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Budaun News: इस बार भी नही जलेगी सकरी कासिमपुर में होली

Tue, 03 Mar 2026 12:08 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 03 Mar 2026 12:08 AM IST
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Holi will not be celebrated in Sakri Kasimpur this time too.
मुन्नालाल
कादरचौक। कादरचौक विकास खंड का सकरी कासिमपुर गांव जहां होली पर होलिका दहन ही नहीं होता है। इसका मलाल पूरे गांव के लोगों को रहता है। होली आने पर पूरे गांव में चर्चा होने लगती है, लेकिन आज तक होलिका दहन की परंपरा शुरू नहीं हो पाई है।
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वर्षों पूर्व होली पर हुए झगड़े से गांव में 55 साल से आज तक होली नहीं जली है। लोग अपने घरों में ही होली जलाकर उसमें आखत डालते हैं। गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि करीब 55 साल से उन्होंने गांव में होलिका दहन होते नहीं देखा। झगड़े के बाद गांव में 35 वर्ष पूर्व यादवेंद्र गुप्ता ने होली रखने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने शांति का हवाला देकर नई प्रथा शुरू नहीं होने दी।
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ब्लॉक कादरचौक के गांव सकरी कासिमपुर की आबादी लगभग सात हजार है। होली की शुरूआत हर जगह होलिका दहन से होती है, लेकिन इस गांव में करीब 55 साल से यह परंपरा बंद है। गांव के लोगों ने बताया कि वर्षों पहले गांव की एक बुजुर्ग महिला थी, जिन्हें लोग अइया नाम से पुकारते थे, उन्हीं की जगह में होली रखी जाती थी। एक बार उन्होंने एक समाज से जुड़े लोगों को होली पर आखत नहीं डालने दी। इस बात पर उस समय झगड़ा हो गया था।
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इसके बाद अइया ने अपनी जगह में होली नहीं रखने दी। इसके बाद गांव में होली नहीं जली, न ही किसी ने पहल ही की, जिससे धीरे-धीरे यह प्रथा बंद होती चली गई। बुजुर्गों ने भी कोई समझौता करने का प्रयास नहीं किया। जिस स्थान पर होलिका दहन किया जाता था अब उस स्थान पर मकान बन गए हैं। गांव की नई पीड़ी हर जगह की तरह गांव में भी होलिका दहन की परंपरा शुरू करना चाहती है।

---परंपराएं रहनी चाहिए कायम-----

गांव में हमने कभी होलिका दहन नहीं देखा। इसका किसी ने समाधान भी नहीं निकाला। परपंराओं को तो कायम रहना चाहिए, इसके लिए संयुक्त प्रयास होने चाहिए। - मुन्ना लाल



गांव में होली के समय विवाद होने के कारण जब से यह परंपरा बंद हुई तब से इसे शुरू कराने का किसी ने कोई प्रयास नहीं किया। अब तो होली की जगह में मकान बन गए हैं। इस बार फिर परंपरा शुरू होनी चाहिए। - राजेंद्र

मुन्नालाल

मुन्नालाल

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