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Budaun News: कैसे मिले स्वच्छ पेयजल, ओवरहेड टैंक का काम लटका
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उसहैत में अधूरा पड़ा ओवर हेड टैंक का निर्माण। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
उसहैत। ग्राम पंचायत टिकाई पुख्ता के चार गांवों में करीब दो हजार की आबादी है। इन गांवों में करीब तीन वर्ष पूर्व पानी की लाइन बिछाई गई थीं। उसके एक वर्ष बाद से पानी के ओवरहेड टैंक का निर्माण भी शुरू हुआ, लेकिन आज तक पूरा ना हो सका।
गर्मी का मौसम शुरू होने के साथ ही गांव में पानी की समस्या बढ़ गई है। ग्रामीण पानी के लिए निजी और सरकारी हैंडपंप पर ही निर्भर हैं। पानी की कमी से सबसे ज़्यादा समस्या पशुपालकों को हो रही है।
गांव में कोई तालाब नहीं है। पशुओं को दिन में चार बार हैंडपंप से ही पानी पिलाना होता है। पूरे गांव में पानी की टोंटियां सूखी हैं।
ग्रामीणों ने ओवरहेड टैंक निर्माण कार्य पूरा करने के लिए कई बार अधिकारियों से मांग की है, लेकिन अभी तक स्थिति में कोई सुधार नहीं है। जल जीवन मिशन के ब्लॉक इंचार्ज आकाश का कहना है मजदूरों की कमी से काम प्रभावित हुआ था। आने वाले एक हफ्ते में काम शुरू कराकर जल्द ही गांव में पानी की आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी।
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ठेकेदार ने समय से काम पूरा नहीं किया : किसान सुरेश का कहना है मवेशियों को पानी पिलाने में बड़ी समस्या होती है। पानी की व्यवस्था कराने के लिए ठेकेदार को पैसा दिया गया लेकिन उसने काम पूरा नहीं किया।
गर्मी में हैंडपंप हो जाते हैं नाकाम
शिक्षक सतवीर ने कहा कि पानी के लिए पूरी तरह से हैंडपंप पर ही गांव के लोग निर्भर हैं। घरों में पानी स्टोर करने की व्यवस्था भी नहीं है। गर्मी में हैंडपंप भी फेल हो जाते हैं।
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उसहैत। ग्राम पंचायत टिकाई पुख्ता के चार गांवों में करीब दो हजार की आबादी है। इन गांवों में करीब तीन वर्ष पूर्व पानी की लाइन बिछाई गई थीं। उसके एक वर्ष बाद से पानी के ओवरहेड टैंक का निर्माण भी शुरू हुआ, लेकिन आज तक पूरा ना हो सका।
गर्मी का मौसम शुरू होने के साथ ही गांव में पानी की समस्या बढ़ गई है। ग्रामीण पानी के लिए निजी और सरकारी हैंडपंप पर ही निर्भर हैं। पानी की कमी से सबसे ज़्यादा समस्या पशुपालकों को हो रही है।
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गांव में कोई तालाब नहीं है। पशुओं को दिन में चार बार हैंडपंप से ही पानी पिलाना होता है। पूरे गांव में पानी की टोंटियां सूखी हैं।
ग्रामीणों ने ओवरहेड टैंक निर्माण कार्य पूरा करने के लिए कई बार अधिकारियों से मांग की है, लेकिन अभी तक स्थिति में कोई सुधार नहीं है। जल जीवन मिशन के ब्लॉक इंचार्ज आकाश का कहना है मजदूरों की कमी से काम प्रभावित हुआ था। आने वाले एक हफ्ते में काम शुरू कराकर जल्द ही गांव में पानी की आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी।
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ठेकेदार ने समय से काम पूरा नहीं किया : किसान सुरेश का कहना है मवेशियों को पानी पिलाने में बड़ी समस्या होती है। पानी की व्यवस्था कराने के लिए ठेकेदार को पैसा दिया गया लेकिन उसने काम पूरा नहीं किया।
गर्मी में हैंडपंप हो जाते हैं नाकाम
शिक्षक सतवीर ने कहा कि पानी के लिए पूरी तरह से हैंडपंप पर ही गांव के लोग निर्भर हैं। घरों में पानी स्टोर करने की व्यवस्था भी नहीं है। गर्मी में हैंडपंप भी फेल हो जाते हैं।

उसहैत में अधूरा पड़ा ओवर हेड टैंक का निर्माण। संवाद

उसहैत में अधूरा पड़ा ओवर हेड टैंक का निर्माण। संवाद

उसहैत में अधूरा पड़ा ओवर हेड टैंक का निर्माण। संवाद