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Budaun News: 12 अप्रैल को होनी है सुनवाई, पशुधन प्रसार अधिकारियों की धड़कनें तेज
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- एसआईटी की जांच में नियुक्ति में मिली थीं कई गड़बड़ियां
- 2017 में जिले में आए थे 12 पशुधन प्रसार अधिकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। पशुपालन विभाग ने वर्ष 2013-14 में पशुधन प्रसार अधिकारियों की भर्ती निकाली थी, लेकिन यह मामला कोर्ट में चला था। हालांकि 2017 में 12 पशुधन प्रसार अधिकारियों को तैनाती दे दी गई थी। इस मामले में एसआईटी की जांच में नियुक्ति में कई गड़बड़ियां निकली हैं। 12 अप्रैल को इस मामले में उच्च न्यायालय में सुनवाई होनी है। इससे पशुधन प्रसार अधिकारियों की खलबली मची हुई है।
जिले के 15 ब्लॉकों में 23 पशुधन प्रसार अधिकारी तैनात हैं। इनमें से 12 पशुधन अधिकारी ने 2017 में कार्यभार ग्रहण किया था। इनकी अलग-अलग ब्लॉकों में तैनाती की गई थी। नियुक्ति के कुछ माह बाद ही सरकार बदली तो भर्ती प्रक्रिया जांच के दायरे में आ गई। एसआईटी की जांच में अब गड़बड़ियां उजागर होने के बाद शासन स्तर से कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसकी जानकारी होने पर पशुधन प्रसार अधिकारियों की नींद उड़ गई है।
चर्चा है कि जांच पूरी होने के बाद समूची भर्ती प्रक्रिया रद्द की जा सकती है, क्योंकि प्रदेश सरकार की ओर से न्यायालय में जवाब दाखिल कर दिया गया है। अब 12 अप्रैल को इस मामले में सुनवाई है। ऐसे में पशुधन प्रसार अधिकारियों की धड़कनें तेज हो गईं हैं। इस संबंध में सीवीओ डॉ. निरंजन सिंह कहा कि यह मामला शासन स्तर का है। वहां से जो भी फैसला होगा, वह मान्य होगा।
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- 2017 में जिले में आए थे 12 पशुधन प्रसार अधिकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। पशुपालन विभाग ने वर्ष 2013-14 में पशुधन प्रसार अधिकारियों की भर्ती निकाली थी, लेकिन यह मामला कोर्ट में चला था। हालांकि 2017 में 12 पशुधन प्रसार अधिकारियों को तैनाती दे दी गई थी। इस मामले में एसआईटी की जांच में नियुक्ति में कई गड़बड़ियां निकली हैं। 12 अप्रैल को इस मामले में उच्च न्यायालय में सुनवाई होनी है। इससे पशुधन प्रसार अधिकारियों की खलबली मची हुई है।
जिले के 15 ब्लॉकों में 23 पशुधन प्रसार अधिकारी तैनात हैं। इनमें से 12 पशुधन अधिकारी ने 2017 में कार्यभार ग्रहण किया था। इनकी अलग-अलग ब्लॉकों में तैनाती की गई थी। नियुक्ति के कुछ माह बाद ही सरकार बदली तो भर्ती प्रक्रिया जांच के दायरे में आ गई। एसआईटी की जांच में अब गड़बड़ियां उजागर होने के बाद शासन स्तर से कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसकी जानकारी होने पर पशुधन प्रसार अधिकारियों की नींद उड़ गई है।
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चर्चा है कि जांच पूरी होने के बाद समूची भर्ती प्रक्रिया रद्द की जा सकती है, क्योंकि प्रदेश सरकार की ओर से न्यायालय में जवाब दाखिल कर दिया गया है। अब 12 अप्रैल को इस मामले में सुनवाई है। ऐसे में पशुधन प्रसार अधिकारियों की धड़कनें तेज हो गईं हैं। इस संबंध में सीवीओ डॉ. निरंजन सिंह कहा कि यह मामला शासन स्तर का है। वहां से जो भी फैसला होगा, वह मान्य होगा।
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