मद मियां कादरी, हाफिज मोहम्मद शरीफ, जैनुल अख्तर और हाफिज राहत अली ने मुल्क की तरक्की और खुशहाली के लिए दुआ फरमाई। मोहम्मद अली मुखिया, जावेद अख्तर हाजी फखरुद्दीन, अंसार हुसैन और बहारउद्दीन ने लोगों की खिदमत कलाम पेश किया। हज यात्रा करके लौटे हाजियों का जोरदार स्वागत किया गया। इस मौके पर आयोजकों के अलावा तवर्रुफ भी वितरित कराया। अध्यक्षता मुन्ने अली और संचालन हाफिज लतीफ अहमद ने किया।
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मुल्क की खुशहाली और तरक्की को दुआ की
अयोध्यागंज मोहल्ले में मुन्ने मियां कादरी के निवास पर कार्यक्रम के दौरान के शहादत के मैदान में सभी 72 शहीदों को याद करते हुए सालिम मियां ने कलाम पेश कर जोश भर दिया। उन्होंने कहा- शहीदे कर्बला से कौम को नाम ऊंचा हुआ है। शब्बीर के नाम के नाम को रब ने भी ऊंचा किया। मेजबान मुन्ने अली ने फरमाया- मौला अली की आंखों के तारे हुसैन हैं, फात्मा के राजदुलारे हुसैन हैं। जामा मस्जिद के पूर्व इमाम करामत अली ने भी शहीदे कर्बला की शान का जिक्र किया। इमाम और उलेमाओं में मोहम्मद मियां कादरी, हाफिज मोहम्मद शरीफ, जैनुल अख्तर और हाफिज राहत अली ने मुल्क की तरक्की और खुशहाली के लिए दुआ फरमाई। मोहम्मद अली मुखिया, जावेद अख्तर हाजी फखरुद्दीन, अंसार हुसैन और बहारउद्दीन ने लोगों की खिदमत कलाम पेश किया। हज यात्रा करके लौटे हाजियों का जोरदार स्वागत किया गया। इस मौके पर आयोजकों के अलावा तवर्रुफ भी वितरित कराया। अध्यक्षता मुन्ने अली और संचालन हाफिज लतीफ अहमद ने किया।