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Budaun News: दो साल बाद एक बार फिर एक हुए पति-पत्नी
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लोक अदालत में समझौते के बाद अपने पति संजू के साथ जाती पत्नी लक्ष्मी। संवाद
बदायूं। दो साल से अलग रह रहे संजू व लक्ष्मी राष्ट्रीय लोक अदालत में एक बार फिर एक हो गए। वह अपने बेटे को साथ लेकर खुशी-खुशी घर के लिए रवाना हुए। वहीं पिछले सात साल से कर्ज के बोझ तले दबे मिर्जापुर गांव के किसान विशेष कुमार का मामला भी लोक अदालत में निपट गया। लोक अदालत में शनिवार को 42325 वादों का निस्तारण हुआ।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष व जनपद न्यायाधीश मनोज कुमार तृतीय ने लोक अदालत की शुरुआत करते हुए सभी से इसका लाभ लेने को कहा। फैमिली कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश मित्रपाल सिंह ने पति संजू के साथ जाती पत्नी लक्ष्मी के बीच हुए विवाद को समझौता करा के पति के साथ पत्नी को उसके साथ हंसी खुशी रहने को भेज दिया। उनकी शादी 2020 में हुई थी शादी के दो साल बाद ही पति पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया और नौबत मुकद्दमेबाजी तक आ गई। लोक अदालत में दोनों लोगों ने रजामंदी से साथ रहने का फैसला किया। राष्ट्रीय लोक अदालत में 146 पारिवारिक विवादों का निस्तारण किया गया।
वहीं, एक अलग वाद में साल 2017 में मिर्जापुर गांव की लोक अदालत में बैंक ने पूरा ब्याज माफ करके मूल धन पर ही उसके रुपये जमा करा लिए। वहीं 56 मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचकों का निस्तारण किया। जिसमें 44451000 की धनराशि पीड़ितों को दिलाई गई। इसके अलावा विभिन्न बैंकों के 1213 मामले, भारत संचार निगम के 19 मामले, राजस्व संबंधी 393 मामले, स्थानीय निकाय के 919 मामले एवं अन्य प्रकार के 33741 मामले निस्तारित हुये। इसी प्रकार न्यायालयों में लंबित फौजदारी एवं सिविल वादों में 6928 वादों का निस्तारण हुआ।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष व जनपद न्यायाधीश मनोज कुमार तृतीय ने लोक अदालत की शुरुआत करते हुए सभी से इसका लाभ लेने को कहा। फैमिली कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश मित्रपाल सिंह ने पति संजू के साथ जाती पत्नी लक्ष्मी के बीच हुए विवाद को समझौता करा के पति के साथ पत्नी को उसके साथ हंसी खुशी रहने को भेज दिया। उनकी शादी 2020 में हुई थी शादी के दो साल बाद ही पति पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया और नौबत मुकद्दमेबाजी तक आ गई। लोक अदालत में दोनों लोगों ने रजामंदी से साथ रहने का फैसला किया। राष्ट्रीय लोक अदालत में 146 पारिवारिक विवादों का निस्तारण किया गया।
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वहीं, एक अलग वाद में साल 2017 में मिर्जापुर गांव की लोक अदालत में बैंक ने पूरा ब्याज माफ करके मूल धन पर ही उसके रुपये जमा करा लिए। वहीं 56 मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचकों का निस्तारण किया। जिसमें 44451000 की धनराशि पीड़ितों को दिलाई गई। इसके अलावा विभिन्न बैंकों के 1213 मामले, भारत संचार निगम के 19 मामले, राजस्व संबंधी 393 मामले, स्थानीय निकाय के 919 मामले एवं अन्य प्रकार के 33741 मामले निस्तारित हुये। इसी प्रकार न्यायालयों में लंबित फौजदारी एवं सिविल वादों में 6928 वादों का निस्तारण हुआ।
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