बदायूं। तीन दिवसीय सत्संग में बुधवार को फुलसंदे वाले बाबा ने बदायूं (वेदामऊ) के प्राचीन इतिहास और आध्यात्मिक ज्ञान पर प्रकाश डाला।
शहर के जोगीपुरा स्थित निकट शक्ति टेंट हाउस गुरुद्वारा हाल में आयोजित कार्यक्रम में बाबा ने बताया कि जिले के वर्तमान में उसावां (उष्णिपुरी) के निकट स्थित पटना देवकली में दैत्य गुरु शुक्राचार्य ने संजीवनी विद्या एवं महामृत्युंजय मंत्रशक्ति की सिद्धि प्राप्त की थी। उन्होंने सत्संग में जीवन एवं अध्यात्म का महत्व समझाते हुए कहा हर जन्म में मेरी आत्मा, तुमको ही ढूंढती फिरती थी, आदि पुरुष तेरे प्रेम में, लड़खड़ाती फिरती थी। कभी अंधेरा कभी उजाला दुनिया में छाया रहता, ब्रह्मरूप गुरु तेरे चरणों में फूल चढ़ाता रहता हूं। रात दिन अपने मस्तक को झुकाता रहता हूं। सत्संग से पूर्व, स्थल पर बाबा का उनके अनुयायियों द्वारा हृदयपूर्वक स्वागत किया गया। इस दौरान शिव स्वरूप गुप्ता,अशोक खुराना, जगदीश धींगड़ा, रामवीर सिंह, महेश मित्र, जगदीश सरन शर्मा, अशोक सक्सेना, डॉ. सुशील कुमार, वीरेन्द्र धींगड़ा, अमृत गांधी, विष्णु देव चांडक्य सहित अनेक श्रद्धालुओं ने बाबा को पुष्प मालाएं पहनाकर अभिनंदन किया।