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पीलीभीत के बच्चे की अब भी हालत गंभीर, वेंटिलेटर पर
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बदायूं। पीलीभीत के रंपुरा कोन निवासी राजकुमार के बच्चे की हालत अब भी चिंताजनक बनी हुई है। उसका इलाज राजकीय मेडिकल कॉलेज में वरिष्ठ डॉक्टरों की देखरेख में चल रहा है। हालांकि बच्चा पिछले तीन दिनों से वेंटिलेटर पर है। डॉक्टर के अनुसार बच्चे की किडनी और लिवर में इंफेक्शन है।
पीलीभीत के पूरनपुर के गांव रंपुरा कोन निवासी राजकुमार पंजाब में नौकरी करते हैं। उनका लगभग पौन माह का बच्चा अपनी मां पुष्पा के साथ में गांव में रहता है। पिछले दिनों उसे निमोनिया हो गया। ऐसे में उसे वहां के जिला अस्पताल में भर्ती किया गया।
इलाज के दौरान बच्चे को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, ऐसे में उसे ऑक्सीजन की जरूरत होने पर भी ऑक्सीजन मुहैया नहीं हो पाई थी। पुष्पा के बार बार कहे जाने पर वहां के स्टाफ ने दिखावे के लिए बिना ऑक्सीजन के ही उसके मास्क लगा दिया था। कुछ देर बाद बच्चे की हालत खराब होने लगी। उसे बरेली रेफर किया गया। वहां से बच्चे को बुधवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज भेज दिया दिया। तब से वरिष्ठ डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है। डॉ. प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल बच्चे की स्थिति नाजुक बनी हुई है। उसके लिवर, किडनी में इंफेक्शन हो गया है। इसकी वजह से बच्चे को ज्यादा दिक्कत है। इस संबंध में राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र गुप्ता ने बताया कि बच्चे को यहां पर बेहतर इलाज देने की कोशिश की जा रही है।
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पीलीभीत के पूरनपुर के गांव रंपुरा कोन निवासी राजकुमार पंजाब में नौकरी करते हैं। उनका लगभग पौन माह का बच्चा अपनी मां पुष्पा के साथ में गांव में रहता है। पिछले दिनों उसे निमोनिया हो गया। ऐसे में उसे वहां के जिला अस्पताल में भर्ती किया गया।
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इलाज के दौरान बच्चे को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, ऐसे में उसे ऑक्सीजन की जरूरत होने पर भी ऑक्सीजन मुहैया नहीं हो पाई थी। पुष्पा के बार बार कहे जाने पर वहां के स्टाफ ने दिखावे के लिए बिना ऑक्सीजन के ही उसके मास्क लगा दिया था। कुछ देर बाद बच्चे की हालत खराब होने लगी। उसे बरेली रेफर किया गया। वहां से बच्चे को बुधवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज भेज दिया दिया। तब से वरिष्ठ डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है। डॉ. प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल बच्चे की स्थिति नाजुक बनी हुई है। उसके लिवर, किडनी में इंफेक्शन हो गया है। इसकी वजह से बच्चे को ज्यादा दिक्कत है। इस संबंध में राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र गुप्ता ने बताया कि बच्चे को यहां पर बेहतर इलाज देने की कोशिश की जा रही है।
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