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BADAUN : निलंबित और गैर जिले के डॉक्टर का भी बदायूं से कर दिया तबादला
Thu, 21 Jul 2022 12:07 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 21 Jul 2022 12:07 AM IST
सार
बदायूं में भी तबादला घोटाला से जुड़े मामला सामने आ रहा है। निलंबित और गैर जिले के डॉक्टर का भी यहां तबादला कर दिया है। सीएमओ ने इसकी जानकारी शासन को भेजी है।
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- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
शासन स्तर से स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर किए गए तबादलों में बदायूं में भी गड़बड़ी सामने आई है। बदायूं से ऐसे डॉक्टर का तबादला शामली कर दिया गया, जिनकी कभी यहां तैनाती ही नहीं रही तो भ्रष्टाचार के आरोपों में सात साल से निलंबित डॉक्टर का बिना बहाली बदायूं से कासगंज तबादला कर दिया गया। सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय के स्तर से इस संबंध में शासन को लिखा गया है।
स्वास्थ्य समेत विभिन्न विभागों में हुए तबादलों को लेकर प्रदेश सरकार घिरने लगी है। पहले स्वास्थ्य विभाग फिर लोक निर्माण और जल शक्ति विभाग में हुए तबादलों पर उंगलियां उठने पर शासन स्तर से जांच के आदेश दिए गए। जांच में कई आरोप सही साबित होने पर शासन स्तर से कार्रवाई भी की जा रही है। जिले के स्वास्थ्य विभाग में पिछले दिनों बड़े पैमाने पर तबादले होने के बाद बदायूं से सीएमओ के अधीन 15 और सीएमएस के अधीन दो डॉक्टरों का तबादला गैर जनपदों में किया गया। तबादला सूची सीएमओ कार्यालय पहुंचने के बाद डॉक्टरों को रिलीव करने की कार्रवाई भी चालू कर दी गई। 15 डॉक्टरों को रिलीव कर दिया गया।
तबादला सूची में डॉ. नीरज अग्रवाल और डॉ. वीपी सिंह के भी नाम थे। पड़ताल की गई तो पता लगा कि डॉ. वीपी सिंह को सात साल पहले अगस्त 2015 में भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते निलंबित कर दिया गया था। उनको अब तक बहाल नहीं किया गया है। एक अन्य नाम डॉ. नीरज अग्रवाल का था। डॉ. नीरज की बदायूं में तैनाती ही नहीं है। इसके बावजूद डॉ. वीपी सिंह का बिना बहाली बदायूं से कासगंज और डॉ. नीरज अग्रवाल का बदायूं से शामली तबादला कर दिया गया। तबादला आदेशों के अनुपालन के बाद सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय ने शासन को लिखा है कि शामली भेजे गए डॉ. नीरज अग्रवाल की बदायूं में तैनाती नहीं है और बदायूं से कासगंज तबादला किए गए डॉ. वीपी सिंह अगस्त 2015 से निलंबित चल रहे हैं। अब तक उन्हें बहाल नहीं किया गया है।
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नर्सिंग होम संचालकों से वसूली में फंसे थे डॉ. सिंह
बदायूं में बतौर एसीएमओ तैनाती के दौरान डॉ. वीपी सिंह नर्सिंग होम संचालकों से पंजीकरण और नवीनीकरण के नाम पर वसूली में फंसे थे। आईएमए के तत्कालीन सचिव डॉ. इत्तेहाद आलम ने उनकी शिकायत अधिकारियों से की थी। मामले में जांच के बाद आरोप सही पाए गए। इसके बाद डॉ. वीपी सिंह ने निजी डॉक्टरों से वसूली गई रकम भी वापस की थी। शासन स्तर से हुई जांच के बाद उनको अगस्त 2015 में निलंबित कर दिया गया इसके बाद अब तक उनकी बहाली नहीं हो सकी है।
निदेशालय को सूचना भेजी गई है
तबादले शासन स्तर से किए गए हैं। यह बात सही है कि डॉ. नीरज अग्रवाल की मेरे अधीन जिले में तैनाती नहीं है। डॉ. नीरज का बदायूं से शामली तबादला किया गया है। डॉ. वीपी सिंह अगस्त 2015 से निलंबित चल रहे हैं। वह किस प्रकरण में निलंबित किए गए इसकी जानकारी मुझे नहीं है। डॉ. वीपी सिंह का बिना बहाली बदायूं से कासगंज तबादला किया गया है। इस संबंध में सूचनाएं निदेशालय भेजी जा रही हैं।
- डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ
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स्वास्थ्य समेत विभिन्न विभागों में हुए तबादलों को लेकर प्रदेश सरकार घिरने लगी है। पहले स्वास्थ्य विभाग फिर लोक निर्माण और जल शक्ति विभाग में हुए तबादलों पर उंगलियां उठने पर शासन स्तर से जांच के आदेश दिए गए। जांच में कई आरोप सही साबित होने पर शासन स्तर से कार्रवाई भी की जा रही है। जिले के स्वास्थ्य विभाग में पिछले दिनों बड़े पैमाने पर तबादले होने के बाद बदायूं से सीएमओ के अधीन 15 और सीएमएस के अधीन दो डॉक्टरों का तबादला गैर जनपदों में किया गया। तबादला सूची सीएमओ कार्यालय पहुंचने के बाद डॉक्टरों को रिलीव करने की कार्रवाई भी चालू कर दी गई। 15 डॉक्टरों को रिलीव कर दिया गया।
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तबादला सूची में डॉ. नीरज अग्रवाल और डॉ. वीपी सिंह के भी नाम थे। पड़ताल की गई तो पता लगा कि डॉ. वीपी सिंह को सात साल पहले अगस्त 2015 में भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते निलंबित कर दिया गया था। उनको अब तक बहाल नहीं किया गया है। एक अन्य नाम डॉ. नीरज अग्रवाल का था। डॉ. नीरज की बदायूं में तैनाती ही नहीं है। इसके बावजूद डॉ. वीपी सिंह का बिना बहाली बदायूं से कासगंज और डॉ. नीरज अग्रवाल का बदायूं से शामली तबादला कर दिया गया। तबादला आदेशों के अनुपालन के बाद सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय ने शासन को लिखा है कि शामली भेजे गए डॉ. नीरज अग्रवाल की बदायूं में तैनाती नहीं है और बदायूं से कासगंज तबादला किए गए डॉ. वीपी सिंह अगस्त 2015 से निलंबित चल रहे हैं। अब तक उन्हें बहाल नहीं किया गया है।
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नर्सिंग होम संचालकों से वसूली में फंसे थे डॉ. सिंह
बदायूं में बतौर एसीएमओ तैनाती के दौरान डॉ. वीपी सिंह नर्सिंग होम संचालकों से पंजीकरण और नवीनीकरण के नाम पर वसूली में फंसे थे। आईएमए के तत्कालीन सचिव डॉ. इत्तेहाद आलम ने उनकी शिकायत अधिकारियों से की थी। मामले में जांच के बाद आरोप सही पाए गए। इसके बाद डॉ. वीपी सिंह ने निजी डॉक्टरों से वसूली गई रकम भी वापस की थी। शासन स्तर से हुई जांच के बाद उनको अगस्त 2015 में निलंबित कर दिया गया इसके बाद अब तक उनकी बहाली नहीं हो सकी है।
निदेशालय को सूचना भेजी गई है
तबादले शासन स्तर से किए गए हैं। यह बात सही है कि डॉ. नीरज अग्रवाल की मेरे अधीन जिले में तैनाती नहीं है। डॉ. नीरज का बदायूं से शामली तबादला किया गया है। डॉ. वीपी सिंह अगस्त 2015 से निलंबित चल रहे हैं। वह किस प्रकरण में निलंबित किए गए इसकी जानकारी मुझे नहीं है। डॉ. वीपी सिंह का बिना बहाली बदायूं से कासगंज तबादला किया गया है। इस संबंध में सूचनाएं निदेशालय भेजी जा रही हैं।
- डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ