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Budaun News: जेल में बीमारी का बहाना बनाकर स्पताल में भर्ती होने की कोशिश कर रहा हिस्ट्रीशीटर
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बदायूं। बरेली के फरीदपुर में हुए खूनी संघर्ष का आरोपी सुरेशपाल सिंह तोमर और उसके बेटे विपिन तोमर को बरेली जेल से यहां शिफ्ट किया गया है। शासन से हुए बंदी ट्रांसफर के तहत उन दोनों को यहां भेजा गया है। अब वह जिला कारागार से जिला अस्पताल में शिफ्ट होने के लिए बीमारी का बहाना बना रहा है। फिलहाल जेल प्रशासन ने अभी उसे बंदी बैरक में ही रखा है, जहां डॉक्टर उसका स्वास्थ्य परीक्षण कर रहे हैं।
फरीदपुर थाना क्षेत्र की कटरी में खूनी संघर्ष होने के बाद घटना के मास्टर माइंड सुरेश पाल सिंह तोमर की तलाश में पुलिस ने उझानी में भी खाक छानी थी। पुलिस की पकड़ में पहुंचने के बाद वह अपने बेटे विपिन तोमर के साथ बरेली जेल में बंद था। इसके बाद उसको स्थानीय जिला कारागार में शिफ्ट किया गया तो यहां वह जेल प्रशासन से अपनी बीमारी का बहाना बना रहा है।
हिस्ट्रीशीटर का कहना है कि उसके जख्म अभी सही नहीं हुए हैं और वह अन्य बीमारियों का भी शिकार है। बताते हैं कि वह किसी तरह से जिला अस्पताल में भर्ती होना चाहता है, ताकि अपना नेटवर्क वहां से चला सके मगर जिला कारागार प्रशासन उसपर लगातार नजर रखे हुए है।
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बीमारी की बात पता चलने पर जेल अधीक्षक डॉ. विनय कुमार ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया, मगर जांच में कोई गंभीर बात सामने नहीं आई। इस संबंध में जेल अधीक्षक का कहना है कि वह बीमारी बताकर अस्पताल में शिफ्ट करने की बात कह रहा है। जिला कारागार अस्पताल में उसको भर्ती कराया जा सकता है, लेकिन उसकी हालत सही है। डॉक्टरों ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण कर लिया
है।
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फरीदपुर थाना क्षेत्र की कटरी में खूनी संघर्ष होने के बाद घटना के मास्टर माइंड सुरेश पाल सिंह तोमर की तलाश में पुलिस ने उझानी में भी खाक छानी थी। पुलिस की पकड़ में पहुंचने के बाद वह अपने बेटे विपिन तोमर के साथ बरेली जेल में बंद था। इसके बाद उसको स्थानीय जिला कारागार में शिफ्ट किया गया तो यहां वह जेल प्रशासन से अपनी बीमारी का बहाना बना रहा है।
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हिस्ट्रीशीटर का कहना है कि उसके जख्म अभी सही नहीं हुए हैं और वह अन्य बीमारियों का भी शिकार है। बताते हैं कि वह किसी तरह से जिला अस्पताल में भर्ती होना चाहता है, ताकि अपना नेटवर्क वहां से चला सके मगर जिला कारागार प्रशासन उसपर लगातार नजर रखे हुए है।
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बीमारी की बात पता चलने पर जेल अधीक्षक डॉ. विनय कुमार ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया, मगर जांच में कोई गंभीर बात सामने नहीं आई। इस संबंध में जेल अधीक्षक का कहना है कि वह बीमारी बताकर अस्पताल में शिफ्ट करने की बात कह रहा है। जिला कारागार अस्पताल में उसको भर्ती कराया जा सकता है, लेकिन उसकी हालत सही है। डॉक्टरों ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण कर लिया
है।