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यहां तो नवविवाहिताएं भी शौच को खेतों में जाती हैं
दबतोरी।
Updated Thu, 27 Jul 2017 12:34 AM IST
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खुले में शौच
- फोटो : अमर उजाला
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आसफपुर ब्लॉक के लक्ष्मीपुर गांव में साढ़े सात सौ परिवार शौचालयविहीन
खुले में शौच के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से स्वच्छ भारत अभियान के तहत किए जा रहे तमाम प्रयासों के बावजूद घर में शौचालय न होने की वजह से आसफपुर ब्लॉक के लक्ष्मीपुर गांव में नवविवाहिताओं और युवतियों को भी खेतों में जाना पड़ रहा है। रोजाना भोर में इस गांव की बहुएं, माताएं और बहनें लोटा लेकर खेतों को जाने को विवश हैं लेकिन आर्थिक तंगी की वजह से उनके परिवार में स्वच्छ शौचालय नहीं बन पा रहे हैं। गांव के नेमचंद्र मौर्य कहते हैं कि बाहर असुरक्षा की वजह से नवविवाहिताएं और लड़कियां घर की बुजुर्ग महिलाओं के साथ खेतों में जाती हैं। बारिश के दिनों में छाते का सहारा लेना होता है। गेंदन लाल, जोगेंद्र, चित्र प्रकाश, रामबाबू, हीरालाल, राम निवास, श्याम लाल, हुक्म सिंह, महेंद्र पाल, हरिबाबू, धर्मेंद्र, लटूरी, राजपाल, कुंवर पाल, ओमपाल, मान सिंह समेत करीब साढ़े सात सौ घरों में शौचालय नहीं बनाए गए हैं। ये सारे लोग मजदूर पेशा हैं। कुंवरपाल कहते हैं कि सचिव से कई बार कहा कि उनके घरों में भी सरकारी मदद से शौचालय बनवा दो लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ है। यह ग्रामीण शौचालय निर्माण के लिए बिसौली तहसील में मांग भी कर चुके हैं लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला है। ग्राम प्रधान इशरत खान का कहना है कि शौचालयविहीन परिवारों का सर्वे करा लिया गया है, इसका प्रस्ताव भेज दिया है, जल्द ही शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा।
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शौचालय के लिए सड़क पर उतरे लोग
वजीरगंज। नगर में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत बन रहे शौचालयों के लाभार्थियों की ओर से टैंक निर्माण पूर्ण कराने के बावजूद नगर पंचायत प्रशासन ने उनको अनुदान की पहली किश्त का एक माह बाद भी भुगतान नहीं किया है। इससे गुस्साए लाभार्थियों ने बुधवार को नगर पंचायत कार्यालय में जमकर हंगामा किया।
नगर में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत जिन घरों में शौचालय नही हैं उन घरों में शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। नियमानुसार चयनित लाभार्थी को पहले टैंक का निर्माण खुद करना होता है जिसके पूर्ण होने पर नगर पंचायत द्वारा लाभार्थी के खाते में अनुदान की पहली किश्त के रूप में चार हजार रुपये की धनराशि डाल दी जाती है। नगर में चयनित लाभार्थियों ने अपने-अपने शौचालयों के टैंक का निर्माण एक माह पूर्व ही करा लिया मगर अभी तक उनके खाते में चार हजार रुपये नहीं आए। इससे गुस्साकर वार्ड एक की महिलाओं ने नगर पंचायत कार्यालय पर जमकर हंगामा किया। महिलाओं का आरोप था कि उन्होंने एक माह पूर्व ही अपने टैंक का निर्माण करा लिया जिसकी सूचना मय प्रमाण के नगर पंचायत को भी दे दी मगर कई बार कहने के बाद भी अभी तक उन्हें रुपये नहीं मिल पाए हैं। मोरकली, उर्मिला देवी, माला देवी, वीरावती, सोमवती, संतोष, मुन्नीदेवी, कमलेश, मानवती, मंजूलता, प्रेमवती, सुनीता, सीमा आदि दर्जनों महिलाएं मौजूद रहीं।
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खुले में शौच के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से स्वच्छ भारत अभियान के तहत किए जा रहे तमाम प्रयासों के बावजूद घर में शौचालय न होने की वजह से आसफपुर ब्लॉक के लक्ष्मीपुर गांव में नवविवाहिताओं और युवतियों को भी खेतों में जाना पड़ रहा है। रोजाना भोर में इस गांव की बहुएं, माताएं और बहनें लोटा लेकर खेतों को जाने को विवश हैं लेकिन आर्थिक तंगी की वजह से उनके परिवार में स्वच्छ शौचालय नहीं बन पा रहे हैं। गांव के नेमचंद्र मौर्य कहते हैं कि बाहर असुरक्षा की वजह से नवविवाहिताएं और लड़कियां घर की बुजुर्ग महिलाओं के साथ खेतों में जाती हैं। बारिश के दिनों में छाते का सहारा लेना होता है। गेंदन लाल, जोगेंद्र, चित्र प्रकाश, रामबाबू, हीरालाल, राम निवास, श्याम लाल, हुक्म सिंह, महेंद्र पाल, हरिबाबू, धर्मेंद्र, लटूरी, राजपाल, कुंवर पाल, ओमपाल, मान सिंह समेत करीब साढ़े सात सौ घरों में शौचालय नहीं बनाए गए हैं। ये सारे लोग मजदूर पेशा हैं। कुंवरपाल कहते हैं कि सचिव से कई बार कहा कि उनके घरों में भी सरकारी मदद से शौचालय बनवा दो लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ है। यह ग्रामीण शौचालय निर्माण के लिए बिसौली तहसील में मांग भी कर चुके हैं लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला है। ग्राम प्रधान इशरत खान का कहना है कि शौचालयविहीन परिवारों का सर्वे करा लिया गया है, इसका प्रस्ताव भेज दिया है, जल्द ही शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा।
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शौचालय के लिए सड़क पर उतरे लोग
वजीरगंज। नगर में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत बन रहे शौचालयों के लाभार्थियों की ओर से टैंक निर्माण पूर्ण कराने के बावजूद नगर पंचायत प्रशासन ने उनको अनुदान की पहली किश्त का एक माह बाद भी भुगतान नहीं किया है। इससे गुस्साए लाभार्थियों ने बुधवार को नगर पंचायत कार्यालय में जमकर हंगामा किया।
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नगर में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत जिन घरों में शौचालय नही हैं उन घरों में शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। नियमानुसार चयनित लाभार्थी को पहले टैंक का निर्माण खुद करना होता है जिसके पूर्ण होने पर नगर पंचायत द्वारा लाभार्थी के खाते में अनुदान की पहली किश्त के रूप में चार हजार रुपये की धनराशि डाल दी जाती है। नगर में चयनित लाभार्थियों ने अपने-अपने शौचालयों के टैंक का निर्माण एक माह पूर्व ही करा लिया मगर अभी तक उनके खाते में चार हजार रुपये नहीं आए। इससे गुस्साकर वार्ड एक की महिलाओं ने नगर पंचायत कार्यालय पर जमकर हंगामा किया। महिलाओं का आरोप था कि उन्होंने एक माह पूर्व ही अपने टैंक का निर्माण करा लिया जिसकी सूचना मय प्रमाण के नगर पंचायत को भी दे दी मगर कई बार कहने के बाद भी अभी तक उन्हें रुपये नहीं मिल पाए हैं। मोरकली, उर्मिला देवी, माला देवी, वीरावती, सोमवती, संतोष, मुन्नीदेवी, कमलेश, मानवती, मंजूलता, प्रेमवती, सुनीता, सीमा आदि दर्जनों महिलाएं मौजूद रहीं।
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