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Budaun News: अवैध रूप से संचालित जीवन ज्योति अस्पताल सील

Sat, 08 Apr 2023 11:15 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 08 Apr 2023 11:15 PM IST
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illegally operated life time hospital sealed
(08 बीडीएन-23)उघैती में नर्सिग होम को सील करती स्वास्थ्य विभाग की टीम।संवाद
आयुर्वेद की डिग्री पर ऑपरेशन कर रहा था डॉक्टर, हो गई थी जच्चा-बच्चा की मौत
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- फरार अस्पताल संचालक की तलाश में पुलिस दे रही दबिश
संवाद न्यूज एजेंसी
उघैती। कस्बे में अवैध रूप से चल रहे निजी नर्सिंग होम में प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज की तो स्वास्थ्य विभाग की टीम भी पहुंच गई। पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नर्सिंग होम सील कर दिया। घटना के बाद से फरार चल रहे अस्पताल संचालक की गिरफ्तारी को पुलिस दबिश दे रही है।
बृहस्पतिवार की रात वजीरगंज थाना क्षेत्र के गांव मनवा निवासी विकास की 32 वर्षीय पत्नी सविता को उसके रिश्तेदारों ने उघैती में चल रहे जीवन ज्योति पॉलीक्लिनिक में भर्ती कराया था। यहां डॉक्टर ने उसका ऑपरेशन से प्रसव किया। प्रसव के बाद नवजात ने दम तोड़ दिया। सविता की भी हालत बिगड़ गई। परिजन उसे इलाज के लिए मुरादाबाद ले जा रहे थे, इसी दौरान उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजनों नर्सिंग होम पर हंगामा शुरू कर दिया। मामला बिगड़ता देख नर्सिंग होम का संचालक आयुष चिकित्सक डॉ. अहसान अहमद स्टाफ समेत फरार हो गया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट भेज दी।
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शनिवार को एमओआईसी सहसवान डॉ. प्रशांत त्यागी टीम के साथ नर्सिंग होम पर पहुंचे और उसे सील कर दिया। इधर, पुलिस ने नर्सिंग होम संचालक आयुष चिकित्सक डॉ. अहसान अहमद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। नर्सिंग होम सील करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौका मुआयना किया तो पता चला कि अस्पताल का संचालक आयुष चिकित्सक है, लेकिन वह अस्पताल में ऑपरेशन भी करता है। नर्सिंग होम के अंदर बाकायदा ऑपरेशन थियेटर भी बना है, जहां पर सभी तरह के ऑपरेशन किए जाते थे। अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी उस के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराए जाने की तैयारी की गई है।
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उघैती में पहले भी हो चुकी है एक जच्चा-बच्चा की मौत
उघैती के जीवन ज्योति पॉलीक्लिनिक में जच्चा-बच्चा की मौत का यह पहला मामला नहीं है। यहां संचालित एक और अवैध नर्सिंग होम में कुछ दिन पहले जच्चा-बच्चा की मौत हुई थी। यह मामला ज्यादा सुर्खियों में नहीं आया था। शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग ने नर्सिंग होम संचालक को नोटिस जारी किया तो उसने अस्पताल का नाम बदल लिया और फिर से स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर मरीजों के जीवन से खिलवाड़ करने लगा।

एजेंट के रूप में काम कर रहीं आशा कार्यकर्ता
उघैती और आसपास संचालित निजी नर्सिंग होम में सबसे ज्यादा प्रसव वाले केस ही लिए जाते हैं। प्रसव के नाम पर मोटी कमाई के चलते सामान्य प्रसव की संभावना होने पर भी ऑपरेशन कर दिया जाता है। इन अस्पतालों में एजेंट के रूप में क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता कार्य करती हैं। उन्हें हर प्रसव पर 30 से 35 प्रतिशत कमीशन मिलता है, इसलिए वे सरकारी प्रसव केंद्रों पर गर्भवती को न ले जाकर उनके तीमारदारों को बेहतर सुविधाएं दिलाने का झांसा देकर निजी अस्पतालों में ले जाती हैं। इससे सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर संस्थागत प्रसव दर घट रही है। स्वास्थ्य केंद्रों पर संस्थागत प्रसव दर घटने से डीएम तक चिंता जाहिर कर रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य महकमा प्राइवेट अस्पतालों में एजेंट के रूप में कार्य कर रहीं इन आशा कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई नहीं करता है।


उघैती में निजी नर्सिंग होम में जच्चा-बच्चा की मौत की शिकायत पर टीम को मौके पर भेजा गया था। नर्सिंग होम का रजिस्ट्रेशन नहीं था और वहां ऑपरेशन तक किए जा रहे थे। नर्सिंग होम को सील कराया गया है। इसके अलावा अन्य स्थानों पर अवैध तरीके से नर्सिंग होम को बंद कराया जाएगा। - डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ
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