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Budaun News: तीन दिन में मिलेगा मानदेय, काम पर लौटे मेडिकल कॉलेज के कर्मचारी
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मेडिकल कॉलेज में धरने पर बैठे आउटसोर्सिंग कर्मचारी। वीडियो ग्रेब
बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में चल रही आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की हड़ताल तीसरे दिन समाप्त हो गई। नियुक्ति संस्था ने तीन दिन में मानदेय खाते में पहुंच जाने का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही संस्था की तरफ से धमकी दी गई है कि इसके बाद भी जो कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं पहुंचेंगे उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाएगा। इसके बाद दोपहर तक सभी कर्मचारी काम पर पहुंच गए।
तीन महीने का मानदेय न मिलने की वजह से मेडिकल कॉलेज के आउटसोर्सिंग कर्मचारी मंगलवार से हड़ताल पर चले गए थे। कॉलेज परिसर में जमकर हंगामा व विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान मेडिकल काॅलेज की व्यवस्थाएं ठप हो गईं। महिला कर्मचारियों ने प्राचार्य डॉ. अरुण पर अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया था।
तीसरे दिन बृहस्पतिवार की सुबह भी कर्मचारी मेडिकल कॉलेज में धरने पर बैठ गए। नियुक्ति संस्था के मैनेजर की तरफ से बताया गया कि तीन दिन के अंदर मानदेय कर्मचारियों के खाते में पहुंच जाएगा। इसके बाद भी जो हड़ताल पर रहेगा उसकी सेवाएं तुरंत समाप्त कर दी जाएंगी। इस चेतावनी से कर्मचारियों में खलबली मच गई। दोपहर 12 बजे तक सभी कर्मचारी ड्यूटी पर पहुंच गए। दोपहर तक मरीजों व तीमारदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा उसके बाद सेवाएं पटरी पर आ गईं।
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शासन तक पहुंचा मामला तो सफाई देने पहुंचे प्राचार्य
महिला कर्मचारी ने प्राचार्य पर अभद्रता व हाथ पकड़कर झिड़कने का आरोप लगाया था। इसकी शिकायत एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह से की गई थी। इसके बाद मामला शासन तक पहुंच गया। प्राचार्य को अपनी कुर्सी खिसकती दिखी तो वह लखनऊ पहुंच गए। हालांकि उनका कहना है कि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए वह लखनऊ गए थे।
जनप्रतिनिधि भी बने रहे उदासीन
राजकीय मेडिकल कॉलेज में 250 कर्मचारियों को तीन महीने से मानदेय नहीं मिला था। दो दिन मेडिकल कॉलेज में हंगामा व प्रदर्शन चलता रहा। मरीज परेशान होते रहे, लेकिन कोई जनप्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा।
मानदेय की फाइल शासन में अटकी हुई थी। समस्या के समाधान के लिए लखनऊ गया था। शासन को अवगत कराया तो मानदेय की मंजूरी मिल गई। तीन दिन में कर्मचारियों के खाते में मानदेय पहुंच जाएगा। सभी कर्मचारी अपने-अपने कार्य पर लौट आए हैं। - डॉ. अरुण कुमार, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज
महिला कर्मचारी ने मारपीट का लगाया आरोप, पुलिस को दी तहरीर
बदायूं। आउटसोर्सिंग कर्मचारी बृहस्पतिवार की सुबह जब हड़ताल पर जाने लगे तो उसी समय संविदा कर्मचारी ने महिला कर्मचारी के साथ मारपीट कर दी। इसके बाद फिर हंगामा हो गया। सीएमएस मौके पर पहुंच गईं। सूचना थाना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। पीड़ित महिला कर्मचारी शिल्पी पाल ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। संवाद
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तीन महीने का मानदेय न मिलने की वजह से मेडिकल कॉलेज के आउटसोर्सिंग कर्मचारी मंगलवार से हड़ताल पर चले गए थे। कॉलेज परिसर में जमकर हंगामा व विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान मेडिकल काॅलेज की व्यवस्थाएं ठप हो गईं। महिला कर्मचारियों ने प्राचार्य डॉ. अरुण पर अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया था।
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तीसरे दिन बृहस्पतिवार की सुबह भी कर्मचारी मेडिकल कॉलेज में धरने पर बैठ गए। नियुक्ति संस्था के मैनेजर की तरफ से बताया गया कि तीन दिन के अंदर मानदेय कर्मचारियों के खाते में पहुंच जाएगा। इसके बाद भी जो हड़ताल पर रहेगा उसकी सेवाएं तुरंत समाप्त कर दी जाएंगी। इस चेतावनी से कर्मचारियों में खलबली मच गई। दोपहर 12 बजे तक सभी कर्मचारी ड्यूटी पर पहुंच गए। दोपहर तक मरीजों व तीमारदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा उसके बाद सेवाएं पटरी पर आ गईं।
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शासन तक पहुंचा मामला तो सफाई देने पहुंचे प्राचार्य
महिला कर्मचारी ने प्राचार्य पर अभद्रता व हाथ पकड़कर झिड़कने का आरोप लगाया था। इसकी शिकायत एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह से की गई थी। इसके बाद मामला शासन तक पहुंच गया। प्राचार्य को अपनी कुर्सी खिसकती दिखी तो वह लखनऊ पहुंच गए। हालांकि उनका कहना है कि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए वह लखनऊ गए थे।
जनप्रतिनिधि भी बने रहे उदासीन
राजकीय मेडिकल कॉलेज में 250 कर्मचारियों को तीन महीने से मानदेय नहीं मिला था। दो दिन मेडिकल कॉलेज में हंगामा व प्रदर्शन चलता रहा। मरीज परेशान होते रहे, लेकिन कोई जनप्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा।
मानदेय की फाइल शासन में अटकी हुई थी। समस्या के समाधान के लिए लखनऊ गया था। शासन को अवगत कराया तो मानदेय की मंजूरी मिल गई। तीन दिन में कर्मचारियों के खाते में मानदेय पहुंच जाएगा। सभी कर्मचारी अपने-अपने कार्य पर लौट आए हैं। - डॉ. अरुण कुमार, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज
महिला कर्मचारी ने मारपीट का लगाया आरोप, पुलिस को दी तहरीर
बदायूं। आउटसोर्सिंग कर्मचारी बृहस्पतिवार की सुबह जब हड़ताल पर जाने लगे तो उसी समय संविदा कर्मचारी ने महिला कर्मचारी के साथ मारपीट कर दी। इसके बाद फिर हंगामा हो गया। सीएमएस मौके पर पहुंच गईं। सूचना थाना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। पीड़ित महिला कर्मचारी शिल्पी पाल ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। संवाद

मेडिकल कॉलेज में धरने पर बैठे आउटसोर्सिंग कर्मचारी। वीडियो ग्रेब