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अस्पताल की बिजली गुल, सेवाएं ठप हुई तो सीएमएस से भिड़ गए तीमारदार
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बदायूं। तमाम कोशिशों के बाद भी जिला अस्पताल में बिजली सप्लाई नहीं सुधर रही। मंगलवार को नवादा 132 केवी उपकेंद्र से जिला अस्पताल को आ रही 33 केवी की लाइन में खराबी से अस्पताल में करीब चार घंटे बिजली ठप रही। इस दौरान ओपीडी छोड़ सभी चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो गईं। ओटी में ऑपरेशन भी रुक गए। इससे नाराज तीमारदार एसएमएस डॉ. विजय बहादुर राम के ऑफिस में घुसकर उनसे भिड़ गए।
जिला अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं तो चौबीस घंटे मिलती हैं लेकिन ओपीडी सेवाओं समेत अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, पैथोलॉजी, एक्स-रे, ऑपरेशन सेवाएं सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक ही मिलती हैं। मंगलवार को ओपीडी शुरू होने के बाद करीब नौ बजे जिला अस्पताल की बिजली गुल हो गई, इसके बाद दोपहर करीब एक बजे सप्लाई चालू हो सकी। बिजली सप्लाई ठप होने से ऑपरेशन थिएटर में ऑपरेशन रुकने के साथ अन्य सेवाएं भी ठप हो गईं। विभिन्न विभागों के बाहर रोगियों और तीमारदारों की लाइन लग गईं। भीषण गर्मी के बीच कई घायल और गंभीर रोगी व्याकुल नजर आए। एक्स-रे सेवा ठप होने से हड्डी रोग विभाग में काम पूरी तरह से ठप हो गया।
अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी, सीटी स्कैन सेवाएं ठप होने के कारण रोगियों को दवा भी नहीं मिल सकी। सीएमएस डॉ. विजय बहादुर राम ने पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों को कई बार कॉल की, लेकिन समस्या बनी रही। दोपहर करीब दो बजे रोगियों के साथ आए तीमारदार सीएमएस के ऑफिस में घुस आए। यहां बिजली चालू कराने की बात कही। सीएमएस ने इस बारे में अधिकारियों से हुई बात का हवाला दिया तो तीमारदार उनसे भिड़ गए। उन्होंने तीमारदारों को किसी तरह समझाकर वहां से भेजा। एक बजे बिजली सप्लाई चालू हुई, लेकिन दो बजे ओपीडी बंद होने के कारण कई रोगियों को इलाज नहीं मिल सका।
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अलग बिजली लाइन, तीन जनरेटर, फिर भी समस्या
बदायूं। जिला अस्पताल के लिए चौबीस घंटे बिजली सप्लाई के लिए अलग से 33 केवी की लाइन और बिजली उपकेंद्र है। तीन जनरेटर भी हैं। इसके बाद भी यहां समस्या बनी रहती है। दरअसल, 33 केवी की लाइन में अक्सर खराबी आ जाती है। जिला अस्पताल को चौबीस घंटे बिजली सप्लाई की व्यवस्था शुरू होने के बाद करीब एक साल पहले सरकार ने डीजल के लिए बजट ही देना बंद कर दिया। ऐसे में हालात खराब बने हुए हैं। रोगियों और तीमारदारों के साथ डॉक्टरों और स्टाफ को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
चौबीस घंटे बिजली सप्लाई की व्यवस्था होने के बाद भी अस्पताल में अक्सर कई-कई घंटे बिजली कटौती हो रही है। मंगलवार को भी कटौती से काफी समस्या हुई। पावर कॉरपोरशन के अधिकारियों को कई बार लिखा जा चुका है। उच्च अधिकारियों को भी अवगत करा दिया है। ओपीडी के समय कटौती से ज्यादा समस्या होती है। रोगियों के तीमारदार मेरे ऑफिस आए थे। उनकी नाराजगी जायज थी। उनको समझाकर शांत कर दिया गया। -डॉ. विजय बहादुर राम, सीएमएस
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जिला अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं तो चौबीस घंटे मिलती हैं लेकिन ओपीडी सेवाओं समेत अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, पैथोलॉजी, एक्स-रे, ऑपरेशन सेवाएं सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक ही मिलती हैं। मंगलवार को ओपीडी शुरू होने के बाद करीब नौ बजे जिला अस्पताल की बिजली गुल हो गई, इसके बाद दोपहर करीब एक बजे सप्लाई चालू हो सकी। बिजली सप्लाई ठप होने से ऑपरेशन थिएटर में ऑपरेशन रुकने के साथ अन्य सेवाएं भी ठप हो गईं। विभिन्न विभागों के बाहर रोगियों और तीमारदारों की लाइन लग गईं। भीषण गर्मी के बीच कई घायल और गंभीर रोगी व्याकुल नजर आए। एक्स-रे सेवा ठप होने से हड्डी रोग विभाग में काम पूरी तरह से ठप हो गया।
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अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी, सीटी स्कैन सेवाएं ठप होने के कारण रोगियों को दवा भी नहीं मिल सकी। सीएमएस डॉ. विजय बहादुर राम ने पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों को कई बार कॉल की, लेकिन समस्या बनी रही। दोपहर करीब दो बजे रोगियों के साथ आए तीमारदार सीएमएस के ऑफिस में घुस आए। यहां बिजली चालू कराने की बात कही। सीएमएस ने इस बारे में अधिकारियों से हुई बात का हवाला दिया तो तीमारदार उनसे भिड़ गए। उन्होंने तीमारदारों को किसी तरह समझाकर वहां से भेजा। एक बजे बिजली सप्लाई चालू हुई, लेकिन दो बजे ओपीडी बंद होने के कारण कई रोगियों को इलाज नहीं मिल सका।
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अलग बिजली लाइन, तीन जनरेटर, फिर भी समस्या
बदायूं। जिला अस्पताल के लिए चौबीस घंटे बिजली सप्लाई के लिए अलग से 33 केवी की लाइन और बिजली उपकेंद्र है। तीन जनरेटर भी हैं। इसके बाद भी यहां समस्या बनी रहती है। दरअसल, 33 केवी की लाइन में अक्सर खराबी आ जाती है। जिला अस्पताल को चौबीस घंटे बिजली सप्लाई की व्यवस्था शुरू होने के बाद करीब एक साल पहले सरकार ने डीजल के लिए बजट ही देना बंद कर दिया। ऐसे में हालात खराब बने हुए हैं। रोगियों और तीमारदारों के साथ डॉक्टरों और स्टाफ को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
चौबीस घंटे बिजली सप्लाई की व्यवस्था होने के बाद भी अस्पताल में अक्सर कई-कई घंटे बिजली कटौती हो रही है। मंगलवार को भी कटौती से काफी समस्या हुई। पावर कॉरपोरशन के अधिकारियों को कई बार लिखा जा चुका है। उच्च अधिकारियों को भी अवगत करा दिया है। ओपीडी के समय कटौती से ज्यादा समस्या होती है। रोगियों के तीमारदार मेरे ऑफिस आए थे। उनकी नाराजगी जायज थी। उनको समझाकर शांत कर दिया गया। -डॉ. विजय बहादुर राम, सीएमएस