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घटपुरी और समरेर में 1.60 करोड़ से बनेंगी ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट
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बदायूं। जिला अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के साथ आने वाले समय में जिले में सीएचसी स्तर पर भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। जिले में घटपुरी और समरेर सीएचसी को ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट के रूप में विकसित किया जाएगा। दोनों सीएचसी पर 1.60 करोड़ खर्च होंगे। इसके लिए शासन से स्वीकृति मिल गई है। सीएचसी को ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट के रूप में विकसित करने का काम राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत होगा।
पीएम आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए कई काम हो रहे हैं। जिला अस्पताल में इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ पैथोलॉजी लैब, 30 बेड का आईसीयू और 12 बेड के डीएचयू का काम जल्द शुरू हो जाएगा। इसके लिए शासन से 2.50 करोड़ का बजट भी मिल चुका है। जिला अस्पताल के बाद अब सीएचसी स्तर पर बेहतर चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं विकसित की जाएंगी। इसके लिए पहले चरण में घटपुरी और समरेर सीएचसी का चयन किया गया है। इन दोनों पीएचसी को ब्लॉक पब्लिक हेल्ट यूनिट के रूप में विकसित किया जाना है। दोनों सीएचसी पर 80-80 लाख खर्च किया जाएगा।
ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट बनने के बाद सीएचसी स्तर पर आधुनिक पैथालॉजी सेवाओं के साथ अल्ट्रासाउंड, ईसीजी और एक्स-रे सेवाएं भी मिल सकेंगी। गंभीर रोगियों को ही जिला अस्पताल या फिर हायर सेंटर रेफर किया जाएगा। अब तक सीएचसी स्तर पर सभी प्रकार की सुविधाएं नहीं हैं। एनएचएम के तहत घटपुरी और समरेर सीएचसी को ब्लॉक पब्लिक हेल्थ सेंटर के रूप में विकसित करने का काम जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
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जिला अस्पताल के रेफलर यूनिट नहीं रहेंगे सीएचसी
अब तक जिले में ज्यादातर पीएचसी और सीएचसी जिला अस्पताल के रेफलर यूनिट के रूप में काम कर रहे हैं। गंभीर घायलों या बीमारों को सीएचसी से पहले जिला अस्पताल रेफर किया जाता है और जिला अस्पताल से उनको हायर सेंटर रेफर किया जाता है। कई बार रेफर करने में देर से इलाज मिलने में भी देरी हो जाती है और गंभीर की जान तक चली जाती है। ब्लॉक पब्लिक हेल्थ सेंटर जिला अस्पताल के रेफलर सेंटर नहीं होंगे। यहां से गंभीर घायल या बीमार को जिला अस्पताल के स्थान पर सीधे हायर सेंटर रेफर करने की सुविधा होगी। ऐसे में समय की बचत होगी और इलाज में देरी से लोगों की जान नहीं जाएगी।
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जिले में घटपुरी और समरेर को पब्लिक हेल्थ यूनिट के रूप में विकसित किया जाना है। इसके बाद यहां आधुनिक चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी। सीएचसी स्तर पर ही आधुनिक पैथालॉजी जांच, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, ईसीजी आदि सुविधाएं होंगी। ज्यादा गंभीर घायलों और रोगियों को यहां से सीधे हायर सेंटर रेफर करने की सुविधा होगी।
-डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ
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पीएम आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए कई काम हो रहे हैं। जिला अस्पताल में इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ पैथोलॉजी लैब, 30 बेड का आईसीयू और 12 बेड के डीएचयू का काम जल्द शुरू हो जाएगा। इसके लिए शासन से 2.50 करोड़ का बजट भी मिल चुका है। जिला अस्पताल के बाद अब सीएचसी स्तर पर बेहतर चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं विकसित की जाएंगी। इसके लिए पहले चरण में घटपुरी और समरेर सीएचसी का चयन किया गया है। इन दोनों पीएचसी को ब्लॉक पब्लिक हेल्ट यूनिट के रूप में विकसित किया जाना है। दोनों सीएचसी पर 80-80 लाख खर्च किया जाएगा।
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ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट बनने के बाद सीएचसी स्तर पर आधुनिक पैथालॉजी सेवाओं के साथ अल्ट्रासाउंड, ईसीजी और एक्स-रे सेवाएं भी मिल सकेंगी। गंभीर रोगियों को ही जिला अस्पताल या फिर हायर सेंटर रेफर किया जाएगा। अब तक सीएचसी स्तर पर सभी प्रकार की सुविधाएं नहीं हैं। एनएचएम के तहत घटपुरी और समरेर सीएचसी को ब्लॉक पब्लिक हेल्थ सेंटर के रूप में विकसित करने का काम जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
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जिला अस्पताल के रेफलर यूनिट नहीं रहेंगे सीएचसी
अब तक जिले में ज्यादातर पीएचसी और सीएचसी जिला अस्पताल के रेफलर यूनिट के रूप में काम कर रहे हैं। गंभीर घायलों या बीमारों को सीएचसी से पहले जिला अस्पताल रेफर किया जाता है और जिला अस्पताल से उनको हायर सेंटर रेफर किया जाता है। कई बार रेफर करने में देर से इलाज मिलने में भी देरी हो जाती है और गंभीर की जान तक चली जाती है। ब्लॉक पब्लिक हेल्थ सेंटर जिला अस्पताल के रेफलर सेंटर नहीं होंगे। यहां से गंभीर घायल या बीमार को जिला अस्पताल के स्थान पर सीधे हायर सेंटर रेफर करने की सुविधा होगी। ऐसे में समय की बचत होगी और इलाज में देरी से लोगों की जान नहीं जाएगी।
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जिले में घटपुरी और समरेर को पब्लिक हेल्थ यूनिट के रूप में विकसित किया जाना है। इसके बाद यहां आधुनिक चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी। सीएचसी स्तर पर ही आधुनिक पैथालॉजी जांच, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, ईसीजी आदि सुविधाएं होंगी। ज्यादा गंभीर घायलों और रोगियों को यहां से सीधे हायर सेंटर रेफर करने की सुविधा होगी।
-डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ