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राजकीय मेडिकल कॉलेज में 501 पदों पर नियुक्तियों को शासन ने दी मंजूरी
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राजकीय मेडीकल कॉलेज। फाइल फोटो
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज इसी वर्ष 501 पदों पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्तियां करेगा। यह पद शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक संवर्ग के साथ अन्य सेवाओं से संबंधी होंगे। इन पदों पर इसी वर्ष नियुक्तियां कर मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) को सूचित किया जाएगा। अब तक राजकीय मेडिकल कॉलेज मानव संसाधन मामले में एमसीआई के मानकों को पूरा नहीं कर रहा है।
पिछले वर्ष एमसीआई ने राजकीय मेडिकल कॉलेज को नोटिस जारी कर शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक संवर्ग के साथ अन्य फैकल्टी को लेकर सूचना मांगी थी। यहां से जो सूचनाएं भेजी गईं उनमें सबसे ज्यादा कमी मानव संसाधन की रही। एमसीआई ने मेडिकल कॉलेज को मानव संसाधन के मामले में फैकल्टी पूरी करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने यहां विभिन्न संवर्ग में रिक्त पदों पर नियुक्तियों के संबंध में शासन को लिखा था। अब शासन ने इन सभी 501 पदों पर आउटसोर्सिंग के जरिये नियुक्तियों का आदेश जारी कर दिया है। सभी पदों पर इसी वर्ष नियुक्तियां की जानी हैं। शासन की ओर से राजकीय मेडिकल कॉलेज को भेजे गए आदेश में यह भी कहा गया है कि ऐसे पदों पर नियुक्तियां न की जाएं जो अनावश्यक हैं या फिर पूर्व में उनको खत्म किया जा चुका है।
मेडिकल कॉलेज में जिन 501 पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं उनमें शैक्षणिक संवर्ग में 21 एमबीबीएस डॉक्टरों के पद सृजित किए गए हैं। पैरामेडिकल स्टाफ में एमसीआई के मानकों के अनुसार 230 नए पदों का सृजन किया गया है। इसके अलावा अन्य तकनीकी संवर्ग में 93 पदों के अलावा रिकॉर्ड कीपर के 19 और स्टोर कीपर के तीन पदों समेत अन्य पदों पर भी तैनाती की जाएगी। इसी वर्ष मेडिकल कॉलेज में एमसीआई के मानकों के अनुरूप 501 पदों पर तैनाती के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं।
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2019 में शुरू हुई थी ओपीडी और एमबीबीएस की कक्षाएं
राजकीय मेडिकल कॉलेज में ओपीडी सेवाओं के बाद 2019 में एमबीबीएस की कक्षाएं भी शुरू हो गई थीं। 100 सीट के राजकीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस कक्षाएं शुरू होने के बाद भी मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के मानकों के अनुसार फैकल्टी पूरी नहीं हो रही थीं। एमबीबीएस कक्षाएं लगने के बाद भी राजकीय मेडिकल कॉलेज में उच्च स्तर की चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रहीं हैं। हालात ऐसे बने हुए हैं कि यहां से घायलों और गंभीर बीमारों को लखनऊ, सैफई और अलीगढ़ रेफर करना पड़ता है। उम्मीद की जा रही है कि फैकल्टी पूरी होने के बाद यहां चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा।
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मेडिकल कॉलेज में कई पद रिक्त चल रहे हैं। इनको भरा जाना है, लेकिन अभी केवल उन पदों को भरा जाना है, जिनकी कॉलेज के लिए जरूरत है। इसमें डॉक्टर और शिक्षक शामिल हैं।
-डॉ. धर्मेंद्र गुप्ता, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज
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पिछले वर्ष एमसीआई ने राजकीय मेडिकल कॉलेज को नोटिस जारी कर शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक संवर्ग के साथ अन्य फैकल्टी को लेकर सूचना मांगी थी। यहां से जो सूचनाएं भेजी गईं उनमें सबसे ज्यादा कमी मानव संसाधन की रही। एमसीआई ने मेडिकल कॉलेज को मानव संसाधन के मामले में फैकल्टी पूरी करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने यहां विभिन्न संवर्ग में रिक्त पदों पर नियुक्तियों के संबंध में शासन को लिखा था। अब शासन ने इन सभी 501 पदों पर आउटसोर्सिंग के जरिये नियुक्तियों का आदेश जारी कर दिया है। सभी पदों पर इसी वर्ष नियुक्तियां की जानी हैं। शासन की ओर से राजकीय मेडिकल कॉलेज को भेजे गए आदेश में यह भी कहा गया है कि ऐसे पदों पर नियुक्तियां न की जाएं जो अनावश्यक हैं या फिर पूर्व में उनको खत्म किया जा चुका है।
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मेडिकल कॉलेज में जिन 501 पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं उनमें शैक्षणिक संवर्ग में 21 एमबीबीएस डॉक्टरों के पद सृजित किए गए हैं। पैरामेडिकल स्टाफ में एमसीआई के मानकों के अनुसार 230 नए पदों का सृजन किया गया है। इसके अलावा अन्य तकनीकी संवर्ग में 93 पदों के अलावा रिकॉर्ड कीपर के 19 और स्टोर कीपर के तीन पदों समेत अन्य पदों पर भी तैनाती की जाएगी। इसी वर्ष मेडिकल कॉलेज में एमसीआई के मानकों के अनुरूप 501 पदों पर तैनाती के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं।
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2019 में शुरू हुई थी ओपीडी और एमबीबीएस की कक्षाएं
राजकीय मेडिकल कॉलेज में ओपीडी सेवाओं के बाद 2019 में एमबीबीएस की कक्षाएं भी शुरू हो गई थीं। 100 सीट के राजकीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस कक्षाएं शुरू होने के बाद भी मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के मानकों के अनुसार फैकल्टी पूरी नहीं हो रही थीं। एमबीबीएस कक्षाएं लगने के बाद भी राजकीय मेडिकल कॉलेज में उच्च स्तर की चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रहीं हैं। हालात ऐसे बने हुए हैं कि यहां से घायलों और गंभीर बीमारों को लखनऊ, सैफई और अलीगढ़ रेफर करना पड़ता है। उम्मीद की जा रही है कि फैकल्टी पूरी होने के बाद यहां चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा।
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मेडिकल कॉलेज में कई पद रिक्त चल रहे हैं। इनको भरा जाना है, लेकिन अभी केवल उन पदों को भरा जाना है, जिनकी कॉलेज के लिए जरूरत है। इसमें डॉक्टर और शिक्षक शामिल हैं।
-डॉ. धर्मेंद्र गुप्ता, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज