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एआरटीओ को देख रेत लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां छोड़कर भागे ड्राइवर
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बदायूं। एआरटीओ प्रवर्तन सोहेल अहमद ने सोमवार दोपहर अभियान चलाकर कादरचौक, शेखूपुर और सिविल लाइंस एरिया में रेत लदे पांच ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ लिए। सभी ट्रैक्टर-ट्राली ओवरलोडेड थे। एआरटीओ को देखकर उनके चालक भागने में कामयाब रहे। सभी को सीज कर उन्हें संबंधित थाना पुलिस को सौंप दिया गया।
कादरचौक और उझानी इलाके में काफी समय से अवैध खनन चल रहा है। अभी दो दिन पहले खनन अधिकारी नरेंद्र सिंह ने रेत लदे करीब 10 बैलगाड़ी बुग्गी पकड़े थे। इस पर अमर उजाला ने ओवरलोडिंग और माफिया के पकड़े न जाने पर सवाल उठाए थे। इससे सरकारी महकमे में खलबली मची हुई थी। सोमवार दोपहर एआरटीओ प्रवर्तन सोहेल अहमद ने बदायूं से लेकर कादरचौक तक रेत लदे वाहनों को तलाश किया। इस दौरान शेखूपुर के पास रेत लदे तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़े गए। जबकि एक कादरचौक में और एक सिविल लाइंस एरिया में ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ा गया। जैसे ही इन ट्रैक्टर-ट्रालियों को रोका कि उनके चालक मौके से वाहन छोड़कर भाग गए। उसके बाद एआरटीओ ने पांचों ट्रैक्टर-ट्रॉली सीज कर दिए। बाद में उन्हें संबंधित थाना पुलिस को सौंप दिया।
ओवरलोडिंग पर नहीं लग पा रही लगाम
जिले में खनन माफिया सक्रिय हैं, जिन्हें राजनेताओं का भी वरदहस्त प्राप्त है। पकड़े जाने पर ये इन नेताओं से प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाने से भी नहीं चूकते। यही वजह है कि अधिकारी भी इन पर कार्रवाई करने से कतराते हैं। दातागंज क्षेत्र के खनन माफिया सब पर हावी हैं। बताया जाता है कि इस रेत के धंधे में कुछ सफेदपोश बाहर से पूरी तरह इन माफिया को सपोर्ट कर रहे हैं, जिससे अवैध खनन और ओवरलोडिंग का खेल रुक नहीं पा रहा है।
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आठ स्कूल वाहन और तीन डग्गामार बसों का भी चालान
एआरटीओ सोहेल अहमद ने रेत लदे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के अलावा डग्गामार और स्कूल वाहनों को भी चेक किया। स्कूल के अधिकतर वाहनों में मानक पूरे नहीं थे। किसी में बच्चे ज्यादा थे तो किसी का परमिट नहीं मिला। इनमें स्कूल की तीन बसों, दो मारुति वैन और तीन मैजिक वाहनों का चालान किया। वहीं अलग-अलग मार्गों पर चेकिंग के दौरान तीन डग्गामार बसों के चालान किए गए।
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कादरचौक और उझानी इलाके में काफी समय से अवैध खनन चल रहा है। अभी दो दिन पहले खनन अधिकारी नरेंद्र सिंह ने रेत लदे करीब 10 बैलगाड़ी बुग्गी पकड़े थे। इस पर अमर उजाला ने ओवरलोडिंग और माफिया के पकड़े न जाने पर सवाल उठाए थे। इससे सरकारी महकमे में खलबली मची हुई थी। सोमवार दोपहर एआरटीओ प्रवर्तन सोहेल अहमद ने बदायूं से लेकर कादरचौक तक रेत लदे वाहनों को तलाश किया। इस दौरान शेखूपुर के पास रेत लदे तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़े गए। जबकि एक कादरचौक में और एक सिविल लाइंस एरिया में ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ा गया। जैसे ही इन ट्रैक्टर-ट्रालियों को रोका कि उनके चालक मौके से वाहन छोड़कर भाग गए। उसके बाद एआरटीओ ने पांचों ट्रैक्टर-ट्रॉली सीज कर दिए। बाद में उन्हें संबंधित थाना पुलिस को सौंप दिया।
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ओवरलोडिंग पर नहीं लग पा रही लगाम
जिले में खनन माफिया सक्रिय हैं, जिन्हें राजनेताओं का भी वरदहस्त प्राप्त है। पकड़े जाने पर ये इन नेताओं से प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाने से भी नहीं चूकते। यही वजह है कि अधिकारी भी इन पर कार्रवाई करने से कतराते हैं। दातागंज क्षेत्र के खनन माफिया सब पर हावी हैं। बताया जाता है कि इस रेत के धंधे में कुछ सफेदपोश बाहर से पूरी तरह इन माफिया को सपोर्ट कर रहे हैं, जिससे अवैध खनन और ओवरलोडिंग का खेल रुक नहीं पा रहा है।
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आठ स्कूल वाहन और तीन डग्गामार बसों का भी चालान
एआरटीओ सोहेल अहमद ने रेत लदे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के अलावा डग्गामार और स्कूल वाहनों को भी चेक किया। स्कूल के अधिकतर वाहनों में मानक पूरे नहीं थे। किसी में बच्चे ज्यादा थे तो किसी का परमिट नहीं मिला। इनमें स्कूल की तीन बसों, दो मारुति वैन और तीन मैजिक वाहनों का चालान किया। वहीं अलग-अलग मार्गों पर चेकिंग के दौरान तीन डग्गामार बसों के चालान किए गए।