Budaun News: गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए सरकारी जमीनों से हो रहा अवैध खनन, ठेकदार उठवा रहा है मिट्टी
गंगा एक्सप्रेस-वे में मिट्टी के पटान के लिए ठेकेदार ने किसानों की नियमानुसार मिट्टी लेने के स्थान पर सरकारी जगहों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। एनओसी खत्म होने के बाद ठेकेदार मिट्टी उठवा रहा है।
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बदायूं के वजीरगंज में गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए ठेकेदार अवैध रूप से सरकारी जमीनों से मिट्टी का खनन करा रहा है। शिकायत पर 17 जनवरी को एसडीएम के चेतावनी देने के बाद अब कादरनगर इलाके में सरकारी भूमि पर बुलडोजर से खनन कराया जा रहा है।
मेरठ से प्रयागराज तक करीब 594 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेस-वे बदायूं की चार तहसीलों के 85 गांवों से होकर गुजरेगा। बदायूं में यह करीब 95 किमी की दूरी तय करेगा। करीब 10 से 12 फुट ऊंचे एक्सप्रेस-वे में मिट्टी के पटान के लिए ठेकेदार ने किसानों की नियमानुसार मिट्टी लेने के स्थान पर सरकारी जगहों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। पूर्व में जहां सोत नदी और उसके आसपास की जगहों से बड़े पैमाने पर खनन किया गया। वहीं अब सरकारी तालाबों की जगह निशाने पर है।
नियम विरुद्ध उठाई जा रही मिट्टी
ठेकेदार ने वजीरगंज के गांव निमठौली के रकबे में स्थित मरहर की लगभग 150 बीघा भूमि जो अभिलेखों में ग्राम पंचायत तालाब के रूप में दर्ज है, उस पर बड़े पैमाने पर खनन कराना शुरू कर दिया। नियमानुसार किसी भी भूमि से पौने छह फुट ही मिट्टी उठाई जा सकती है मगर ठेकेदार ने तालाब की भूमि से 18 से 20 फुट तक खनन कर डाला।
इसकी शिकायत पर 17 जनवरी को एसडीएम ज्योति शर्मा ने चेतावनी दी थी मगर ठेकेदार ने वहां से तो मिट्टी उठाना बंद कर दिया पर अगले ही दिन से गांव कादरनगर के रकबे में ग्राम पंचायत की लगभग दो सौ बीघा तालाब की भूमि पर खनन कराना शुरू कर दिया। यहां से लगभग आठ से 10 फुट मिट्टी उठाई जा चुकी है।
तहसीलदार बोले- जांच कराई जाएगी
ठेकेदार द्वारा ली गई एनओसी दिसंबर 2022 में समाप्त हो चुकी है, जिसका नवीनीकरण नहीं कराया गया है। एसडीएम ज्योति शर्मा से बात करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। तहसीलदार अशोक सैनी ने बताया कि तालाब की भूमि से नियमानुसार दो मीटर तक मिट्टी उठाई जा सकती है। अगर उससे ज्यादा खोदाई की जा रही है तो जांच की जाएगी। खनन ज्यादा हुआ तो ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।